विश्व फुटबॉल की सबसे चर्चित प्रतिद्वंद्विताओं में से एक का नया अध्याय बुधवार को अटलांटा में लिखा जाएगा, जब मौजूदा चैंपियन अर्जेंटीना और इंग्लैंड फीफा विश्व कप 2026 के दूसरे सेमीफाइनल में आमने-सामने होंगे. मुकाबला भारतीय समयानुसार 15 जुलाई की रात 12:30 बजे से खेला जाएगा. दांव सिर्फ फाइनल का टिकट नहीं, बल्कि इतिहास में एक और यादगार जीत दर्ज करने का भी है.
मेसी की नजर लगातार दूसरे फाइनल पर
लियोनेल मेसी की अगुआई में अर्जेंटीना लगातार दूसरी बार विश्व कप फाइनल में पहुंचने का सपना देख रही है. टीम ने पूरे टूर्नामेंट में आक्रामक खेल दिखाया है और अब तक 17 गोल दाग चुकी है. मेसी शानदार फॉर्म में हैं, जबकि जूलियन अल्वारेज और लाउतारो मार्टिनेज जैसे खिलाड़ी विपक्षी रक्षा पंक्ति के लिए लगातार खतरा बने हुए हैं.
1966 के बाद खिताब का इंतजार खत्म करना चाहेगा इंग्लैंड
दूसरी ओर, जूड बेलिंगहैम और हैरी केन से सजी इंग्लैंड की टीम 1966 के बाद पहली विश्व कप ट्रॉफी जीतने की उम्मीद के साथ मैदान पर उतरेगी. कोच थॉमस टुखेल के नेतृत्व में टीम ने संतुलित प्रदर्शन किया है और नॉकआउट मुकाबलों में दबाव के बीच जीत हासिल कर अंतिम चार में जगह बनाई है.
अर्जेंटीना की ताकत उसका आक्रमण
अर्जेंटीना की सबसे बड़ी ताकत उसका अनुभवी और आक्रामक खेल है. मध्यपंक्ति में एलेक्सिस मैक एलिस्टर, एंजो फर्नांडीज और रोड्रिगो डी पॉल का संयोजन टीम को संतुलन देता है. वहीं मेसी का अनुभव बड़े मुकाबलों में टीम के लिए सबसे बड़ा हथियार साबित हो सकता है.
रक्षा पंक्ति बढ़ा सकती है अर्जेंटीना की चिंता
हालांकि अर्जेंटीना की रक्षा पंक्ति टूर्नामेंट में पूरी तरह अभेद्य नहीं रही है. केप वर्डे, मिस्र और स्विट्जरलैंड जैसी टीमों ने उसके खिलाफ गोल किए हैं. नॉकआउट चरण में अतिरिक्त समय तक खिंचे मुकाबलों का असर खिलाड़ियों की फिटनेस पर भी पड़ सकता है.
इंग्लैंड की सबसे बड़ी ताकत संतुलित टीम संयोजन
इंग्लैंड की ताकत उसकी संगठित रक्षापंक्ति और मजबूत मध्यक्रम है. जूड बेलिंगहैम शानदार लय में हैं और नॉकआउट चरण में कई अहम गोल कर चुके हैं. कप्तान हैरी केन अनुभव और गोल स्कोरिंग क्षमता दोनों प्रदान करते हैं. सेट-पीस स्थितियों में भी इंग्लैंड खतरनाक साबित हुआ है.
गोल के मौकों को भुनाना रहा है चुनौती
इंग्लैंड की सबसे बड़ी कमजोरी मौके बनाने के बावजूद उन्हें गोल में नहीं बदल पाना रही है. कई मुकाबलों में टीम को जीत के लिए आखिरी मिनटों तक संघर्ष करना पड़ा. बड़े मैचों में दबाव झेलने का इतिहास भी इंग्लैंड के साथ जुड़ा रहा है.
'हैंड ऑफ गॉड' से जुड़ी है इस मुकाबले की कहानी
अर्जेंटीना और इंग्लैंड के बीच फुटबॉल प्रतिद्वंद्विता की सबसे बड़ी पहचान 1986 विश्व कप का क्वार्टर फाइनल है. उसी मुकाबले में डिएगो माराडोना ने विवादित 'हैंड ऑफ गॉड' गोल किया था, जिसने फुटबॉल इतिहास में अपनी अलग जगह बनाई. माराडोना के उसी प्रदर्शन की बदौलत अर्जेंटीना ने इंग्लैंड को 2-1 से हराया था और बाद में विश्व कप भी जीता था.
विश्व कप में इंग्लैंड पर भारी रहा है अर्जेंटीना
विश्व कप में दोनों टीमें कई बार आमने-सामने आ चुकी हैं. 1998 के राउंड ऑफ-16 में अर्जेंटीना ने पेनाल्टी शूटआउट में जीत दर्ज की थी, जबकि 2002 के ग्रुप चरण में इंग्लैंड ने 1-0 से बाजी मारी थी. दोनों देशों के बीच अब तक 14 मुकाबले खेले गए हैं, जिनमें इंग्लैंड ने 6 और अर्जेंटीना ने 3 मैच जीते हैं, जबकि 5 मुकाबले ड्रॉ रहे हैं.
'लक्की जर्सी' में उतर सकता है अर्जेंटीना
सेमीफाइनल से पहले अर्जेंटीना की नेवी ब्लू अवे जर्सी भी चर्चा में है. टीम प्रबंधन ने फीफा से इस जर्सी में खेलने की अनुमति मांगी है. अर्जेंटीना इसे अपना 'लकी किट' मानता है, क्योंकि इसी रंग की जर्सी में उसने अतीत में इंग्लैंड के खिलाफ यादगार जीत दर्ज की थीं. ऐसे में सेमीफाइनल में यह जर्सी एक बार फिर चर्चा का विषय बनी हुई है.
ये भी पढ़ें: Watch: एजबेस्टन में नन्हे फैन के साथ मस्ती करते दिखे MS Dhoni, वीडियो हुआ वायरल
