'विदेशी दौरे युवा खिलाड़ियों के लिए इंटर्नशिप जैसे हैं' - वैभव सूर्यवंशी पर बोले रविचंद्रन अश्विन

पूर्व ऑफ स्पिनर रविचंद्रन अश्विन ने युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी के भारतीय टी20 टीम में शामिल होने का समर्थन किया है. उन्होंने टीम मैनेजमेंट को सलाह दी है कि विदेशी दौरे युवा खिलाड़ियों के लिए 'इंटर्नशिप' की तरह होते हैं, जहाँ उन्हें सीखने और अनुभव प्राप्त करने का समय मिलना चाहिए.

Ravichandran Ashwin on Vaibhav Suryavanshi: भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व ऑफ स्पिनर रविचंद्रन अश्विन ने युवा बल्लेबाज़ वैभव सूर्यवंशी को भारतीय टी20 टीम में शामिल किए जाने का समर्थन किया है, लेकिन साथ ही यह भी कहा कि उन्हें अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में थोड़ा और समय लेकर उतारा जाना चाहिए था. अश्विन का मानना है कि विदेशी दौरों का उद्देश्य युवा खिलाड़ियों को तुरंत प्रदर्शन के दबाव में डालना नहीं, बल्कि उन्हें अंतरराष्ट्रीय माहौल और परिस्थितियों से परिचित कराना होना चाहिए.

इंग्लैंड सीरीज में फ्लॉप रहे युवा वैभव सूर्यवंशी

महज 15 साल के वैभव सूर्यवंशी ने इंग्लैंड के खिलाफ दूसरे टी20 मुकाबले में भारत के लिए इंटरनेशनल डेब्यू किया. उन्हें लगातार तीन मैच खेलने का मौका मिला, लेकिन वह बड़ी पारी खेलने में सफल नहीं रहे. उनके बल्ले से सिर्फ 14, 13 और 15 रन निकले. इसके बाद उन्हें साउथम्पटन में खेले गए पांचवें और अंतिम टी20 मुकाबले से बाहर कर दिया गया. इससे पहले उम्मीद जताई जा रही थी कि सूर्यवंशी आयरलैंड दौरे पर ही डेब्यू करेंगे, लेकिन टीम मैनेजमेंट ने शुरुआत में टी20 वर्ल्ड कप विजेता ओपनिंग जोड़ी संजू सैमसन और अभिषेक शर्मा पर भरोसा कायम रखा. हालांकि सैमसन के लगातार तीन खराब प्रदर्शन के बाद टीम मैनेजमेंट ने बदलाव करते हुए सूर्यवंशी को मौका दिया.

वैभव को लेकर अश्विन ने दी बड़ी सलाह

अपने यूट्यूब चैनल 'ऐश की बात' पर बातचीत करते हुए रविचंद्रन अश्विन ने कहा कि वह भी चयनकर्ता होते तो वैभव सूर्यवंशी को टीम में जरूर शामिल करते, लेकिन उन्हें धीरे-धीरे तैयार होने का समय देते. अश्विन ने कहा कि विदेशी दौरे युवा खिलाड़ियों के लिए एक तरह की 'इंटर्नशिप' होते हैं, जहां वे नई परिस्थितियों, अंतरराष्ट्रीय स्तर के दबाव और टीम संस्कृति को समझते हैं. ऐसे दौरों में उनसे तुरंत बड़े प्रदर्शन की उम्मीद करना सही नहीं है.

क्या सोशल मीडिया तय करेगा टीम इंडिया की प्लेइंग इलेवन?

अश्विन ने टीम चयन में सोशल मीडिया के बढ़ते प्रभाव पर भी चिंता जताई. उन्होंने कहा कि कई बार सोशल मीडिया पर खिलाड़ियों को खिलाने या बाहर करने की मांग उठती है, लेकिन अंतिम फैसला हमेशा टीम मैनेजमेंट की जरूरत और टीम संयोजन के आधार पर होना चाहिए. उन्होंने कहा कि यदि चयन केवल सोशल मीडिया के दबाव में होने लगे तो यह टीम के लिए नुकसानदायक साबित हो सकता है. उनके अनुसार टीम मैनेजमेंट सबसे बेहतर जानता है कि किसी मुकाबले में किस खिलाड़ी की जरूरत है.

इंग्लैंड दौरे का वह किस्सा जब बाहर होकर भी सीख गए अश्विन

अश्विन ने अपने करियर का अनुभव साझा करते हुए बताया कि एक समय वह शानदार फॉर्म में होने के बावजूद इंग्लैंड दौरे पर प्लेइंग इलेवन में जगह नहीं बना सके थे. उन्होंने कहा कि उस समय टीम के कप्तान और कोच ने उनसे बातचीत कर टीम संयोजन की जरूरत समझाई थी. बाद में उन्हें महसूस हुआ कि वह फैसला व्यक्तिगत नहीं बल्कि टीम के संतुलन को ध्यान में रखकर लिया गया था. उन्होंने कहा कि हर चयन सही या गलत नहीं होता, बल्कि कई बार परिस्थितियां और टीम का संतुलन प्राथमिकता बन जाता है.

अश्विन ने टीम मैनेजमेंट को दी अहम सलाह

अश्विन ने टीम मैनेजमेंट की भूमिका को बेहद महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि यदि बाहरी दबाव टीम के अंदर पहुंचने लगे तो इसका सबसे ज्यादा असर खिलाड़ियों पर पड़ेगा. उन्होंने कहा कि टीम मैनेजमेंट को बाहरी आलोचना या सोशल मीडिया के ट्रेंड से प्रभावित हुए बिना फैसले लेने चाहिए. यदि बाहर की आवाजें चयन प्रक्रिया को प्रभावित करने लगेंगी तो खिलाड़ियों के लिए भी मानसिक दबाव बढ़ जाएगा.

आयरलैंड और इंग्लैंड दौरा भारत के लिए रहा निराशाजनक

भारत का आयरलैंड और इंग्लैंड दौरा उम्मीदों के अनुरूप नहीं रहा. टीम दोनों सीरीज में प्रभाव छोड़ने में नाकाम रही और हार का सामना करना पड़ा. वहीं वैभव सूर्यवंशी के प्रदर्शन पर भी लगातार चर्चा होती रही.

अब जिम्बाब्वे दौरे पर नजरें

वैभव सूर्यवंशी को भारत की जिम्बाब्वे के खिलाफ टी20 सीरीज के लिए भी टीम में शामिल किया गया है. अब यह देखना दिलचस्प होगा कि टीम मैनेजमेंट उन्हें प्लेइंग इलेवन में मौका देता है या फिर उन्हें विदेशी परिस्थितियों को समझने और अनुभव हासिल करने के लिए कुछ और समय दिया जाता है.

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Published by: ऋतु राज

ऋतुराज प्रभात खबर डिजिटल में स्पोर्ट्स कंटेंट राइटर हैं. लीची की नगरी मुजफ्फरपुर (बिहार) से ताल्लुक रखने वाले ऋतुराज के पास डिजिटल खेल पत्रकारिता में 1 साल का गहरा अनुभव है. उन्होंने एशिया के प्रतिष्ठित माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय (MCU) से साल 2025 में मीडिया रिसर्च में मास्टर्स की डिग्री हासिल की है. खेल की हर छोटी-बड़ी और वायरल होती खबरों पर पैनी नजर रखना उनकी खासियत है. उनका मुख्य लक्ष्य प्रभात खबर के पाठकों तक खेल जगत की हर सटीक और विश्लेषण से भरी खबर सबसे पहले पहुंचाना है. पढ़ने और क्रिकेट खेलने के शौकीन ऋतुराज खेल को सिर्फ कवर नहीं करते, बल्कि उसकी बारीकियों को जीते हैं.

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