फीफा वर्ल्ड कप: ऑमलेट, सुशी और टैको का कमाल, फिटनेस से जीत तक का रास्ता बना रही डाइट

फीफा विश्व कप 2026 में सिर्फ मैदान पर ही नहीं, किचन में भी जीत की तैयारी चल रही है. ऑर्गेनिक ऑमलेट, सुशी, टैको और हाई-प्रोटीन डाइट के जरिए टीमें खिलाड़ियों की फिटनेस, रिकवरी और प्रदर्शन को बेहतर बनाने पर जोर दे रही हैं.

FIFA World Cup 2026 Teams Special Diet: फीफा विश्व कप 2026 में राउंड ऑफ-16 की जंग शुरू हो चुकी है. मैदान पर खिलाड़ियों की रफ्तार, फिटनेस और प्रदर्शन चर्चा का विषय हैं, लेकिन इसके साथ ही टीमों के किचन भी सुर्खियों में हैं. आधुनिक फुटबॉल में अब यह माना जाता है कि बड़े टूर्नामेंट सिर्फ मैदान पर नहीं, बल्कि डाइनिंग टेबल पर भी जीते जाते हैं. यही वजह है कि विश्व कप में पहुंची सभी प्रमुख टीमों ने खिलाड़ियों के लिए विशेष डाइट प्लान तैयार कर रखा है.

ऑस्ट्रेलिया की थाली में ऑर्गेनिक ऑमलेट और सुशी

ऑस्ट्रेलिया की टीम इसका सबसे दिलचस्प उदाहरण बनकर उभरी है. कैलिफोर्निया के क्लेरमोंट होटल में ठहरी ‘सॉकरूज’ टीम के लिए रोजाना करीब 24 ऑर्गेनिक ऑमलेट तैयार किए जा रहे हैं. इसके अलावा सुशी, बारबेक्यू और ताजे फलों को भी मेन्यू में शामिल किया गया है. टीम के साथ विशेष शेफ और बरिस्ता मौजूद हैं, जो खिलाड़ियों की जरूरत के मुताबिक भोजन और पेय पदार्थ उपलब्ध करा रहे हैं.

यूरोपीय और दक्षिण अमेरिकी टीमों का अलग फूड प्लान

स्पेन, इंग्लैंड, फ्रांस और जर्मनी जैसी यूरोपीय टीमें मेडिटेरेनियन डाइट पर भरोसा कर रही हैं. इस डाइट में मछली, चिकन, ऑलिव ऑयल, सलाद और साबुत अनाज प्रमुख रूप से शामिल हैं. वहीं ब्राजील और अर्जेंटीना जैसी दक्षिण अमेरिकी टीमें प्रोटीन से भरपूर भोजन, ताजे फल और नियंत्रित कार्बोहाइड्रेट पर फोकस कर रही हैं, ताकि खिलाड़ियों की ऊर्जा और फिटनेस बरकरार रहे.

रिकवरी के लिए पोषण बना सबसे बड़ा हथियार

विश्व कप जैसे लंबे और चुनौतीपूर्ण टूर्नामेंट में खिलाड़ियों को हर तीन-चार दिन पर मैच खेलना पड़ता है. ऐसे में शरीर की रिकवरी सबसे बड़ी चुनौती बन जाती है. इसी कारण टीमों के न्यूट्रिशनिस्ट और शेफ खिलाड़ियों की थाली में स्वाद और पोषण के बीच संतुलन बनाने पर विशेष ध्यान दे रहे हैं. हाई-प्रोटीन भोजन, पर्याप्त हाइड्रेशन और ऑर्गेनिक खाद्य पदार्थों को प्राथमिकता दी जा रही है.

शेफ और न्यूट्रिशनिस्ट तय कर रहे हर निवाला

अब खिलाड़ियों की डाइट सिर्फ खाने तक सीमित नहीं रह गई है. प्रत्येक खिलाड़ी की शारीरिक जरूरत, मैच लोड और फिटनेस स्तर को ध्यान में रखकर भोजन तैयार किया जा रहा है. यही कारण है कि विश्व कप में कई टीमों के साथ विशेषज्ञ शेफ और न्यूट्रिशनिस्ट की पूरी टीम मौजूद है, जो हर भोजन की योजना बनाती है.

डाइट भी बन चुकी है जीत की रणनीति

फुटबॉल विशेषज्ञों का मानना है कि आधुनिक खेलों में डाइट अब रणनीति का महत्वपूर्ण हिस्सा बन चुकी है. राउंड ऑफ-16 में पहुंची टीमें सिर्फ मैदान पर ही नहीं, बल्कि अपने किचन में भी जीत की तैयारी कर रही हैं. खिलाड़ियों की थाली में परोसा जा रहा हर निवाला उन्हें अगले मुकाबले के लिए शारीरिक और मानसिक रूप से तैयार करने का काम कर रहा है. यही वजह है कि इस विश्व कप में ऑर्गेनिक ऑमलेट, सुशी और टैको भी चर्चा के केंद्र में हैं.

वरिष्ठ खेल पत्रकार सुनील कुमार का लेख

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By Ujjawal Sinha

उज्जवल कुमार सिन्हा | स्पोर्ट्स जर्नलिस्ट

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