FIFA World Cup 2026: फीफा वर्ल्ड कप 2026 के ग्रुप चरण के आखिरी मुकाबले में नॉर्वे को फ्रांस के खिलाफ 4-1 से हार का सामना करना पड़ा. इस मैच में कोच स्टाले सोलबक्केन ने टीम में 10 बदलाव किए और कप्तान मार्टिन ओडेगार्ड व स्टार स्ट्राइकर एर्लिंग हालैंड को बेंच पर ही बैठाए रखा. जिसके बाद कई तरह के सवाल उठे.
नॉर्वे की टीम पहले ही नॉकआउट चरण के लिए क्वालिफाई कर चुकी थी. हालांकि, अगर वह फ्रांस को हरा देती तो ग्रुप में शीर्ष स्थान हासिल कर सकती थी और अगले दौर में आइवरी कोस्ट की जगह स्वीडन से मुकाबला होता.
खिलाड़ियों की फिटनेस को दी प्राथमिकता
मैच के बाद सोलबक्केन ने कहा कि सेनेगल के खिलाफ पिछले मुकाबले में कई खिलाड़ी पूरी तरह थक चुके थे और मांसपेशियों में ऐंठन की समस्या से जूझ रहे थे. मेडिकल टीम की रिपोर्ट के आधार पर उन्होंने अहम खिलाड़ियों को आराम देने का फैसला किया. उन्होंने कहा, “यह फैसला लेना बिल्कुल आसान था. कई खिलाड़ी अगले मैच से पहले ठीक से ट्रेनिंग भी नहीं कर सकते थे. हमारा लक्ष्य सिर्फ एक मैच जीतना नहीं, बल्कि टूर्नामेंट में जितना आगे हो सके जाना है.”
हालैंड-एम्बाप्पे मुकाबले की उम्मीद टूटी
बोस्टन में बड़ी संख्या में प्रशंसक एर्लिंग हालैंड और किलियन एम्बाप्पे को आमने-सामने देखने पहुंचे थे. कई नॉर्वे के समर्थकों ने मैच देखने के लिए हजारों डॉलर खर्च किए थे, लेकिन कोच ने कहा कि वह भावनाओं के बजाय टीम के हित में फैसला लेने के लिए जिम्मेदार हैं.
आइवरी कोस्ट से होगा मुकाबला
फ्रांस के खिलाफ हार के कारण नॉर्वे ग्रुप में शीर्ष स्थान हासिल नहीं कर सका और अब राउंड ऑफ 32 में उसका सामना आइवरी कोस्ट से होगा. टीम के पास अगले मुकाबले से पहले केवल तीन दिन का आराम है.
जरूरत पड़ती तो उतरते हालैंड और ओडेगार्ड
सोलबक्केन ने यह भी खुलासा किया कि अगर मैच के दौरान स्थिति अनुकूल होती और टीम अपने लक्ष्य के करीब पहुंचती, तो वह हॉलैंड और ओडेगार्ड को दूसरे हाफ में मैदान पर उतार सकते थे. हालांकि ऐसा मौका नहीं आया और दोनों खिलाड़ी पूरे मैच में बेंच पर ही रहे.
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