Dilluminati: दिलजीत के कंसर्ट ने तोड़ा खिलाड़ियों का दिल, स्टेडियम में कचरा और टूटे उपकरण

Dilluminati: पंजाबी गायक दिलजीत दोसांझ के म्युजिक कंसर्ट ‘दिल-लुमिनाटी’ का आयोजन बीते शनिवार और रविवार को किया गया. इस कंसर्ट में लगभग 80,000 लोग आए. लेकिन आयोजन के बाद फैली गंदगी की वजह से खिलाड़ियों में काफी रोष है. खेल प्राधिकरण ने इसे साफ करने का आश्वासन दिया है.

दिल्ली के जवाहर लाल नेहरू स्टेडियम में बीते शनिवार और रविवार की रात पंजाबी गायक दिलजीत दोसांझ के म्युजिक कंसर्ट का आयोजन किया गया. इस आयोजन का नाम दिल-लुमिनाटी (Dilluminati) रखा गया था. लोकप्रिय गायक के कंसर्ट में हर रात लगभग 40,000 प्रशंसक आए. इस स्टेडियम में इससे पहले 1998 में रिकी मार्टिन और 2004 में ब्रायन एडम्स जैसे इंटरनेशनल स्टार्स के कार्यक्रम आयोजित किए जा चुके हैं. लेकिन दोसांझ के कार्यक्रम के बाद फैली अव्यवस्था ने लोगों में रोष भर दिया है. दिल्ली के इस स्टेडियम ने 2010 में कॉमनवेल्थ गेम्स और सैफ फुटबॉल चैंपियनशिप जैसे कार्यक्रम आयोजित किए हैं.

कंसर्ट के समय एवं बाद की परिस्थिति. Image courtsey: social media

जवाहरलाल नेहरू स्टेडियम में लोकप्रिय गायक-अभिनेता दिलजीत दोसांझ के दो दिवसीय संगीत कार्यक्रम के अंत में बड़े पैमाने पर गंदगी फैलने पर इस प्रतिष्ठित स्थल पर नियमित रूप से ट्रेनिंग करने वाले खिलाड़ियों ने तीखी आलोचना की है. दिल्ली के मध्यम दूरी के धावक बेअंत सिंह ने स्टेडियम के ट्रैक और फील्ड क्षेत्र की तस्वीरें और एक वीडियो पोस्ट किया जो कचरे, शराब के कंटेनरों और क्षतिग्रस्त एथलेटिक्स उपकरणों से अटा पड़ा था. 2014 और 2018 की राष्ट्रीय ओपन चैंपियनशिप में क्रमशः रजत और कांस्य पदक जीतने वाले बेअंत ने इंस्टाग्राम पर वीडियो पोस्ट करते हुए कहा, कि यहीं पर एथलीट ट्रेनिंग करते हैं लेकिन यहां लोग शराब पीते हैं, नाचते हैं और पार्टी करते हैं. इस तरह की चीजों की वजह से स्टेडियम 10-10 दिन बंद रहेगा.  एथलेटिक्स के उपकरणों को तोड़कर इधर-उधर फेंक दिया गया है. उन्होंने कहा ‘‘यह भारत में खेल, खिलाड़ियों और स्टेडियम की स्थिति है, ओलंपिक में पदक नहीं मिलते क्योंकि इस देश में खिलाड़ियों के लिए कोई सम्मान और समर्थन नहीं है.

स्पोर्ट्स अथॉरिटी की प्रतिक्रिया:

हालांकि सोशल मीडिया पर आलोचना के वायरल होने के बाद साइ ने एक बयान जारी कर कहा कि प्रतियोगिता क्षेत्र और उसके आसपास के क्षेत्र को पुराने रंग रूप में ले आया गया है. साइ ने तस्वीर साझा करते हुए कहा, जवाहरलाल नेहरू स्टेडियम मेन एरिना में 31 अक्टूबर 2024 को आईएसएल के पंजाब एफसी और चेन्नईयिन एफसी के बीच इंडियन सुपर लीग फुटबॉल मैच की मेजबानी करने के लिए तैयार रहेगा. टर्फ को मैच खेलने की स्थिति में ला दिया गया है.

साई ने अपनी ओर से कहा कि कंसर्ट आयोजकों के साथ उसका अनुबंध बहुत स्पष्ट था कि स्टेडियम को उसी स्थिति में वापस किया जाएगा जिस स्थिति में इसे उन्हें सौंपा गया था. प्रतिक्रिया के लिए संपर्क किए जाने पर साइ के एक शीर्ष सूत्र ने कहा, ‘‘दो दिन में 70,000 से अधिक लोग कॉन्सर्ट के लिए पहुंचे और सफाई में 24 घंटे लगेंगे. 29 तारीख तक स्टेडियम की सफाई होने की उम्मीद है.

दिल्ली के एक कोच ने न्यूज एजेंसी पीटीआई को बताया कि कुछ एथलीटों ने साइ को पत्र लिखकर मुआवजे की मांग की है. कोच ने कहा कि उनके बाधा दौड़ के उपकरण और बॉक्स क्षतिग्रस्त हो गए हैं जिसमें स्टार्टिंग ब्लॉक और गोला, चक्का और मेडिसिन बॉल जैसे अन्य उपकरण थे. कोच ने नाम जाहिर नहीं करने की शर्त पर कहा, प्रत्येक बाधा की कीमत तीन से चार हजार रुपये है और आपको 400 मीटर बाधा दौड़ या 100 मीटर बाधा दौड़ या 110 मीटर बाधा दौड़ के लिए 10 बाधाओं की आवश्यकता होती है. इन युवा एथलीटों ने इन उपकरणों को खरीदने के लिए पैसे का इंतजाम किया है और यह उनके लिए आसान नहीं है.

बेअंत जैसे एथलीटों के लिए सोमवार को उनके ट्रेनिंग केंद्र को इस हालत में देखना दिल तोड़ने वाला था. वीडियो के कैप्शन में उन्होंने लिखा, जो नुकसान हुआ है बच्चों का वो तो दो, बच्चे खुद पैसे इकट्ठे करके सामान लेकर आते हैं अभ्यास के लिए. कई उपकरण नष्ट हो गए हैं, एथलीटों ने मुआवजे के लिए साइ को पत्र लिखा है और देखते हैं क्या होता है. कोच ने कहा कि एथलीटों को 31 अक्टूबर तक स्टेडियम के अंदर ट्रेनिंग नहीं लेने को कहा गया है. हम बाहरी ट्रैक पर ट्रेनिंग कर रहे हैं लेकिन वहां की स्थिति अच्छी नहीं है. 

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By Anant narayan shukla

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उत्तर प्रदेश के भदोही जिले के रहने वाले अनन्त ने इलाहाबाद विश्वविद्यालय से मास कम्युनिकेशन में पोस्ट ग्रेजुएशन की पढ़ाई पूरी की है. उन्होंने 2024 में अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत प्रभात खबर में खेल पत्रकार के रूप में की थी, जहां उन्होंने करीब एक वर्ष तक क्रिकेट और अन्य खेलों से जुड़ी खबरों को कवर किया. बाद में अपनी रुचि और विशेषज्ञता के चलते उन्होंने अंतरराष्ट्रीय डेस्क का रुख किया और आज वैश्विक राजनीति व भू-राजनीति के प्रमुख विषयों पर लेखन कर रहे हैं.

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