मोहम्मद कैफ ने कहा- सिर्फ कागजी शेर नहीं है मुंबई इंडियंस, अपने लय में रहेगी तो हराना मुश्किल

CSK vs MI : शनिवार की शाम जब मुंबई इंडियंस और चेन्नई सुपर किंग्स की टीम चेपाॅक के मैदान पर भिड़ेगी, तो बहुत संभव है कि मुंबई की टीम अपनी हार का बदला चुकता करना चाहे. आईपीएल के दोनों पुराने प्रतिद्वंदी हैं और इनका हेड टू हेड का रिकाॅर्ड 19-21 का है, यानी 19 मैच चेन्नई ने जीते हैं और 21 मैच में मुंबई को जीत नसीब हुई है.

CSK vs MI : आईपीएल में शनिवार शाम एक अहम मुकाबला चेन्नई के चिदंबरम स्टेडियम में खेला जाएगा. इस मुकाबले में चेन्नई सुपर किंग्स का मुकाबला पुराने राइवल मुंबई इंडियंस से होगा. पिछले छह मुकाबलों में से 5 में मुंबई को हार का सामना करना पड़ा है. आईपीएल 2026 में यह दूसरी बार होगा, जब सीएसके और मुंबई की टीम आमने-सामने होगी. इस मैच को लेकर पूर्व भारतीय क्रिकेटर मोहम्मद कैफ ने बड़ी प्रतिक्रिया दी है.

मुंबई कागज पर मजबूत, लेकिन प्रदर्शन खराब

भारत के पूर्व क्रिकेटर मोहम्मद कैफ का कहना ​​है कि मुंबई इंडियंस की टीम कागजी आंकड़ों में तो मजबूत दिखती है, लेकिन उनका प्रदर्शन आज के समय में वैसा नहीं है. मुंबई की टीम लगातार चेन्नई के सामने सरेंडर करती रही है. बावजूद इसके, यह कहा जा सकता है कि अगर मुंबई की टीम अपने लय में हो तो उसे रोकना मुश्किल होता है. मोहम्मद कैफ ने स्टार स्पोर्ट्स से बात करते हुए यह टिप्पणी की.

संजू सैमसन को घेरना जरूरी

मोहम्मद कैफ ने कहा कि बेशक चेन्नई की टीम ने 23 अप्रैल को मुंबई इंडियंस पर 103 रनों की बड़ी जीत दर्ज की, लेकिन शनिवार का मैच भी चेन्नई ही जीतेगी, इसकी संभावना बहुत कम है. कैफ ने कहा कि इस सीजन में चेन्नई की टीम संघर्ष कर रही है. बैटिंग के लिए वह सिर्फ संजू सैमसन पर ही निर्भर है, ऐसे में अगर मुंबई की टीम संजू सैमसन को लेकर कुछ अलग प्लान बनाती है, तो टीम को जीतने से रोकना संभव नहीं होगा.

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Published by: Rajneesh Anand

रजनीश आनंद प्रभात खबर में सीनियर चीफ कंटेंट राइटर के पद पर कार्यरत है.पत्रकारिता के क्षेत्र में 25 वर्षों का अनुभव रखती हैं. झारखंड की राजधानी रांची में रहने वाली रजनीश ने इलाहाबाद विश्वविद्यालय से स्नातक की शिक्षा प्राप्त की और वर्ष 2000-01 में पत्रकारिता की शुरुआत की. इन्होंने पहली नौकरी झारखंड जागरण दैनिक अखबार में की. उसके बाद इन्होंने प्रभात खबर, हिंदुस्तान, रांची एक्सप्रेस तथा दैनिक जागरण सहित कई प्रमुख समाचार संस्थानों के लिए रिपोर्टिंग और लेखन किया. प्रिंट मीडिया के दैनिक, साप्ताहिक, पाक्षिक और सांध्य संस्करणों में काम करने के बाद वे वर्ष 2012 से डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय हैं. रजनीश आनंद की पहचान तथ्यपरक रिपोर्टिंग, गहन शोध और विश्लेषणात्मक लेखन के लिए है. उनकी रुचि राजनीति, सामाजिक सरोकारों, ग्रामीण विकास, महिला मुद्दों, इतिहास, खेल, जनजातीय समाज और सार्वजनिक नीतियों से जुड़े विषयों में रही है। उन्होंने हमेशा उन मुद्दों को प्राथमिकता दी है जो समाज के हाशिये पर खड़े लोगों के जीवन को प्रभावित करते हैं, लेकिन मुख्यधारा की चर्चा में अपेक्षाकृत कम स्थान पाते हैं. वे कई प्रतिष्ठित पत्रकारिता फेलोशिप से जुड़ी रही हैं. इन्क्लूसिव मीडिया–यूएनडीपी फेलोशिप के तहत उन्होंने झारखंड के पश्चिमी सिंहभूम (चाईबासा) जिले में माहवारी स्वच्छता और किशोरियों एवं महिलाओं के स्वास्थ्य संबंधी चुनौतियों पर विस्तृत अध्ययन और रिपोर्टिंग की. झारखंड सरकार मीडिया फेलोशिप के दौरान उन्होंने महिला सशक्तिकरण, सरकारी योजनाओं के प्रभाव और सामाजिक बदलाव के विभिन्न आयामों पर कार्य किया. इसके अतिरिक्त सेव द चिल्ड्रन फेलोशिप के तहत उन्होंने बच्चों के अधिकार, शिक्षा, सुरक्षा और बाल कल्याण से जुड़े मुद्दों पर गहन रिपोर्टिंग की. आदिवासी समाज, विशेषकर मुंडा जनजाति के इतिहास, संस्कृति और समकालीन चुनौतियों पर उनका काम उल्लेखनीय माना जाता है. उन्होंने भूमि, पहचान, परंपरा, सामाजिक बदलाव और आदिवासी समुदायों के अधिकारों से जुड़े विषयों पर व्यापक फील्ड रिपोर्टिंग की है. हाल के वर्षों में उन्होंने झारखंड में ऊर्जा संक्रमण (Energy Transition) और जस्ट ट्रांजिशन की अवधारणा पर भी काम किया है. विशेष रूप से कोयला आधारित अर्थव्यवस्था वाले क्षेत्रों में भविष्य की चुनौतियों, रोजगार, आजीविका और सामाजिक प्रभावों पर उनकी रिपोर्टिंग ने महत्वपूर्ण प्रश्न उठाए हैं. उनका मानना है कि ऊर्जा परिवर्तन की प्रक्रिया तभी सफल होगी जब उसमें प्रभावित समुदायों की भागीदारी और हितों को केंद्र में रखा जाए.पत्रकारिता उनके लिए केवल एक पेशा नहीं, बल्कि समाज के प्रति जिम्मेदारी निभाने का माध्यम है. जमीनी रिपोर्टिंग, तथ्यों की पड़ताल और जनसरोकारों को केंद्र में रखकर लिखना उनकी कार्यशैली की विशेषता रही है. इसके अतिरिक्त रजनीश आनंद कहानियां और कविताएं लिखने का शौक भी रखती है.

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