World Cup India vs New Zealand : सेमीफाइनल में कौन पहुंचेगा भारत या न्यूजीलैंड? कल के मैच में होगा तय

कल के मुकाबले के बाद दोनों ही टीम और चार-चार मैच खेलेगी. भारत 29 अक्टूबर को इंग्लैंड के साथ भिड़ेगा. उसे बाद दो नवंबर को श्रीलंका, पांच नवंबर को दक्षिण अफ्रीका और 12 नवंबर को नीदरलैंड के साथ मैच होना है.

World Cup India vs New Zealand : भारत और न्यूजीलैंड के बीच 22 अक्टूबर को दोपहर दो बजे से हिमाचल प्रदेश के धर्मशाला क्रिकेट ग्राउंड में रोचक मुकाबला खेला जाएगा. यह मैच इसलिए भी बहुत महत्वपूर्ण है क्योंकि टूर्नामेंट में भाग ले रहीं सभी 10 टीमों को नौ-नौ मैच खेलना है. भारत और न्यूजीलैंड की टीम जब कल अपना मैच खेलेगी तो उनकी विश्वकप की आधी यात्रा पूरी हो जाएगी. अबतक दोनों टीमों ने चार-चार मैच खेले हैं और सारे मैच दोनों टीमों ने जीते हैं.

ये है दोनों टीमों का समीकरण

प्वाइंट टेबल में अभी न्यूजीलैंड पहले स्थान पर है, उसके पास आठ प्वाइंट हैं और नेट रन रेट +1.923 है. वहीं भारत प्वाइंट टेबल में दूसरे स्थान पर है, प्वाइंट टीम इंडिया का भी आठ है लेकिन नेट रन रेट +1.659 है. कल के मैच में जो टीम जीतेगी वह बाजी मार लेगी और उसका प्वाइंट 10 हो जाएगा. कल के मुकाबले के बाद दोनों ही टीम और चार-चार मैच खेलेगी. भारत 29 अक्टूबर को इंग्लैंड के साथ भिड़ेगा. उसे बाद दो नवंबर को श्रीलंका, पांच नवंबर को दक्षिण अफ्रीका और 12 नवंबर को नीदरलैंड के साथ मैच होना है. अभी की स्थिति में अगर इन चारों टीमों से भारतीय टीम की तुलना की जाए तो यह कहा जा सकता है कि ये टीम भारत का विजयरथ शायद ही रोक पाए. नीदरलैंड ने दक्षिण अफ्रीका को हराने की हिमाकत की है, लेकिन हर मैच में उलटफेर संभव नहीं होता है.

विश्वकप में न्यूजीलैंड ने 5 और भारत ने 3 मैच जीते हैं

वहीं अगर न्यूजीलैंड की बात करें तो भारत के बाद न्यूजीलैंड को आस्ट्रेलिया के साथ 28 अक्टूबर को मैच खेलेगी. उसके बाद के मैच नवंबर में हैं. एक नवंबर को दक्षिण अफ्रीका के साथ, चार नवंबर को पाकिस्तान के साथ और नौ नवंबर को श्रीलंका के साथ मैच होना है. न्यूजीलैंड के लिए कंगारुओं, पाकिस्तानियों और दक्षिण अफ्रीका की टीम पर विजय हासिल करना बहुत आसान नहीं होगा. भारत और न्यूजीलैंड के बीच अबतक 113 एकदिवसीय मैच खेले गए हैं. जिनमें से 55 भारत ने और 50 न्यूजीलैंड ने जीते हैं. सात का परिणाम नहीं निकला है और एक मैच टाई रहा है. वहीं बात अगर वर्ल्ड कप की करें तो विश्वकप में न्यूजीलैंड और भारत के बीच अबतक नौ मुकाबले हुए हैं, जिनमें से पांच न्यूजीलैंड ने जीता है, जबकि तीन में भारत को जीत हासिल हुई है, एक मैच का रिजल्ट नहीं निकल पाया था.

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Published by: Rajneesh anand

रजनीश आनंद प्रभात खबर में सीनियर चीफ कंटेंट राइटर के पद पर कार्यरत हैं और पत्रकारिता के क्षेत्र में 25 वर्षों से अधिक का अनुभव रखती हैं.फिलहाल वे प्रभात खबर के ओरिजिनल, नेशनल, इंटरनेशनल और खेल कैटेगरी के लिए राइटिंग का काम करती हैं. उनकी पहचान फैक्ट बेस्ट रिपोर्टिंग, रिसर्च बेस्ड स्टोरी और एक्सप्लेनर लेखन के लिए है.

राजनीति, सामाजिक सरोकार, ग्रामीण विकास, महिला मुद्दों, इतिहास, खेल, जनजातीय समाज और सार्वजनिक नीतियों से जुड़े विषयों पर उनकी विशेष रुचि रही है. वैसे मुद्दे जो समाज के हाशिये पर मौजूद समुदायों और आम लोगों के जीवन को प्रभावित करते हैं, लेकिन मुख्यधारा की बहस में अपेक्षाकृत कम जगह पाते हैं, ऐसे विषयों पर भी लेखन में रुचि रखती हैं.

रजनीश आनंद कई प्रतिष्ठित पत्रकारिता फेलोशिप से जुड़ी रही हैं. इन्क्लूसिव मीडिया–यूएनडीपी फेलोशिप के तहत उन्होंने झारखंड के पश्चिमी सिंहभूम (चाईबासा) जिले में माहवारी स्वच्छता और किशोरियों एवं महिलाओं के स्वास्थ्य संबंधी चुनौतियों पर अध्ययन एवं रिपोर्टिंग की. झारखंड सरकार मीडिया फेलोशिप के दौरान महिला सशक्तिकरण, सरकारी योजनाओं के प्रभाव और सामाजिक बदलाव के विभिन्न आयामों पर काम किया. इसके अलावा सेव द चिल्ड्रन फेलोशिप के तहत बच्चों के अधिकार, शिक्षा, सुरक्षा और बाल कल्याण से जुड़े मुद्दों पर गहन रिपोर्टिंग की है.

आदिवासी समाज, विशेषकर मुंडा जनजाति के इतिहास, संस्कृति और समकालीन चुनौतियों पर उनका काम उल्लेखनीय माना जाता है. उन्होंने भूमि, पहचान, परंपरा, सामाजिक बदलाव और आदिवासी समुदायों के अधिकारों से जुड़े विषयों पर व्यापक फील्ड रिपोर्टिंग की है.हाल के वर्षों में उन्होंने झारखंड में ऊर्जा संक्रमण (Energy Transition) और जस्ट ट्रांजिशन की अवधारणा पर भी काम किया है. विशेष रूप से कोयला आधारित अर्थव्यवस्था वाले क्षेत्रों में रोजगार, आजीविका और सामाजिक प्रभावों से जुड़ी चुनौतियों पर उनकी रिपोर्टिंग ने महत्वपूर्ण सवाल उठाए हैं.

रजनीश आनंद झारखंड की राजधानी रांची में रहती हैं और इलाहाबाद विश्वविद्यालय से स्नातक हैं. उन्होंने वर्ष 2000 में पत्रकारिता की शुरुआत झारखंड जागरण दैनिक से की. इसके बाद प्रभात खबर, हिंदुस्तान, रांची एक्सप्रेस और दैनिक जागरण सहित कई प्रमुख समाचार संस्थानों के लिए रिपोर्टिंग और स्वतंत्र लेखन किया. प्रिंट मीडिया के दैनिक, साप्ताहिक, पाक्षिक और सांध्य प्रकाशनों में काम करने के साथ-साथ वे वर्ष 2012 से डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय हैं.

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