विराट कोहली जानते हैं, कब आक्रामक होना है और कब खेल पर दबदबा बनाना है, राहुल द्रविड़ ने कही यह बात

पिछले करीब दो साल से खराब फॉर्म से गुजर रहे विराट कोहली अब अपने पुराने अंदाज में लौट आये हैं. चीफ कोच राहुल द्रविड़ ने भी उनकी जमकर तारीफ की है. कोहली ने इस साल दो शतक भी जड़ दिये है. एक शतक उनके बल्ले से टी20 फॉर्मेट में आया और उन्होंने पिछला शतक बांग्लादेश के खिलाफ तीसरे वनडे में बनाया.

भारत और बांग्लादेश के बीच पहला टेस्ट मैच चल रहा है. आज दूसरे दिन भारत ने पहली पारी में 404 रन बनाये और बांग्लादेश के आठ बल्लेबाज 133 के स्कोर पर आउट हो चुके हैं. कुलदीप यादव ने चार और मोहम्मद सिराज ने तीन विकेट चटकाये. विराट कोहली एक बार फिर बड़ी पारी खेलने में नाकाम रहे हैं. तैजुल इस्लाम की गेंद पर एक रन के निजी स्कोर पर विराट कोहली एलबीडब्ल्यू आउट हो गये.

राहुल द्रविड़ ने कही यह बात

टीम इंडिया के मुख्य कोच राहुल द्रविड़ का कहना है कि खेल की इतनी बेहतरीन समझ रखने वाले विराट कोहली आसानी से मैच के दौरान जान सकते हैं कि कब आक्रामक होना है और कब खेल पर नियंत्रण करना है. द्रविड़ इस बात से भी प्रभावित दिखे कि कोहली ट्रेनिंग के दौरान भी इसी मजबूत जज्बे को बरकरार रखते हैं. कोहली ने लंबे समय तक खराब फॉर्म के बाद इस साल के शुरू में संयुक्त अरब अमीरात में एशिया कप के दौरान फॉर्म में वापसी की.

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टी20 वर्ल्ड कप में कोहली का रहा जलवा

कोहली ने आस्ट्रेलिया में टी20 विश्व कप में भी यही शानदार लय जारी रखी. पिछले हफ्ते पूर्व भारतीय कप्तान ने अपना 44वां वनडे शतक पूरा किया. द्रविड़ ने बीसीसीआई (भारतीय क्रिकेट बोर्ड) द्वारा अपनी वेबसाइट पर एक वीडियो विज्ञप्ति में कहा कि वह (विराट) जानता है कि कब आक्रामक होना है और कब खेल पर नियंत्रण करना है, उन्हें देखना शानदार है और अगर वह पारी को बढ़ा सकते हैं तो यह हमारे लिये अच्छा संकेत है. विराट का 50 ओवर के क्रिकेट में शानदार रिकॉर्ड है, उन्होंने जितने मैच खेले हैं, वह अद्भुत है.

काफी कड़ी ट्रेनिंग करते हैं विराट

द्रविड़ ने कहा कि भले ही विराट फॉर्म में हो या नहीं, ट्रेनिंग में उनका जज्बा जरा भी कम नहीं होता और टीम के युवा इससे सीख ले सकते हैं. जब से मैंने उसे देखा है, वह इसी तरह कड़ी ट्रेनिंग जारी रखते हैं. वह फॉर्म में है या नहीं, वह इसमें जरा भी बदलाव नहीं करते. टीम के युवा खिलाड़ियों के लिये यह एक शानदार सबक है. पूर्व भारतीय बल्लेबाज को लगता है कि विश्व टेस्ट चैंपियनशिप के फाइनल स्थान की दौड़ अब तेज हो गयी है जिससे टीमें नतीजा हासिल करने के लिये ज्यादा आक्रामक हो गयी हैं.

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