Vaibhav Suryavanshi: वैभव सूर्यवंशी को लेकर राहुल द्रविड़ को सता रहा डर, कहा- नहीं बच सकते

Vaibhav Suryavanshi: बिहार के युवा क्रिकेटर 14 साल के वैभव सूर्यवंशी ने आईपीएल 2025 में अपने बल्ले से तहलका मचा दिया है. गुजरात टाइटंस के खिलाफ मैच में 35 गेंदों में शतक (38 गेंदों में 11 छक्कों और 7 चौकों की मदद से 101 रन की पारी) जड़ क्रिकेट जगत को हिलाकर छोड़ दिया है. हर ओर वैभव की ही चर्चा हो रही है. वैभव की तारीफों के पूल बांधे जा रहे हैं. उनकी तूलना कई स्टार क्रिकेटरों से भी होने लगी है. लेकिन इस बीच टीम इंडिया के पूर्व दिग्गज खिलाड़ी और कोच राहुल द्रविड़ को वैभव को लेकर एक डर सताने लगा है. हालांकि उन्होंने कहा, वैभव उससे फिलहाल नहीं बच पाएंगे. तो आइये आपको बताते हैं, आखिर द्रविड़ किस बात को लेकर डरे हुए हैं.

Vaibhav Suryavanshi: 14 साल के वैभव सूर्यवंशी पर जरूरत से ज्यादा फोकस राहुल द्रविड़ नहीं चाहते, लेकिन राजस्थान रॉयल्स के मुख्य कोच को बखूबी पता है कि इसे रोकना उनके बस में नहीं है. स्टार स्पोटर्स प्रेस रूम में सूर्यवंशी पर सवालों की बौछार से साबित हो गया कि क्रिकेट जगत कुछ समय तक इस प्रतिभाशाली क्रिकेटर को अकेले नहीं छोड़ने वाला. उन्होंने कहा कि बिहार के इस युवा खिलाड़ी को रातोंरात मिली स्टारडम से निपटने का तरीका खुद तलाशना होगा. भारत के पूर्व मुख्य कोच द्रविड़ ने कहा, “मुझे लगता है कि अभी कुछ समय उस पर ऐसे ही फोकस रहेगा. लोग उसके बारे में बात कर रहे हैं जिसे मैं रोक नहीं सकता. मैं यहां बातचीत के लिये आया हूं और मुझसे सिर्फ वैभव के बारे में सवाल पूछे जा रहे हैं.” उन्होंने कहा, “उसके लिये यह चुनौतीपूर्ण होगा लेकिन रोमांचक भी. मैं कहना चाहता हूं कि इतना ज्यादा फोकस उस पर नहीं करें लेकिन मुझे पता है कि ऐसा होगा नहीं.” उन्होंने कहा, “हमें पता है कि ऐसा होगा और इसलिये इससे निपटने में उसकी मदद कर रहे हैं. भारत में क्रिकेटर होने का यह हिस्सा है. इससे बच नहीं सकते.”

राहुल द्रविड़ ने बताया, सूर्यवंशी क्यों हैं खास

ऋषभ पंत, शुभमन गिल, पृथ्वी शॉ, यशस्वी जायसवाल जैसे कई युवा खिलाड़ी तैयार कर चुके भारत के पूर्व अंडर 19 कोच राहुल द्रविड़ ने बताया कि सूर्यवंशी क्यों खास है. उन्होंने कहा, “इस तरह निर्भीक होकर खेलना और हालात का दबाव नहीं लेना खास है. इतनी कम उम्र में ऐसा देखने को नहीं मिलता. उसके पास इतने बेहतरीन शॉट्स भी हैं. वह अभी और निखरेगा. अब टीमें उसके खिलाफ तैयारी के साथ उतरेंगी.”

राहुल द्रविड़ ने सूर्यवंशी की कामयाबी का श्रेय लेने से किया इनकार

राहुल द्रविड़ ने सूर्यवंशी की कामयाबी का श्रेय लेने से इनकार कर दिया है. उन्होंने कहा , “सबसे ज्यादा श्रेय उसी को जाता है. मेरा श्रेय लेना गलत होगा. उसके पिता ने काफी सहयोग किया और राजस्थान रॉयल्स में कई लोग उसके साथ है.”

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लेखक के बारे में

अरबिंद कुमार मिश्रा वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल में एक अनुभवी पत्रकार के रूप में कार्यरत हैं. अप्रैल 2011 से संस्थान का हिस्सा रहे अरबिंद के पास पत्रकारिता के क्षेत्र में बतौर रिपोर्टर और डेस्क एडिटर 15 वर्षों से अधिक का अनुभव है. वर्तमान में वह नेशनल और इंटरनेशनल डेस्क की जिम्मेदारी संभालने के साथ-साथ एक पूरी शिफ्ट का नेतृत्व (Shift Lead) भी कर रहे हैं. विशेषज्ञता और अनुभव अरबिंद की लेखनी में खबरों की गहराई और स्पष्टता है. उनकी मुख्य विशेषज्ञता इन क्षेत्रों में है. राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय मामले: वैश्विक राजनीति और देश की बड़ी घटनाओं पर पैनी नजर. खेल पत्रकारिता: झारखंड में आयोजित 34वें नेशनल गेम्स से लेकर JSCA स्टेडियम में हुए कई अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट मैचों की ग्राउंड रिपोर्टिंग का अनुभव. झारखंड की संस्कृति: राज्य की कला, संस्कृति और जनजातीय समुदायों की समस्याओं और उनकी जीवनशैली पर विशेष स्टोरीज. पंचायतनामा: ग्रामीण विकास और जमीनी मुद्दों पर 'पंचायतनामा' के लिए विशेष ग्राउंड रिपोर्टिंग. करियर का सफर प्रभात खबर डिजिटल से अपने करियर की शुरुआत करने वाले अरबिंद ने पत्रकारिता के हर आयाम को बखूबी जिया है. डिजिटल मीडिया की बारीकियों को समझने से पहले उन्होंने आकाशवाणी (All India Radio) और दूरदर्शन जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में एंकरिंग के जरिए अपनी आवाज और व्यक्तित्व की छाप छोड़ी है. शिक्षा और योग्यता UGC NET: अरबिंद मिश्रा ने यूजीसी नेट (UGC NET) उत्तीर्ण की है. मास्टर्स (MA): रांची यूनिवर्सिटी के जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषा विभाग से एमए की डिग्री. ग्रेजुएशन: रांची यूनिवर्सिटी से ही मास कम्युनिकेशन एंड जर्नलिज्म में स्नातक.

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