इस वर्ल्ड कप होस्ट देश पर लग सकता है बैन, ICC इस वजह से उठा सकता है बड़ा कदम

ICC on USA Cricket: आईसीसी ने अमेरिका में टी20 वर्ल्ड कप 2024 का सफल आयोजन कर क्रिकेट को नए देश तक पहुँचाया. अब उसी अमेरिका के क्रिकेट बोर्ड (यूएसएसी) पर आईसीसी सख्त कार्रवाई की तैयारी में है. जुलाई 2024 में दिए गए गवर्नेंस नोटिस की अवधि खत्म होने को है और अगर जरूरी सुधार नहीं हुए तो यूएसएसी निलंबित हो सकता है.

ICC on USA Cricket: क्रिकेट की लोकप्रियता दिनों दिन बढ़ रही है. विश्व के अनछुए कोनों में इस खेल के दीवाने अब मौजूद हैं. इस खेल की सर्वोच्च संस्था आईसीसी ने इस दिशा में महत्वपूर्ण कदम भी उठाए हैं. पिछले साल 2024 में उसने विश्व कप को युनाइटेड स्टेट्स ऑफ अमेरिका में भी इसके आयोजन को सफलतापूर्वक पूरा किया. लेकिन अब टी20 वर्ल्ड कप 2024 की सहमेजबानी करने वाले अमेरिका के क्रिकेट बोर्ड, यूएसएसी, पर अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (ICC) कड़ी कार्रवाई की तैयारी कर रही है. जुलाई 2024 में जारी 12 महीने की गवर्नेंस नोटिस अवधि अगले महीने समाप्त होने वाली है. अगर यूएसएसी में नेतृत्व स्तर पर महत्वपूर्ण बदलाव नहीं किए गए, तो ICC अपनी वार्षिक बैठक में अमेरिका को निलंबित करने पर विचार कर सकता है.

आईसीसी ने जुलाई 2024 में यूएसएसी को आधिकारिक तौर पर नोटिस दिया था और एक नार्मलाइजेशन समिति गठित की थी, जिसका लक्ष्य सुधारों की निगरानी और नियमों के अनुपालन को सुनिश्चित करना था. टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के मुताबिक उस समय, आईसीसी ने यूएसएसी के प्रशासनिक ढांचे को उपयुक्त और प्रभावी नहीं माना था. सूत्रों का कहना है कि तब से अब तक बहुत कम प्रगति हुई है. 

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मौजूदा प्रशासन में बदलाव चाहता है ICC

इसी मामले को लेकर आईसीसी का एक प्रतिनिधिमंडल इस महीने की शुरुआत में लॉस एंजेलिस गया था, जहां अमेरिकी ओलंपिक और पैरालंपिक समिति के साथ बैठकें की गईं. इन बैठकों में समिति के सदस्य और यूएसएसी के वरिष्ठ प्रतिनिधि भी शामिल थे. चर्चाओं में यूएसएसी के भीतर जारी आंतरिक कलह और कार्यक्षमता की कमी को लेकर चिंता दोहराई गई. आईसीसी के प्रतिनिधियों ने इस दौरे के दौरान यूएसएसी बोर्ड के मौजूदा अध्यक्ष वेणु पिसिके और अन्य सदस्यों से स्वेच्छा से इस्तीफा देने का अनुरोध किया था. कुछ निदेशक इस्तीफा देने के लिए तैयार दिखे, जबकि कुछ ने विरोध जताया.

ICC ने हटाया हाथ तो मुश्किल में पड़ेगा अमेरिकी क्रिकेट

आईसीसी की ओर से कई बार चेतावनी देने के बावजूद अमेरिका क्रिकेट प्रशासन में कोई ठोस सुधार नहीं हुआ है. आईसीसी यह स्पष्ट कर चुका है कि लॉस एंजेलिस ओलंपिक 2028 में क्रिकेट की वापसी के मद्देनजर अमेरिकी क्रिकेट प्रशासन में बदलाव अब विकल्प नहीं बल्कि आवश्यकता है. अगर आईसीसी यूएसएसी को निलंबित करता है, तो इसका मतलब होगा कि अमेरिका क्रिकेट वैश्विक क्रिकेट ढांचे से कट जाएगा. इससे उसे फंडिंग प्राप्त करने, अंतरराष्ट्रीय मैच आयोजित करने या विकास कार्यक्रमों में भाग लेने की अनुमति नहीं मिलेगी.

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डेडलाइन तक समाधान की संभावना

हालांकि आईसीसी के अधिकारियों ने इसे खारिज किया और कहा कि लॉस एंजेलिस की बैठकें अनौपचारिक थीं, जिनके लिए कोई आधिकारिक एजेंडा नहीं रखा गया था. ICC इस बात को सुनिश्चित करना चाहता है कि अमेरिकी क्रिकेट समुदाय का संचालन कितनी पारदर्शिता और दक्षता से हो रहा है. वहीं माना जा रहा है कि विवाद या किसी तरह की कार्रवाई से बचने के लिए यूएसएसी के कुछ वरिष्ठ अधिकारी जल्द ही इस्तीफा दे सकते हैं. हालांकि, इस पूरे मामले पर आईसीसी की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है. लेकिन जुलाई की डेडलाइन नजदीक आ रही है, ऐसे में किसी न किसी रूप में समाधान की संभावना जरूर बन रही है. 

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अनन्त को राष्ट्रीय राजनीति की भी समझ है. उन्होंने झारखंड विधान सभा 2024, दिल्ली विधान सभा चुनाव 2025 चुनाव और देश के अन्य चुनावों को कवर किया है. चुनाव के काउंटिंग डे को कवर करने का भी उनके पास काफी अनुभव है.

अनन्त कभी-कभी नेशनल डेस्क भी संभालते हैं, जिसमें देश भर में जनता से जुड़े जरूरी सामाजिक मुद्दे, न्यायिक खबरों और अपराध की खबरों को भी कवर करते हैं. इसके अलावा उन्हें रोचक जानकारियों को क्यूरेट करने का भी शौक है. इसमें लाइफस्टाइल, ऐतिहासिक और पुरातात्विक जानकारी के साथ ही दुनिया भर के साम्राज्यों के बारे में खबरें करते हैं.

उत्तर प्रदेश के भदोही जिले के रहने वाले अनन्त ने इलाहाबाद विश्वविद्यालय से मास कम्युनिकेशन में पोस्ट ग्रेजुएशन की पढ़ाई पूरी की है. उन्होंने 2024 में अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत प्रभात खबर में खेल पत्रकार के रूप में की थी, जहां उन्होंने करीब एक वर्ष तक क्रिकेट और अन्य खेलों से जुड़ी खबरों को कवर किया. बाद में अपनी रुचि और विशेषज्ञता के चलते उन्होंने अंतरराष्ट्रीय डेस्क का रुख किया और आज वैश्विक राजनीति व भू-राजनीति के प्रमुख विषयों पर लेखन कर रहे हैं.

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