टीम इंडिया के पूर्व कप्तान महेन्द्र सिंह धोनी की श्रीलंका अगर धमाकेदार पारी की बात करे तो 2011 वर्ल्ड कप की पारी याद आती है. आज से 16 साल पहले धोनी ने श्रीलंका के खिलाफ ऐसी पारी खेली थी जिसने धोनी को क्रिकेट की दुनिया में पहचान दिलायी. बता दें महेंद्र सिंह धोनी के खाते में श्रीलंका के खिलाफ बसे बड़ी पारी खेलने का रिकॉर्ड दर्ज है. धोनी ने यह कारनामा 2005 में जयपुर में किया था.
बता दें कि श्रीलंकाई क्रिकेट टीम भारत के दौरे पर थी और इस सीरीज़ के लिए वो अपने बेस्ट खिलाड़ियों को लेकर आए थे. 7 एकदिवसीय मैचों की सीरीज में भारत ने पहले ही 2 मैच अपने नाम कर लिया था. वहीं सीरीज का तीसरा मुकाबला 31 अक्टूबर 2005 को जयपुर के सवाईमान सिंह स्टेडियम में था. श्रीलंका ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 298 रन का पहाड़ स्कोर खड़ा किया था. ओपनर कुमार संगकारा ने ताबड़तोड़ 138 रन की नाबाद पारी खेली थी. अब भारत को जीत के लिए 299 के पहाड़ जैसे लक्ष्य का पीछा करना था.
इस बड़े लक्ष्य का पीछा करने उतरी टीम इंडिया की शुरूआत अच्छी नहीं रही और महज 7 रन स्कोर पर ओपनर सचिन तेंडुलकर आउट हो गये. उस मैच में टीम इंडिया के कप्तान रहे राहुल द्रविड़ ने युवा बल्लेबाज महेंद्र सिंह धोनी को मौका दिया था. धोनी के आते ही मानो सवईं मानसिंह स्टेडियम में रनों का तूफान सा आ गया. धोनी ने अकेले श्रीलंकाई बॉलरों की धज्जियां उड़ा दी थीं. अपनी 183 रनों की उस धुआँधार पारी में उन्होंने 15 चौके जड़े और 10 आसमानी छक्के मारे. धोनी द्वारा बनाया नाबाद 183 रन का स्कोर श्रीलंका के खिलाफ बेस्ट इंडियन स्कोर है. बता दें कि उस मैच को टीम इंडिया ने 6 विकेट से अपने नाम किया.
