Vaibhav Sooryavanshi: महज 15 साल की उम्र में भारतीय क्रिकेट में सनसनी मचाने वाले वैभव सूर्यवंशी को लेकर चर्चाएं लगातार बढ़ती जा रही हैं. हाल ही में आयरलैंड और इंग्लैंड दौरे के लिए भारतीय टी20 टीम में चुने गए वैभव की तुलना अब महान बल्लेबाज सचिन तेंदुलकर से भी की जाने लगी है. हालांकि, पूर्व भारतीय कप्तान और 1983 विश्व कप विजेता कृष्णमाचारी श्रीकांत इस तुलना से सहमत नहीं हैं.
भगवान का बेटा है वैभव सूर्यवंशी
समाचार एजेंसी पीटीआई से बातचीत में श्रीकांत ने कहा कि वैभव सूर्यवंशी बेहद प्रतिभाशाली खिलाड़ी हैं, लेकिन उनकी तुलना सचिन तेंदुलकर से करना सही नहीं होगा. श्रीकांत ने कहा, “सचिन और वैभव की तुलना न करें. सचिन क्रिकेट के भगवान हैं और मेरा मानना है कि वैभव सूर्यवंशी भगवान के बेटे हैं. इसे ऐसे ही रहने दें. सचिन को अकेला छोड़ दीजिए. कोई भी उनके आसपास नहीं आ सकता.”
आयरलैंड दौरे पर तोड़ सकते हैं सचिन का रिकॉर्ड
वैभव सूर्यवंशी हाल ही में भारतीय पुरुष क्रिकेट टीम के लिए चुने जाने वाले सबसे कम उम्र के खिलाड़ी बने हैं. अगर उन्हें आयरलैंड या इंग्लैंड दौरे पर डेब्यू का मौका मिलता है तो वह सचिन तेंदुलकर का एक और रिकॉर्ड तोड़ते हुए भारत के लिए अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट खेलने वाले सबसे युवा पुरुष क्रिकेटर बन जाएंगे.
वैभव को धैर्य के साथ तैयार करना चाहिए
हालांकि श्रीकांत का मानना है कि वैभव को जल्दबाजी में आगे बढ़ाने के बजाय धैर्य के साथ तैयार किया जाना चाहिए. उन्होंने कहा कि इस युवा खिलाड़ी में अकेले दम पर मैच का रुख बदलने की क्षमता है और इसलिए उसे लंबा समय और भरपूर मौके मिलने चाहिए.
अकेले मैच जिता सकता है वैभव
पूर्व भारतीय कप्तान ने कहा, “वह ऐसा खिलाड़ी है जो अकेले मैच जिता सकता है. उसे बहुत लंबा मौका दिया जाना चाहिए. उसके साथ किसी तरह की छेड़छाड़ नहीं होनी चाहिए. अगर उसे सही तरीके से तैयार किया गया और लगातार अवसर मिले तो वह भारतीय क्रिकेट के लिए शानदार खिलाड़ी साबित होगा.”
टीम के साथ रहकर वैभव को सीखना होगा
श्रीकांत ने टी20 टीम में वैभव को शामिल किए जाने का समर्थन किया, लेकिन साथ ही यह भी कहा कि फिलहाल उसे अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट के माहौल को समझने का मौका दिया जाना चाहिए. उनके मुताबिक, वैभव को टीम के साथ रहकर सीखना चाहिए, भले ही शुरुआती मैचों में उसे प्लेइंग इलेवन में जगह न मिले.
उन्होंने कहा, “उसे यह समझने दीजिए कि अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट क्या होता है. टीम के साथ रहने से उसे काफी सीखने को मिलेगा. फिलहाल संजू सैमसन और अभिषेक शर्मा जैसे खिलाड़ी खेल रहे हैं, इसलिए जल्दबाजी करने की जरूरत नहीं है.” श्रीकांत ने यह भी कहा कि अगर भविष्य में वैभव को मौका मिलता है तो उसे किसी भी विपक्षी टीम के खिलाफ बिना अतिरिक्त दबाव के अपना स्वाभाविक खेल खेलने देना चाहिए.
आयरलैंड या इंग्लैंड दौरे पर मिलेगा वैभव को मौका?
वैभव सूर्यवंशी ने कम उम्र में ही अपनी बल्लेबाजी से क्रिकेट विशेषज्ञों और प्रशंसकों को प्रभावित किया है. यही वजह है कि उन्हें भारतीय क्रिकेट का अगला बड़ा सितारा माना जा रहा है. अब सभी की नजर इस बात पर टिकी है कि क्या उन्हें आयरलैंड या इंग्लैंड दौरे पर अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में डेब्यू का मौका मिलता है या नहीं.
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