सोशल मीडिया में इस समय क्रिकेट के भगवान सचिन तेंदुलकर टॉप ट्रेंड में हैं. सचिन ने किसान आंदोलन पर ग्लोबल प्रोपेगेंडा पर अपनी टिप्पणी दी थी और भारत के मामले में विदेशियों को प्रतिक्रिया न देने की सलाह दी थी. लेकिन सचिन को इस मामले में बोलना भारी पड़ा. उन्हें सोशल मीडिया पर लोग जमकर ट्रोल करे रहे हैं और उनपर सरकार के पक्ष में बैटिंग करने का आरोप लगा रहे हैं.
एक ट्विटर यूजर्स ने सचिन की तसवीर पोस्ट कर कहा कि किसान और भारत सरकार के बीच जारी मैच में सचिन तेंदुलकर कर रहे सरकार की ओर से बल्लेबाजी.
वहीं एक और यूजर ने सचिन की टिप्पणी को पाखंड बता दिया. एक अन्य यूजर ने लिखा, किसान भारत के लोगों के लिए लड़ रहे हैं और सचिन तेंदुलकर कॉर्पोरेट मालिकों के लिए खेल रहे हैं. एक अन्य यूजर ने धौनी की तसवीर पोस्ट कर लिखा, धन्यवाद धौनी, जो आपने किसान आंदोलन पर कुछ ट्वीट नहीं किया. उसने आगे लिखा, सचिन तेंदुलकर ने तो दिल तोड़ दिया.
दरअसल किसानों के प्रदर्शन का समर्थन करते हुए अमेरिकी पॉप गायिका रिहाना के साथ-साथ पर्यावरण एक्टिविस्ट ग्रेटा थनबर्ग समेत कई प्रमुख हस्तियां एवं कार्यकर्ताओं ने ट्वीट किया. जिसके बाद पूरे देश में हंगामा मच गया. कई लोगों ने इस मसले पर कहा कि विदेशियों को भारत के आंतरिक मामले में नहीं पड़ना चाहिए. इसी मामले में सचिन ने भी ट्वीट किया था और कहा था कि भारत की संप्रभुता से समझौता नहीं किया जा सकता. विदेशी शक्तियां दर्शक तो बन सकती हैं, लेकिन प्रतिभागी नहीं. भारतीय, भारत को जानते हैं और भारत के लिये फैसला लेना चाहिये. एक देश के तौर पर एकजुट रहें.
सचिन के अलावा कई और क्रिकेटरों और बॉलिवुड स्टार ने भी ट्वीट किया और भारत के खिलाफ प्रोपेगेंडा को गलत ठहराया. हालांकि किसान आंदोलन का वैश्विक हस्तियों के समर्थन करने के बाद आई सरकार की कड़ी प्रतिक्रिया की बॉलीवुड कलाकारों और क्रिकेटरों के हिमायत करने पर कांग्रेस नेता शशि थरूर ने कहा कि केंद्र के अड़ियल रवैये और अलोकतांत्रिक व्यवहार से भारत की वैश्विक छवि को जो नुकसान हुआ है, उसकी भरपाई नहीं हो सकती है1 भारत ने पॉप गायिका रिहाना और पर्यावरण कार्यकर्ता ग्रेटा थनबर्ग जैसी वैश्विक हस्तियों द्वारा किसान आंदोलन का समर्थन किए जाने पर कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की.
