आईपीएल ट्रॉफी पर लिखे संस्कृत के शब्द ‘यत्र प्रतिभा अवसर प्राप्तोति’ यानी “जहां टैलेंट को मौका मिलता है”, इस बार फिर सच होते दिखे. टीम के पास हर्षल पटेल और जयदेव उनादकट जैसे अनुभवी गेंदबाज थे, लेकिन खराब प्रदर्शन की वजह से उन्हें प्लेइंग इलेवन में जगह नहीं मिली. उनकी जगह दो नए खिलाड़ियों को मौका मिला. ये खिलाड़ी विदर्भ के प्रफुल हिंगे और बिहार के 21 साल के साकिब हुसैन हैं.
प्रफुल हिंगे और साकिब हुसैन ने मौके को भुनाया
प्रफुल हिंगे और साकिब हुसैन दोनों ने मौके को पूरी तरह भुनाया और शानदार प्रदर्शन कर सबका ध्यान खींच लिया. यही आईपीएल की असली पहचान भी है, जहां नए खिलाड़ियों को बड़ा मंच मिलता है. वे अपनी प्रतिभा दिखाकर स्टार बन जाते हैं. लगभग दो दशकों से चल रहे इस टूर्नामेंट में एक बार फिर यह लाइन करोड़ों फैंस के सामने सच साबित होती नजर आई. प्रफुल्ल हिंगे ने 4 ओवर में 34 रन देकर 4 विकेट लिये, वहीं साकिब हुसैन को 4 ओवर में 24 रन देकर 4 विकेट मिले.
नए खिलाड़ियों को मौका देना सोची-समझी रणनीति
सनराइजर्स हैदराबाद के कप्तान ईशान किशन ने तेज गेंदबाजों प्रफुल्ल हिंगे और साकिब हुसैन की तारीफ की. हिंगे और शाकिब ने अपने डेब्यू मैच में चार-चार विकेट झटके. ‘प्लेयर ऑफ द मैच’ हिंगे ने अपने पहले ओवर में ही तीन विकेट चटकाकर आईपीएल का नया रिकॉर्ड कायम किया. उन्होंने वैभव सूर्यवंशी, ध्रुव जुरेल और लुहान-ड्रे प्रिटोरियस को खाता खोले बिना आउट किया.
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नए गेंदबाजों को मौका देने पर किशन ने कहा कि सिर्फ टैलेंट नहीं, बल्कि खिलाड़ियों में जीतने की भूख भी देखनी होती है. उन्होंने बताया कि ये युवा पूरे सीजन बॉलिंग कोच वरुण आरोन के साथ कड़ी मेहनत कर रहे थे और सीनियर खिलाड़ियों से सीख रहे थे. घरेलू मैदान पर उन्हें मौका देना जरूरी था और आज ये फैसला बिल्कुल सही साबित हुआ.
