India vs New Zealand Prediction: न्यूजीलैंड को रौंदकर सेमीफाइनल का रास्ता बनायेगी रोहित शर्मा की ‘विराट सेना’

भारत और न्यूजीलैंड ने अबतक चार-चार मैच खेले हैं और दोनों ही टीम अबतक अजेय रही है. प्वाइंट टेबल में न्यूजीलैंड नंबर वन पोजिशन पर है क्योंकि उनका नेट रन रेट भारत से अधिक है. अगर आज भारत जीत दर्ज करता है सेमीफाइनल में पहुंचने के लिए उनकी दावेदारी और मजबूत हो जाएगी.

INDIA V NEW ZEALAND : विश्वकप के अहम मुकाबले में 22 अक्टूबर को भारत और न्यूजीलैंड के बीच मैच खेला जाएगा. यह मैच टूर्नामेंट के लिए बहुत ही खास है क्योंकि प्वाइंट टेबल में पहले और दूसरे नंबर की टीम की कल भिड़ंत होगी. दोनों ही टीम विश्वकप के अबतक के अपने ���फर में अजेय रही है. भारत और न्यूजीलैंड ने अबतक चार-चार मैच खेले हैं. प्वाइंट टेबल में न्यूजीलैंड नंबर वन पोजिशन पर है क्योंकि उनका नेट रन रेट भारत से अधिक है. अगर आज भारत जीत दर्ज करता है तो वह एक बार फिर विश्वकप के प्वाइंट टेबल में नंबर वन बन जाएगा, साथ ही सेमीफाइनल में पहुंचने के लिए उनकी दावेदारी और मजबूत हो जाएगी.

भारत और न्यूजीलैंड की भिड़ंत होगी शानदार

भारतीय टीम ने ऑस्ट्रेलिया को हराकर विश्वकप में अपने अभियान की शुरुआत की थी. वहीं न्यूजीलैंड ने इंग्लैंड को हराकर अपने अभियान की शुरुआत की थी. न्यूजीलैंड और भारत दोनों ही विश्वकप की प्रबल दावेदार टीम है. लेकिन भारत के लिए एक चिंता यह है कि उनके ऑल राउंडर हार्दिक पांड्‌या चोटिल हैं और इस मैच में वे टीम का हिस्सा नहीं होंगे. ऐसे में उनकी जगह टीम में किसको शामिल किया जाएगा यह बड़ा प्रश्न है. संभावना जताई जा रही है कि ईशान किशन या सूर्य कुमार यादव में से किसी एक को टीम में जगह दी जाएगी. शार्दुल ठाकुर अगर टीम में होंगे तो उन्हें अपनी स्पेल पूरी करनी होगी.


केन विलियमसन नहीं होंगे टीम का हिस्सा

वहीं न्यूजीलैंड की टीम भारत के साथ भी अपने कप्तान केन विलियमसन के बिना ही उतरेगी. इस बात का कितना फायदा टीम इंडिया को मिलेगा यह तो आने वाला समय ही बताएगा. विलियमसन के अंगूठे में फ्रैक्चर है इसलिए वे अभी आराम कर रहे हैं. बावजूद इसके न्यूजीलैंड की टीम में डेवोन कॉनवे, रचिन रविंद्र , टॉम लैथम, विल यंग, ग्लेन फिलिप्स और डेरिल मिशेल जैसे खिलाड़ी हैं, जो गेमचेंजर हो सकते हैं.

पिछले पांच मैचों में एक भी भारत नहीं जीता

भारत और न्यूजीलैंड के बीच खेले गए एकदिवसीय मैचों के रिकाॅर्ड को देखें तो दोनों देशों ने अबतक 113 मैच खेले हैं. भारत ने कुल 55 और न्यूजीलैंड ने 50 मैच में जीत दर्ज की है. सात मैच बेनतीजा रहा है और एक मैच टाई हुआ है. पिछले पांच मैच के आंकड़ों पर नजर डालें तो भारत की स्थिति बहुत खराब है, क्योंकि न्यूजीलैंड ने पांचों मैच जीते हैं. बावजूद इसके धर्मशाला के क्रिकेट ग्राउंड पर भारतीय टीम का हौसला बुलंद होगा और न्यूजीलैंड को हराने के लिए टीम बेहतरीन प्रदर्शन करेगी. धर्मशाला में अबतक भारत ने चार एकदिवसीय मैच खेले हैं जिसमें से दो में उसे जीत मिली है. इस लिहाज से आंकड़ा 50-50 का है.

टीम मेंबर

भारत: रोहित शर्मा (कप्तान), शुभमन गिल, विराट कोहली, श्रेयस अय्यर, लोकेश राहुल, रविंद्र जडेजा, शारदुल ठाकुर, जसप्रीत बुमराह, मोहम्मद सिराज, कुलदीप यादव, मोहम्मद शमी, रविचंद्रन अश्विन, इशान किशन और सूर्यकुमार यादव.

न्यूजीलैंड: टॉम लैथम (कप्तान), डेवोन कॉनवे, विल यंग, मार्क चैपमैन, डेरिल मिशेल, जेम्स नीशाम, ग्लेन फिलिप्स, रचिन रविंद्र, मिशेल सेंटनर, ईश सोढी, टिम साउथी, ट्रेंट बोल्ट, लॉकी फर्ग्युसन और मैट हेनरी.

मैच का समय : दोपहर दो बजे से

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Published by: Rajneesh anand

रजनीश आनंद प्रभात खबर में सीनियर चीफ कंटेंट राइटर के पद पर कार्यरत हैं और पत्रकारिता के क्षेत्र में 25 वर्षों से अधिक का अनुभव रखती हैं.फिलहाल वे प्रभात खबर के ओरिजिनल, नेशनल, इंटरनेशनल और खेल कैटेगरी के लिए राइटिंग का काम करती हैं. उनकी पहचान फैक्ट बेस्ट रिपोर्टिंग, रिसर्च बेस्ड स्टोरी और एक्सप्लेनर लेखन के लिए है.

राजनीति, सामाजिक सरोकार, ग्रामीण विकास, महिला मुद्दों, इतिहास, खेल, जनजातीय समाज और सार्वजनिक नीतियों से जुड़े विषयों पर उनकी विशेष रुचि रही है. वैसे मुद्दे जो समाज के हाशिये पर मौजूद समुदायों और आम लोगों के जीवन को प्रभावित करते हैं, लेकिन मुख्यधारा की बहस में अपेक्षाकृत कम जगह पाते हैं, ऐसे विषयों पर भी लेखन में रुचि रखती हैं.

रजनीश आनंद कई प्रतिष्ठित पत्रकारिता फेलोशिप से जुड़ी रही हैं. इन्क्लूसिव मीडिया–यूएनडीपी फेलोशिप के तहत उन्होंने झारखंड के पश्चिमी सिंहभूम (चाईबासा) जिले में माहवारी स्वच्छता और किशोरियों एवं महिलाओं के स्वास्थ्य संबंधी चुनौतियों पर अध्ययन एवं रिपोर्टिंग की. झारखंड सरकार मीडिया फेलोशिप के दौरान महिला सशक्तिकरण, सरकारी योजनाओं के प्रभाव और सामाजिक बदलाव के विभिन्न आयामों पर काम किया. इसके अलावा सेव द चिल्ड्रन फेलोशिप के तहत बच्चों के अधिकार, शिक्षा, सुरक्षा और बाल कल्याण से जुड़े मुद्दों पर गहन रिपोर्टिंग की है.

आदिवासी समाज, विशेषकर मुंडा जनजाति के इतिहास, संस्कृति और समकालीन चुनौतियों पर उनका काम उल्लेखनीय माना जाता है. उन्होंने भूमि, पहचान, परंपरा, सामाजिक बदलाव और आदिवासी समुदायों के अधिकारों से जुड़े विषयों पर व्यापक फील्ड रिपोर्टिंग की है.हाल के वर्षों में उन्होंने झारखंड में ऊर्जा संक्रमण (Energy Transition) और जस्ट ट्रांजिशन की अवधारणा पर भी काम किया है. विशेष रूप से कोयला आधारित अर्थव्यवस्था वाले क्षेत्रों में रोजगार, आजीविका और सामाजिक प्रभावों से जुड़ी चुनौतियों पर उनकी रिपोर्टिंग ने महत्वपूर्ण सवाल उठाए हैं.

रजनीश आनंद झारखंड की राजधानी रांची में रहती हैं और इलाहाबाद विश्वविद्यालय से स्नातक हैं. उन्होंने वर्ष 2000 में पत्रकारिता की शुरुआत झारखंड जागरण दैनिक से की. इसके बाद प्रभात खबर, हिंदुस्तान, रांची एक्सप्रेस और दैनिक जागरण सहित कई प्रमुख समाचार संस्थानों के लिए रिपोर्टिंग और स्वतंत्र लेखन किया. प्रिंट मीडिया के दैनिक, साप्ताहिक, पाक्षिक और सांध्य प्रकाशनों में काम करने के साथ-साथ वे वर्ष 2012 से डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय हैं.

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