कुलदीप यादव इंग्लैंड दौरे पर होंगे एक्स फैक्टर, पूर्व चयनकर्ताओं ने बताए कारण, टीम में शामिल करने की रखी मांग

IND vs ENG: पूर्व भारतीय चयनकर्ताओं और कोचों का मानना है कि कुलदीप यादव इंग्लैंड में टेस्ट सीरीज में मैच विजेता साबित हो सकते हैं. उनका कहना है कि कुलदीप को बल्लेबाजी ऑलराउंडरों पर प्राथमिकता मिलनी चाहिए. जडेजा पहली पसंद रहेंगे, लेकिन कुलदीप की मौजूदगी से स्पिन अटैक को मजबूती मिलेगी.

IND vs ENG: भारत के पूर्व चयनकर्ताओं और कोचों का मानना ​​है कि कुलदीप यादव एक ऐसे मैच विजेता खिलाड़ी हैं जो इंग्लैंड के खिलाफ उसकी धरती पर होने वाली टेस्ट श्रृंखला में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं. उनका मानना है कि कलाई के इस स्पिनर को बल्लेबाजी ऑलराउंडरों पर प्राथमिकता मिलनी चाहिए. उन्होंने यह भी राय दी कि रवींद्र जडेजा अपने बेहतर बल्लेबाजी कौशल के कारण पांच टेस्ट मैचों की श्रृंखला के लिए पहली पसंद होंगे लेकिन कुलदीप के टीम में शामिल होने से भारत का स्पिन विभाग और मजबूत हो जाएगा.

राष्ट्रीय चयन समिति आईपीएल के प्लेऑफ में पहुंचने वाली टीमों की स्थिति स्पष्ट हो जाने के बाद इंग्लैंड दौरे के लिए भारत और ए टीम की घोषणा कर सकती है. प्लेऑफ में नहीं पहुंच पाने वाली अन्य छह टीमों में शामिल लाल गेंद के विशेषज्ञ खिलाड़ी जल्दी इंग्लैंड के दौरे पर चले जाएंगे जैसा कि पहले भी होता रहा है. इससे उन्हें वहां की परिस्थितियों से सामंजस्य बिठाने में मदद मिलेगी.

ऑस्ट्रेलिया में वाशिंगटन सुंदर ने पहली पसंद के स्पिनर के रूप में शुरुआत की, क्योंकि न्यूजीलैंड के खिलाफ घरेलू मैदान पर खराब प्रदर्शन के बाद जडेजा और रविचंद्रन अश्विन दोनों को अंतिम एकादश में शामिल नहीं किया गया था. अश्विन ने ऑस्ट्रेलिया दौरे के बीच में ही संन्यास ले लिया था जबकि वाशिंगटन तीन टेस्ट मैच में केवल तीन विकेट हासिल कर पाए थे.

कुलदीप होंगे एक्स फैक्टर

चयन समिति के पूर्व अध्यक्ष एमएसके प्रसाद, उनकी चयन समिति के सहयोगी देवांग गांधी और भारत के पूर्व सलामी बल्लेबाज और प्रसिद्ध कोच डब्ल्यूवी रमन सभी को लगता है कि कुलदीप के पास वह ‘एक्स फैक्टर’ है जिसकी भारत को इंग्लैंड में जरूरत पड़ेगी. खेल के सबसे चतुर विश्लेषकों में से एक रमन ने पीटीआई से कहा, ‘‘कुलदीप यादव एक आक्रामक विकल्प हैं और उन्हें इंग्लैंड में भारतीय टीम में होना चाहिए. उन्होंने अब तक 12 टेस्ट खेले हैं और अगर हम उनके स्ट्राइक रेट पर गौर करें तो वह हर छह ओवर में एक विकेट (37.3 गेंद प्रति विकेट) है. इसलिए जडेजा के साथ कुलदीप को टीम में रखना मेरे लिए सबसे आसान काम होगा.’’

कलाई का स्पिनर होने के कारण मिलेगा फायदा

प्रसाद को भी लगता है कि वह वाशिंगटन की तुलना में बेहतर विकल्प हो सकते हैं. प्रसाद ने कहा, ‘‘हालांकि आप अब भी वाशिंगटन को टीम में रख सकते हैं, लेकिन मुझे लगता है कि आपको कुलदीप जैसे उचित मैच विजेता स्पिनर की जरूरत है.’’ उन्होंने कहा, ‘‘कुलदीप एक ऐसे खिलाड़ी हैं जो अकेले दम पर मैच जीतने की क्षमता रखते हैं. इंग्लैंड में कई ऐसी जगह है जहां स्पिनर को मदद मिलती है और वहां की परिस्थितियों में कलाई का स्पिनर होने के कारण कुलदीप बेहद उपयोगी साबित हो सकते हैं.’’

प्रसाद ने तीन स्थानों का हवाला दिया जहां गर्मी और नमी होने पर विकेट वास्तव में स्पिनरों को मदद कर सकते हैं. उन्होंने कहा, ‘‘इंग्लैंड में मौसम भी अपनी भूमिका निभाता है. लंदन में अगस्त गर्म हो सकता है और इसलिए कुलदीप ओवल में महत्वपूर्ण हो सकते हैं. अगर नमी है तो वह बर्मिंघम और ओल्ड ट्रैफर्ड में भी अंतर पैदा कर सकते हैं.’’ 

प्रसाद की अध्यक्षता वाली चयन समिति के सदस्य गांधी को लगता है कि ऑस्ट्रेलिया के विपरीत इंग्लैंड की पिचों पर ज्यादा उछाल नहीं होगा और इसलिए कुलदीप की गेंदबाजी की शैली भारत की रणनीति के अनुरूप हो सकती है. गांधी ने कहा, ‘‘जहां तक कुलदीप का सवाल है तो इंग्लैंड के बल्लेबाज उन पर स्वीप करना चाहेंगे, लेकिन इससे उन्हें विकेट लेने का मौका भी मिलेगा. कलाई के स्पिनरों में कुछ गुण होते हैं जिन में सबसे महत्वपूर्ण यह है कि वे पिच को समीकरण से बाहर कर सकते हैं.’’

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