कराची : पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (पीसीबी) ने बीसीसीआई को कानूनी नोटिस भेजा है जिससे उसने भारतीय बोर्ड के 2015 और 2023 के बीच छह द्विपक्षीय सीरीज खेलने के समझौते पत्र का सम्मान नहीं करने के लिये उससे मुआवजा मांगने की प्रक्रिया की शुरुआत कर दी. पीसीबी में एक आधिकारिक सूत्र ने पुष्टि की कि नोटिस […]
By Prabhat Khabar Digital Desk | Updated at :
कराची : पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (पीसीबी) ने बीसीसीआई को कानूनी नोटिस भेजा है जिससे उसने भारतीय बोर्ड के 2015 और 2023 के बीच छह द्विपक्षीय सीरीज खेलने के समझौते पत्र का सम्मान नहीं करने के लिये उससे मुआवजा मांगने की प्रक्रिया की शुरुआत कर दी. पीसीबी में एक आधिकारिक सूत्र ने पुष्टि की कि नोटिस भेजा गया. उन्होंने कहा, ‘‘हमारे कानूनी सलाहकार ने लंदन में एक प्रतिष्ठित कानूनी फर्म से सलाह मश्विरे के बाद कानूनी नोटिस भेजा है जिसमें भारतीय बोर्ड से मुआवजा हासिल करने के लिये एक मजबूत कानूनी मामला तैयार किया है. ‘
दोनों देशों के बोर्डों के बीच इस करार पर 2014 में हस्ताक्षर किये थे जिसके अंतर्गत पाकिस्तान ने आईसीसी में संचालन एवं वित्तीय मॉडल में ‘बिग थ्री’ का समर्थन किया था. सूत्र ने कहा कि कानूनी नोटिस में पाकिस्तान ने कहा है कि बीसीसीआई ने समझौते का सम्मान नहीं किया जबकि उसने आईसीसी अधिकारियों की मौजूदगी में इस पर हस्ताक्षर किये थे.
उन्होंने कहा, ‘‘नोटिस में यह भी कहा गया है कि भारत के लगातार इस करार के अनुसार खेलने से इनकार करने के कारण 2015 से तीन सीरीज नहीं खेली गयी जिसमें से दो की मेजबानी पाकिस्तान को करनी थी. ‘ पीसीबी ने दावा किया कि उसे भारत के सीरीज खेलने से इनकार करने के कारण 20 से 30 करोड़ डालर का नुकसान हुआ जिसकी मेजबानी पाकिस्तान को करनी थी.
सूत्र ने कहा, ‘‘हम तो यहां तक कि करार के अंतर्गत अपनी सीरीज की मेजबानी तटस्थ स्थान पर करने को भी इच्छुक थे लेकिन तब भी बीसीसीआई हमें टालता रहा और बाद में उसने इनकार कर दिया. ‘ उन्होंने साथ ही कहा, ‘‘हम मुआवजा हासिल करने के लिये अदालत या आईसीसी की विवाद निपटारा समिति के पास जाने के लिये तैयार हैं. ‘
बीसीसीआई ने लगातार यह कहते हुए पीसीबी से द्विपक्षीय मैच खेलने की पेशकश को ठुकराया है कि उसे उसकी सरकार द्वारा खेलने की हरी झंडी नहीं मिली है क्योंकि दोनों देशों के बीच तनाव चल रहा है. पीसीबी ने हाल में आईसीसी की बैठक में बीसीसीआई प्रतिनिधियों को मुआवजा हासिल करने के लिये कानूनी प्रक्रिया शुरू करने के अपने फैसले बारे में सूचित कर दिया था.