नयी दिल्ली : वर्ष 2024 ओलंपिक की मेजबानी भारत नहीं करेगा. यह बात तब साफ हुई जब अंतरराष्ट्रीय ओलंपिक समिति के अध्यक्ष थॉमस बाक ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की. बाक ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बैठक के दौरान इसकी पेशकश नहीं की.बाक ने साथ ही कहा कि आईओसी को लगता है कि देश के लिए अभी सफल खेलों की मेजबानी करना बहुत जल्दी होगा क्योंकि राष्ट्रीय ओलंपिक संस्था का पिछले साल ही निलंबन समाप्त हुआ है.
IOC के अध्यक्ष थॉमस बाक ने की नरेंद्र मोदी से मुलाकात, कहा, भारत ने नहीं की 2024 ओलंपिक की मेजबानी की पेशकश
नयी दिल्ली : वर्ष 2024 ओलंपिक की मेजबानी भारत नहीं करेगा. यह बात तब साफ हुई जब अंतरराष्ट्रीय ओलंपिक समिति के अध्यक्ष थॉमस बाक ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की. बाक ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बैठक के दौरान इसकी पेशकश नहीं की.बाक ने साथ ही कहा कि आईओसी को लगता है […]

वर्ष 2013 में आईओसी प्रमुख बनने के बाद पहली बार भारत दौरे पर आये बाक ने देश के अपने एकदिवसीय दौरे के दौरान आज शाम को प्रधानमंत्री से उनके सरकारी आवास में मुलाकात की.इसके अलावा उन्होंने भारतीय ओलंपिक संघ और खेल मंत्रालय के शीर्ष अधिकारियों से भी अलग- अलग मुलाकात की. इसके अलावा उन्होंने शहर के होटल में खेल मंत्री सर्बानंद सोनोवाल द्वारा दिये गये दोपहर के भोजन में भी हिस्सा लिया.
जर्मनी के रहने वाले बाक खुद ओलंपियन तलवारबाज रह चुके हैं. उन्होंने यहां संवाददाता सम्मेलन में कहा कि मीडिया में लगाये जा रहे इन कयासों से वह हैरान थे कि भारत 2024 ओलंपिक खेलों की मेजबानी का दावा कर सकता है.बाक ने कहा कि उन्होंने प्रधानमंत्री से इसकी पुष्टि करनी चाही जिन्होंने कहा कि देश को पूरी तैयारियों और विशेषज्ञता हासिल करने के बाद ओलंपिक की मेजबानी करनी चाहिए.
बाक ने कहा, हम इन कयासों से वाकिफ थे. हम इनसे थोड़ा हैरान थे क्योंकि हमारा मानना है कि भारत के लिए सफल ओलंपिक खेलों की मेजबानी करना अभी बहुत जल्दी होगा. मुझे खुशी है कि भारत का पिछले साल निलंबन समाप्त हो गया लेकिन आईओए को अभी अपने पांव जमाने हैं. बाक ने प्रधानमंत्री के साथ अपनी मुलाकात को बहुत अच्छी करार दिया. उन्होंने बैठक के बारे में विस्तार से बताते हुए कहा, इसलिए हमने प्रधानमंत्री से इस बारे में ( मेजबानी की संभावित दावेदारी ) बात की और उन्होंने कहा कि ऐसा करने से पहले वे पूरी तरह से तैयार होना चाहते हैं और विशेषज्ञता हासिल करना चाहते हैं. उनका ( प्रधानमंत्री ) का मानना है कि 2024 के लिए सफल दावेदारी ( 15 सितंबर की समयसीमा से पहले ) पेश करना मुश्किल हो सकता है.