मैं सरल और बेवकूफ था, विलेन नहीं :पीटरसन

लंदन: इंग्लैंड के पूर्व कप्तानकेविन पीटरसनअपनी आत्मकथा के प्रकाशन से पहले ही विवादों में बने हुए है. क्रिकेट जगत के कई लोगों का पीटरसन को समर्थन मिल रहा तो कई लोग लोग पीटरसन के विरोध में भी खुलकर सामने आ रहे है. पीटरसन ने अपनी आत्मकथा में अपने जीवन के कई उतार चढ़ाव का जिक्र […]

लंदन: इंग्लैंड के पूर्व कप्तानकेविन पीटरसनअपनी आत्मकथा के प्रकाशन से पहले ही विवादों में बने हुए है. क्रिकेट जगत के कई लोगों का पीटरसन को समर्थन मिल रहा तो कई लोग लोग पीटरसन के विरोध में भी खुलकर सामने आ रहे है. पीटरसन ने अपनी आत्मकथा में अपने जीवन के कई उतार चढ़ाव का जिक्र किया है.

इंग्लैंड क्रिकेट प्रशासन और तत्कालीन कोच एंडी फ्लावर से नाराजगी के बावजूद केविन पीटरसन ने कहा है कि वह खुद भी बहुत समझदार नहीं थे लेकिन वह ‘विलेन’ नहीं था जैसा कि बर्खास्तगी के पहले उन्हें पेश किया गया. पीटरसन ने अपनी बेबाक आत्मकथा में टीम से बाहर किये जाने का जिक्र किया है लेकिन वापसी की उम्मीद भी जताई है.

उन्होंने लिखा ,‘‘ मैंने भी हमेशा समझदारी से काम नहीं लिया. मैं सरल और बेवकूफ था. मैं हालांकि विलेन नहीं था.’’ उन्होंने कहा ,‘‘ क्रिकेट में राजनीति है, गंदी राजनीति. रातोंरात चीजें बदल जाती है. मेरा मानना है कि इंग्लैंड क्रिकेट के प्रशासन को बदला जाना चाहिये. मैं खुश हूं लेकिन वापसी करके भी खुश रहूंगा. क्रिकेट में कुछ भी हो सकता है.’’ पीटरसन ने कोच फ्लावर से अपने तनावपूर्ण संबंधों और पिछले साल अचानक कैरियर पर लगे विराम का भी जिक्र किया है.
उन्होंने कहा ,‘‘ वह रंग में भंग डालने में माहिर था. कमरे में आकर पांच सेकंड में वह ऐसा कर सकता था. मेरी उसके बारे में यही राय है. ड्रेसिंग रुम गेंदबाजों और विकेटकीपर का अड्डा बन गया था जो अपना खास क्लब चला रहे थे. यदि आप उससे बाहर हैं तो आपका मजाक बनाया जायेगा और आपको धमकाया भी जायेगा.’’ इन सभी पहलुओं पर विरोध और समर्थन का दौर जारी है.

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