केपी भास्कर की दिल्ली के रणजी कोच के रूप में वापसी, गेंदबाजी कोच होंगे राजकुमार शर्मा

नयी दिल्ली : केपी भास्कर को गुरुवार का एक साल बाद फिर दिल्ली की सीनियर रणजी टीम का कोच नियुक्त किया गया, जबकि विराट कोहली के बचपन के कोच राजकुमार शर्मा को 2019-2020 घरेलू सत्र के लिए गेंदबाजी कोच बनाया गया है. भास्कर 2017-18 सत्र में दिल्ली के कोच थे और तब टीम को इंदौर […]

नयी दिल्ली : केपी भास्कर को गुरुवार का एक साल बाद फिर दिल्ली की सीनियर रणजी टीम का कोच नियुक्त किया गया, जबकि विराट कोहली के बचपन के कोच राजकुमार शर्मा को 2019-2020 घरेलू सत्र के लिए गेंदबाजी कोच बनाया गया है.

भास्कर 2017-18 सत्र में दिल्ली के कोच थे और तब टीम को इंदौर में हुए रणजी ट्रॉफी फाइनल में विदर्भ के खिलाफ शिकस्त का सामना करना पड़ा था. ओड़िशा में घरेलू टूर्नामेंट के दौरान हालांकि गौतम गंभीर के साथ सार्वजनिक बहस के बाद उन्हें कोच पद से हाथ धोना पड़ा था.

भारत के पूर्व सलामी बल्लेबाज ने भास्कर पर ड्रेसिंग रूप में गुटबाजी को बढ़ावा देने और कुछ युवा खिलाड़ियों का करियर खत्म करने का प्रयास करने का आरोप लगाया था. मिथुन मन्हास ने 2018-19 सत्र में भास्कर की जगह ली थी, लेकिन इस दौरान टीम काफी अच्छा प्रदर्शन नहीं कर पाई.

भास्कर दिल्ली के पूर्व रणजी खिलाड़ी भी रहे हैं और उन्होंने 95 प्रथम श्रेणी मैचों में 18 शतक की मदद से 5443 रन बनाए. वह 1988-89 सत्र में रणजी खिताब जीतने वाली दिल्ली की टीम के सदस्य रहे और इसके अगले साल बंगाल के खिलाफ फाइनल भी खेले। द्रोणाचार्य पुरस्कार विजेता शर्मा को भारतीय कप्तान विराट कोहली के पहले और एकमात्र निजी कोच के रूप में जाना जाता है.

वह 1986 से 1991 के बीच दिल्ली की ओर से नौ प्रथम श्रेणी और तीन लिस्ट ए मैच खेले. उनके मार्गदर्शन में 2017-18 में दिल्ली की टीम ने सीके नायुडू (अंडर 23) टूर्नामेंट का खिताब जीता और हितेन दलाल जैसे उनके खिलाड़ियों ने सीनियर टीम में जगह बनाई. पिछले साल सीनियर टीम के साथ मौका नहीं मिलने पर वह आईसीसी क्वालीफाइंग टूर्नामेंट के लिए माल्टा की राष्ट्रीय टीम के साथ जुड़े रहे.

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By Prabhat Khabar Digital Desk

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