क्रिकेट का महाकुंभ, 12 दिन शेष : खिताब का सूखा खत्म करने उतरेगी न्यूजीलैंड की टीम
खेल डेस्करांची : 30 मई से इंग्लैंड में क्रिकेट का महाकुंभ वर्ल्ड कप का आगाज होगा. टूर्नामेंट मेें भाग ले रही न्यूजीलैंड एक ऐसी टीम है, जो अपने प्रदर्शन से हमेशा सबको चौंकाती रही है, लेकिन एक बार भी वर्ल्ड कप नहीं जीत सकी है. कीवी टीम ने छह बार वर्ल्ड कप सेमीफाइनल में जगह […]
By Prabhat Khabar Digital Desk | Updated at :
खेल डेस्क रांची : 30 मई से इंग्लैंड में क्रिकेट का महाकुंभ वर्ल्ड कप का आगाज होगा. टूर्नामेंट मेें भाग ले रही न्यूजीलैंड एक ऐसी टीम है, जो अपने प्रदर्शन से हमेशा सबको चौंकाती रही है, लेकिन एक बार भी वर्ल्ड कप नहीं जीत सकी है. कीवी टीम ने छह बार वर्ल्ड कप सेमीफाइनल में जगह बनायी है और एक बार फाइनल तक भी पहुंची है, लेकिन इससे आगे बढ़ने में वो नाकाम रहे हैं.
इस बार वह इस मिथ को तोड़ना चाहेंगे. 2015 के वर्ल्ड कप में टीम ने फाइनल तक का सफर तय किया था और इस बार वह ट्रॉफी जरूर उठाना चाहेगी. केन विलियम्सन की अगुवाई में उनके पास इस बार ऐसी टीम भी है, जो उनके वर्ल्ड कप के सूखे को खत्म कर सकती है. टीम अपने अभियान की शुरुआत एक जून को श्रीलंका के खिलाफ मुकाबले से करेगी.
टीम की मजबूती : न्यूजीलैंड टीम की सबसे बड़ी ताकत उसके ऊपरी क्रम के बल्लेबाज हैं. टीम में मार्टिन गुप्टिल और कोलिन मुनरो के रूप में दुनिया की सबसे खतर नाक ओपनिंग जोड़ी में से एक है. इसके अलावा तीसरे नंबर पर उनके पास कप्तान केन विलियम्सन के रूप में जबरदस्त भरोसेमंद बल्लेबाज है. मध्यक्रम में अनुभवी रोस टेलर हैं, जो अकेले दम पर मैच का पासा पलटने की क्षमता रखते हैं.
टीम की कमजोरी : न्यूजीलैंड टीम की सबसे बड़ी कमजोरी है कि बोल्ट और साउदी के अलावा उनके पास कोई और अनुभवी व भरोसेमंद गेंदबाज नहीं है. लोकी फर्ग्यूसन जरूर तेज गति से गेंदबाजी करते हैं, लेकिन उनके पास अभी अनुभव की कमी है. अगर बोल्ट और साउदी का दिन अच्छा नहीं रहा, तो और कोई भी गेंदबाज ऐसा नहीं दिखता है, जो अपने दम पर मैच जिता सके.