नया खुलासा : दिसंबर के बाद से कोहली-कुंबले में बंद थी बातचीत

नयी दिल्ली : बीसीसीआइ के शीर्ष अधिकारियों को यह आभास था कि टीम में सब कुछ सही नहीं चल रहा है, लेकिन जब उन्हें पता चला कि कप्तान विराट कोहली और मुख्य कोच अनिल कुंबले दिसंबर, 2016 से आपस में बात नहीं कर रहे थे. एक और महत्वपूर्ण बात यह भी सामने आयी है कि […]

नयी दिल्ली : बीसीसीआइ के शीर्ष अधिकारियों को यह आभास था कि टीम में सब कुछ सही नहीं चल रहा है, लेकिन जब उन्हें पता चला कि कप्तान विराट कोहली और मुख्य कोच अनिल कुंबले दिसंबर, 2016 से आपस में बात नहीं कर रहे थे. एक और महत्वपूर्ण बात यह भी सामने आयी है कि सचिन तेंडुलकर, सौरव गांगुली और वीवीएस लक्ष्मण की मुख्य सलाहकार समिति (सीएसी) ने भी कुंबले का कार्यकाल बढ़ाने को सीधे तौर पर हरी झंडी नहीं दिखायी थी.

इस पूरे प्रकरण के दौरान लंदन में मौजूद रहे बीसीसीआइ के ए�� वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि रिपोर्टों में कहा गया है कि सीएसी ने कुंबले का कार्यकाल बढ़ाने के लिए कहा है. उन्होंने ऐसा कहा था, लेकिन इसमें एक शर्त भी थी सभी लंबित मसलों को सुलझाने के बाद ही कुंबले को रिटेन किया जाना चाहिए.

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कुंबले का टिकट हो गया था, पत्नी भी वेस्टइंडीज जानेवाली थी
शीर्ष अधिकारी के अनुसार अनिल का बारबाडोस (वेस्टइंडीज दौरा) के लिए टिकट कर दिया गया था. उनकी पत्नी को भी वहां पहुंचना था, लेकिन वह समझ चुके थे कि उनका कार्यकाल खत्म हो चुका है. अधिकारी से पूछा गया कि क्या वह इस पर विस्तार से बता सकते हैं, उन्होंने कहा कि विराट को लगता था कि अनिल उस क्षेत्र में भी दखल देते हैं, जिस पर पूरी तरह से उनका अधिकार है. जहां तक भारत के पूर्व कप्तान और भद्रजनों में से एक अनिल की बात है, तो उनका मानना था कि उनकी अपनी राय होती है, आखिरी फैसला हमेशा कप्तान का होता है.

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