Vastu Tips: पति-पत्नी और परिवार में बढ़ रहा तनाव? घर के इस कोने पर दें खास ध्यान

Vastu Tips: वास्तु शास्त्र में नैऋत्य कोण यानी दक्षिण-पश्चिम दिशा को स्थिरता और पारिवारिक संतुलन से जोड़ा गया है. मान्यता है कि इस दिशा में दोष होने से रिश्तों में तनाव, आर्थिक परेशानी और करियर संबंधी बाधाएं बढ़ सकती हैं.

Vastu Tips: घर में बिना वजह छोटी-छोटी बातों पर विवाद, आपसी तनाव और रिश्तों में खटास बनी रहे तो वास्तु शास्त्र में घर की दिशाओं पर भी ध्यान देने की सलाह दी जाती है. वास्तु मान्यताओं के अनुसार, नैऋत्य कोण यानी दक्षिण-पश्चिम दिशा स्थिरता और पारिवारिक संतुलन से जुड़ी महत्वपूर्ण दिशा है.

नैऋत्य कोण को क्यों माना जाता है महत्वपूर्ण?

वास्तु शास्त्र में दक्षिण-पश्चिम दिशा को पृथ्वी तत्व और स्थिरता से जोड़ा जाता है. पारंपरिक वास्तु में इस दिशा के दिक्पाल निरृति माने जाते हैं. घर के भारी हिस्से, स्थिरता और परिवार के वरिष्ठ या मुखिया से जुड़े विषयों को भी इस दिशा से जोड़ा जाता है. इसलिए वास्तु मान्यता के अनुसार नैऋत्य कोण का असंतुलन घर के वातावरण और पारिवारिक संबंधों पर नकारात्मक प्रभाव डाल सकता है.

इस दिशा में कौन से दोष माने जाते हैं?

यदि घर का दक्षिण-पश्चिम यानी नैऋत्य कोण कटा हुआ हो या इस दिशा में मुख्य द्वार बना हो तो इसे वास्तु दोष माना जाता है. बड़ी खिड़की, खुली बालकनी या अत्यधिक खाली स्थान भी कुछ वास्तु परंपराओं में इस दिशा के लिए अनुकूल नहीं माने जाते.

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पानी और रसोई से जुड़ा दोष

वास्तु के अनुसार नैऋत्य कोण में भूमिगत पानी की टंकी, बोरवेल या सेप्टिक टैंक होना उचित नहीं माना जाता. इसी तरह इस दिशा में रसोई होने को भी कुछ वास्तु विशेषज्ञ प्रतिकूल मानते हैं. मान्यता है कि इससे घर में आर्थिक अस्थिरता, मानसिक तनाव और पारिवारिक विवाद बढ़ सकते हैं. हालांकि इन बातों का वैज्ञानिक प्रमाण उपलब्ध नहीं है और इन्हें वास्तु परंपरा के संदर्भ में ही समझना चाहिए.

परिवार और करियर पर पड़ सकता है असर

वास्तु मान्यताओं में नैऋत्य कोण को घर की स्थिरता से जोड़कर देखा जाता है. इसलिए इस दिशा में गंभीर दोष होने पर परिवार के सदस्यों के बीच मतभेद, घर के मुखिया को परेशानियां, करियर में रुकावट और आर्थिक अस्थिरता जैसी स्थितियों की मान्यता है.

कैसे दूर करें नैऋत्य कोण का दोष?

वास्तु के अनुसार इस दिशा को भारी और बंद रखना बेहतर माना जाता है. यहां भारी अलमारी, फर्नीचर या अन्य वजनदार सामान रखा जा सकता है. दीवारों पर क्रीम, हल्का पीला या भूरा रंग रखने की सलाह दी जाती है. नीले रंग से बचने की मान्यता है. इस दिशा की दीवारें अपेक्षाकृत ऊंची और मोटी रखना भी वास्तु में शुभ माना जाता है.

नोट: वास्तु से जुड़े ये प्रभाव और उपाय पारंपरिक मान्यताओं पर आधारित हैं. घर में लगातार तनाव या आर्थिक समस्या होने पर व्यावहारिक कारणों पर भी ध्यान दें. प्रभात खबर इसकी वैज्ञानिक पुष्टि नहीं करता है.

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लेखक के बारे में

By शौर्य पुंज

मैं धर्म, ज्योतिष और आध्यात्मिक विषयों पर लेखन में विशेषज्ञता रखता हूं. हस्तरेखा शास्त्र, राशिफल, ग्रह-नक्षत्र, धार्मिक परंपराओं और पौराणिक कथाओं से जुड़े विषयों पर मेरी विशेष रुचि और गहरी समझ है. रांची के सेंट जेवियर्स कॉलेज से मास कम्युनिकेशन में स्नातक करने के बाद मैंने डिजिटल मीडिया और कंटेंट राइटिंग के क्षेत्र में 15 वर्षों से अधिक का अनुभव हासिल किया है. धर्म और ज्योतिष के अलावा एंटरटेनमेंट, लाइफस्टाइल और शिक्षा जैसे विषयों पर भी लगातार लेखन करता रहा हूं. मेरी कोशिश रहती है कि जटिल विषयों को आसान, रोचक और भरोसेमंद तरीके से पाठकों तक पहुंचाया जाए.

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