Vastu Tips: घर की सुरक्षा के लिए चाबियां बेहद जरूरी होती हैं, लेकिन जब कोई चाबी बेकार हो जाए, ताला बदल जाए या चाबी पर जंग लग जाए, तो उसे संभालकर रखने की जरूरत नहीं मानी जाती. वास्तु शास्त्र की मान्यताओं के अनुसार ऐसी अनुपयोगी वस्तुएं घर में नकारात्मक या रुकी हुई ऊर्जा का प्रतीक मानी जा सकती हैं.
जंग लगी चाबियां क्यों मानी जाती हैं अशुभ?
ज्योतिषाचार्य डॉ संजीत कुमार मिश्रा कहते हैं कि वास्तु से जुड़ी मान्यताओं में जंग लगी और खराब चाबियों को शुभ नहीं माना जाता. ऐसी चाबियां लंबे समय से इस्तेमाल में न होने के कारण अव्यवस्था का संकेत मानी जाती हैं. कुछ ज्योतिषीय मान्यताओं में लोहे और जंग लगी वस्तुओं का संबंध शनि से भी जोड़ा जाता है. इसलिए खराब चाबियों को घर से हटाने की सलाह दी जाती है.
क्या पुरानी चाबी आर्थिक रुकावट का कारण बनती है?
वास्तु मान्यताओं के अनुसार जिस चाबी का ताला ही मौजूद न हो या जिसका इस्तेमाल पूरी तरह बंद हो चुका हो, उसे घर में रखना अनावश्यक माना जाता है. इसे रुकी हुई ऊर्जा और कामकाज में बाधा के प्रतीक के रूप में देखा जाता है. हालांकि, यह वास्तु संबंधी मान्यता है, इसका कोई वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है.
चाबियां रखने की सही दिशा कौन सी है?
वास्तु परंपरा में चाबियां रखने के लिए पश्चिम दिशा को अनुकूल माना जाता है. घर के प्रवेश द्वार के पास पश्चिम दिशा में व्यवस्थित की-होल्डर रखना बेहतर माना जाता है. इससे चाबियां एक निश्चित स्थान पर रहती हैं और घर में अनावश्यक अव्यवस्था भी नहीं होती.
पूजा घर और रसोई में न रखें चाबियां
वास्तु मान्यताओं के अनुसार चाबियों को पूजा घर में रखने से बचना चाहिए, क्योंकि पूजा स्थल को पवित्र स्थान माना जाता है. इसी तरह रसोई में भी चाबियों का गुच्छा रखने की सलाह नहीं दी जाती. रसोई अग्नि तत्व से जुड़ी होती है, इसलिए वहां अनावश्यक धातु की वस्तुएं रखने से बचने की परंपरा है.
की-रिंग को लेकर भी बरतें सावधानी
टूटा हुआ या खराब की-रिंग तुरंत बदल देना चाहिए. चाबियों के गुच्छे में भगवान की तस्वीर वाले की-रिंग का इस्तेमाल करने से भी वास्तु और धार्मिक दृष्टि से बचने की सलाह दी जाती है. पुरानी और बेकार चाबियों को नई चाबियों के गुच्छे से अलग रखना बेहतर माना जाता है.
क्या करें पुरानी चाबियों का?
अगर कोई चाबी लंबे समय से इस्तेमाल में नहीं है, उस ताले का अस्तित्व नहीं है या चाबी खराब हो चुकी है, तो उसे अलग कर दें. घर को व्यवस्थित और अनावश्यक वस्तुओं से मुक्त रखना वास्तु परंपराओं के साथ-साथ सामान्य घरेलू व्यवस्था के लिहाज से भी उपयोगी है.
