Vaishakh Purnima 2026: वैशाख मास की पूर्णिमा इस वर्ष 1 मई 2026 दिन शुक्रवार को श्रद्धा और आस्था के साथ मनाई जाएगी. पंचांग के अनुसार पूर्णिमा तिथि 30 अप्रैल की रात 8 बजकर 17 मिनट से प्रारंभ होकर 1 मई की रात 9 बजकर 27 मिनट तक रहेगी, इसलिए उदया तिथि के आधार पर इसका महत्व 1 मई को माना गया है. यह दिन सनातन परंपरा में अत्यंत पवित्र माना जाता है, जब भगवान विष्णु की विधि-विधान से पूजा, गंगा स्नान और दान-पुण्य का विशेष फल मिलता है. इस दिन किए गए जप, तप और दान से जीवन के पापों का क्षय होता है और सुख-समृद्धि का आशीर्वाद प्राप्त होता है. यही तिथि भगवान बुद्ध के जन्म, ज्ञान और महापरिनिर्वाण से भी जुड़ी है, इसलिए इसे बुद्ध पूर्णिमा के रूप में भी पूरे देश में श्रद्धा से मनाया जाता है.
वैशाख पूर्णिमा पर पूजा विधि
- वैशाख पूर्णिमा के दिन सुबह जल्दी उठकर पवित्र नदी या घर पर ही स्नान करें.
- अब भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की विधि-विधान से पूजा करें.
- इसके बाद सफेद और पीले रंग की मिठाई भोग के रूप में अर्पित करें.
- इस दौरान दीप, धूप और तुलसी प्रभु और देवी को अर्पित करें.
- चंद्रमा को सफेद चीजों का दान करें.
- अंत में पूजा में हुई भूल की क्षमा मांगकर पूजा समाप्त करें.
वैशाख पूर्णिमा का धार्मिक महत्व
वैशाख पूर्णिमा को धर्म, दान और तप का अत्यंत पावन पर्व माना जाता है. ऐसी मान्यता है कि इस दिन भगवान विष्णु की विधिपूर्वक पूजा करने से जीवन के कष्ट दूर होते हैं और सुख-समृद्धि की प्राप्ति होती है, इसी तिथि पर भगवान बुद्ध का जन्म, ज्ञान प्राप्ति और महापरिनिर्वाण हुआ था, इसलिए इसे बुद्ध पूर्णिमा के रूप में भी मनाया जाता है. यही कारण है कि यह दिन हिंदू और बौद्ध दोनों ही धर्मों में विशेष महत्व रखता है.
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