Vaishakh Month 2025 Date: हिंदू पंचांग के अनुसार चैत्र मास के बाद वैशाख महीने की शुरुआत होती है. सनातन धर्म में इस महीने को भगवान विष्णु की पूजा के लिए बेहद शुभ मान्यता है. मान्यता है कि इस पूरे महीने में सच्चे मन से पूजा, दान और स्नान करने से अच्छा फल मिलता है. इतना ही नहीं, कहा जाता है कि इस महीने में केवल जल दान करने से भी बड़ा पुण्य प्राप्त होता है.
वैशाख मास 2026 कब से शुरू होगा?
वैदिक पंचांग के अनुसार, वैशाख महीने की शुरुआत कृष्ण पक्ष की प्रतिपदा तिथि से होती है. यह तिथि 2 अप्रैल को सुबह 7:41 बजे शुरू होगी और 3 अप्रैल को सुबह 8:42 बजे तक रहेगी. उदयातिथि के आधार पर वैशाख मास की शुरुआत 3 अप्रैल, शुक्रवार से मानी जाएगी.
वैशाख मास का धार्मिक महत्व
वैशाख महीने को “माधव मास” भी कहा जाता है, जो भगवान विष्णु को समर्पित है. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इसी महीने में भगवान विष्णु के कई अवतार जैसे नर-नारायण, नृसिंह, परशुराम और हयग्रीव का प्रकट होना मान्यता है.
इसी महीने में माता सीता का जन्म भी हुआ था, जिसे सीता नवमी या जानकी नवमी के रूप में मनाया जाता है. यह महीना पूजा-पाठ, दान और नए कार्यों की शुरुआत के लिए बहुत शुभ मान्यता है.
वैशाख मास में क्या करें?
इस महीने में सुबह जल्दी उठकर स्नान करना, भगवान विष्णु और श्रीकृष्ण की पूजा करना और जरूरतमंदों को दान देना बहुत फलदायी मान्यता है. खासकर जल, अन्न और वस्त्र दान करने से पुण्य मिलता है और जीवन में सुख-समृद्धि आती है.
कैसे पड़ा वैशाख नाम?
हिंदू कैलेंडर में हर महीने का नाम उस नक्षत्र के आधार पर रखा जाता है, जिसमें पूर्णिमा के दिन चंद्रमा होता है. वैशाख महीने में पूर्णिमा के दिन चंद्रमा विशाखा नक्षत्र में होता है, इसलिए इस महीने का नाम “वैशाख” पड़ा.
