Vaishakh Masik Shivratri 2026: हिंदू पंचांग के अनुसार, प्रत्येक मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि को मासिक शिवरात्रि मनाई जाती है. इस दिन भगवान शिव की पूजा-अर्चना की जाती है. मान्यता है कि इस व्रत को करने से साधक के जीवन से हर संकट, बाधा और परेशानियां दूर होती हैं. साथ ही सुख-समृद्धि और तरक्की प्राप्त होती है.
वैशाख मासिक शिवरात्रि 2026: तिथि और समय
- तारीख: 15 अप्रैल 2026, बुधवार
- चतुर्दशी तिथि प्रारंभ: 15 अप्रैल 2026, रात 10:31 बजे से
- चतुर्दशी तिथि समाप्त: 16 अप्रैल 2026, रात 08:11 बजे तक
चूंकि शिवरात्रि की मुख्य पूजा आधी रात (निशिता काल) में की जाती है, इसलिए यह व्रत 15 अप्रैल को ही रखा जाएगा.
- पूजा का समय: रात 12:02 से रात 12:47 तक (16 अप्रैल)
- अवधि: 45 मिनट
पूजा विधि
- सुबह स्नान के बाद हाथ में जल और अक्षत लेकर व्रत का संकल्प लें.
- इस दिन मंदिर जाएं या घर के मंदिर में ही शिव परिवार की पूजा करें.
- शिवलिंग पर गंगाजल, दूध, दही, शहद और घी अर्पित करें. वैशाख की गर्मी को देखते हुए महादेव को शीतल जल की धारा चढ़ाना अत्यंत शुभ माना जाता है.
- भगवान को 11 या 21 बेलपत्र और धतूरा अर्पित करें. साथ ही फलों और मिठाइयों का भोग लगाएं.
- शिवरात्रि का अर्थ ही है ‘शिव की रात’. इस दिन रात के समय भगवान शिव के मंत्रों का जाप करें और शिव चालीसा का पाठ अवश्य करें.
- अंत में दीपक या कपूर जलाकर आरती करें.
भगवान शिव के मंत्र
1. शिव मूल मंत्र
ॐ नमः शिवाय॥
2. महामृत्युञ्जय मंत्र
ॐ त्र्यम्बकं यजामहे सुगन्धिं पुष्टिवर्धनम्।
उर्वारुकमिव बन्धनान् मृत्योर्मुक्षीय मामृतात्॥
3. रुद्र गायत्री मंत्र
ॐ तत्पुरुषाय विद्महे महादेवाय धीमहि।
तन्नो रुद्रः प्रचोदयात्॥
4. शिव गायत्री मंत्र
ॐ महादेवाय विद्महे रुद्रमूर्तये धीमहि.
तन्नः शिवः प्रचोदयात्॥
5. मृत्युञ्जय महादेव मंत्र
ॐ मृत्युञ्जय महादेव त्राहि मां शरणागतम्।
जन्म-मृत्यु-जरा-व्याधि-पीड़ितं कर्मबन्धनैः॥
6. दक्षिणामूर्ति शिव मंत्र
ॐ नमो भगवते दक्षिणामूर्तये।
मह्यं मेधां प्रज्ञां प्रयच्छ स्वाहा॥
7. नीलकण्ठ महादेव मंत्र
ॐ नमो नीलकण्ठाय।
यहां पढ़ें धर्म से जुड़ी बड़ी खबरें: Religion News in Hindi – Spiritual News, Hindi Religion News, Today Panchang, Astrology at Prabhat Khabar
