Sankashti Chaturthi 2026: मई 2026 में संकष्टी चतुर्थी को लेकर कई लोगों के मन में यही सवाल है कि व्रत 5 मई को रखा जाए या 6 मई को. दरअसल, इस बार चतुर्थी तिथि (ekdant sankashti chaturthi) 5 मई की सुबह से शुरू होकर 6 मई की सुबह तक रहेगी, इसलिए भ्रम होना स्वाभाविक है. लेकिन संकष्टी चतुर्थी का व्रत हमेशा उस दिन रखा जाता है, जब चतुर्थी तिथि के दौरान चंद्र दर्शन (चंद्रोदय) होता है. यही नियम इस व्रत की तिथि तय करता है.
हिंदू धर्म में भगवान गणेश को विघ्नहर्ता और प्रथम पूज्य माना जाता है. संकष्टी चतुर्थी के दिन विधिपूर्वक पूजा और व्रत करने से जीवन के सभी कष्ट दूर होते हैं. अगर इस दिन राशि के अनुसार भगवान गणेश को उनकी प्रिय वस्तुएं अर्पित की जाएं, तो विशेष फल की प्राप्ति होती है.
राशि अनुसार क्या चढ़ाएं बप्पा को
मेष (Aries)
मेष राशि के जातक लाल फूल और गुड़ अर्पित करें. इससे साहस और सफलता में वृद्धि होती है.
वृषभ (Taurus)
वृषभ राशि वाले सफेद मिठाई और दूध का भोग लगाएं. इससे सुख-समृद्धि बढ़ती है.
मिथुन (Gemini)
मिथुन राशि के लोग हरी दूर्वा और मूंग दाल अर्पित करें. यह बुद्धि और वाणी में सुधार लाता है.
कर्क (Cancer)
कर्क राशि के जातक चावल और दूध से बनी खीर चढ़ाएं. इससे पारिवारिक सुख मिलता है.
सिंह (Leo)
सिंह राशि वाले लाल चंदन और गुड़ अर्पित करें. इससे आत्मविश्वास और मान-सम्मान बढ़ता है.
कन्या (Virgo)
कन्या राशि के लोग हरी सब्जियां और दूर्वा अर्पित करें. इससे स्वास्थ्य और शांति मिलती है.
तुला (Libra)
तुला राशि के जातक सफेद फूल और मिठाई चढ़ाएं. इससे रिश्तों में मधुरता आती है.
वृश्चिक (Scorpio)
वृश्चिक राशि वाले लाल फूल और लड्डू अर्पित करें. इससे नकारात्मक ऊर्जा दूर होती है.
धनु (Sagittarius)
धनु राशि के लोग पीले फूल और बेसन के लड्डू चढ़ाएं. इससे भाग्य का साथ मिलता है.
मकर (Capricorn)
मकर राशि के जातक तिल और गुड़ अर्पित करें. इससे कार्यों में सफलता मिलती है.
कुंभ (Aquarius)
कुंभ राशि वाले नारियल और फल अर्पित करें. इससे मानसिक शांति प्राप्त होती है.
मीन (Pisces)
मीन राशि के लोग पीले फूल और मोदक चढ़ाएं. इससे आध्यात्मिक उन्नति होती है.
