Raksha Bandhan 2026: आज यानी शुक्रवार, 28 अगस्त को देशभर में रक्षाबंधन का पर्व मनाया जा रहा है. इस बार राखी के त्योहार पर भद्रा का साया नहीं है, इसलिए बहनें पूरे दिन अपने भाइयों की कलाई पर राखी बांध सकती हैं. हालांकि, इस बार रक्षाबंधन के दिन चंद्र ग्रहण भी लग रहा है, लेकिन भारत में यह ग्रहण दिखाई नहीं देगा. ऐसे में भारत में ग्रहण का सूतक मान्य नहीं होगा और रक्षाबंधन पर इसका कोई धार्मिक प्रभाव नहीं माना जाएगा.
आज कब समाप्त होगी पूर्णिमा तिथि?
सावन पूर्णिमा तिथि आज सुबह से है और रात 9:38 बजे समाप्त होगी. इसके बाद भाद्रपद की प्रतिपदा तिथि शुरू हो जाएगी. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार प्रतिपदा तिथि में राखी बांधना शुभ नहीं माना जाता है. ऐसे में जो लोग पूर्णिमा तिथि के भीतर राखी बांधना चाहते हैं, वे सुबह 9:38 बजे से पहले यह परंपरा पूरी कर सकते हैं.
राखी बांधने का शुभ मुहूर्त सुबह 6:22 बजे से 9:48 बजे तक बताया गया है. वहीं, कुछ ज्योतिषियों का मानना है कि उदया तिथि का प्रभाव पूरे दिन रहता है. इस बार भद्रा नहीं होने के कारण दिनभर राखी बांधने में कोई बाधा नहीं रहेगी. इसलिए परिवार अपनी सुविधा और मान्यता के अनुसार राखी बांध सकते हैं.
करीब 27 वर्षों बाद ऐसा दुर्लभ संयोग बनने की बात कही जा रही है, जब रक्षाबंधन भद्रा के साये से मुक्त होकर मनाया जा रहा है.
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भारत में चंद्र ग्रहण का असर नहीं
28 अगस्त को खंडग्रास यानी आंशिक चंद्र ग्रहण होगा. हालांकि, यह ग्रहण भारत के किसी भी हिस्से में दिखाई नहीं देगा. इसलिए भारत में इसका सूतक काल मान्य नहीं होगा और रक्षाबंधन के पर्व पर भी ग्रहण का कोई प्रभाव नहीं माना जाएगा.
रक्षाबंधन केवल राखी बांधने का पर्व नहीं, बल्कि भाई-बहन के प्रेम, विश्वास, स्नेह और जिम्मेदारी का प्रतीक है. बहन भाई की कलाई पर राखी बांधकर उसके सुखी जीवन की कामना करती है, जबकि भाई हमेशा उसकी रक्षा और साथ देने का संकल्प लेता है.
