Raksha Bandhan 2025 : अगर कुंडली में हैं दोष, तो रक्षाबंधन 2025 के दिन करें ये विशेष रक्षा मंत्र जाप

Raksha Bandhan 2025 : आप या आपके भाई की कुंडली में ग्रह दोष हैं, तो इन विशेष रक्षा मंत्रों का जाप करके आप नकारात्मक प्रभावों को कम कर सकते हैं और भाई के जीवन में सफलता, सुख और सुरक्षा का मार्ग प्रशस्त कर सकते हैं.

Raksha Bandhan 2025 : रक्षाबंधन 2025 एक पावन पर्व है जो इस वर्ष 09 अगस्त 2025, को मनाया जाएगा. यह दिन भाई-बहन के पवित्र रिश्ते को और अधिक मजबूत बनाने का अवसर होता है. बहनें राखी बांधकर भाई की दीर्घायु और सफलता की कामना करती हैं. लेकिन अगर किसी व्यक्ति की कुंडली में ग्रह दोष, जैसे राहु-केतु, शनि या कालसर्प दोष हो, तो रक्षाबंधन का यह शुभ दिन एक उपचारात्मक साधना का भी कार्य करता है. इस दिन विशेष रक्षा मंत्रों का जाप करने से ना केवल व्यक्ति की जन्मकुंडली के दोष शांत होते हैं, बल्कि जीवन में आने वाली बाधाएं भी दूर होती हैं:-

– कालसर्प दोष निवारण हेतु रक्षा मंत्र

यदि कुंडली में कालसर्प दोष है, तो रक्षाबंधन पर इस मंत्र का जाप अत्यंत लाभकारी होगा:
“ओम नमः भगवते वासुकेश्वराय सर्वदोष विनाशाय सर्वरोग निवारणाय नमः शिवाय।”
जप संख्या: 108 बार
सामग्री: दूध, जल, कुशा और नाग के प्रतीक की पूजा करें.

– शनि दोष शांत करने के लिए रक्षा मंत्र

शनि से जुड़ी पीड़ा, नौकरी में बाधा, मानसिक तनाव या स्वास्थ्य समस्याओं से मुक्ति के लिए:
“ओम नीलांजनसमाभासं रविपुत्रं यमाग्रजम्
छायामार्तण्ड सम्भूतं तं नमामि शनैश्चरम्”
जप संख्या: 108 या 216 बार
विधि: रक्षाबंधन के दिन शनि मंदिर में तेल चढ़ाएं और यह मंत्र जपें.

– राहु-केतु दोष के लिए विशेष रक्षा साधना

इन ग्रहों के प्रभाव से जीवन में अस्थिरता और मानसिक द्वंद्व होता है। इनके निवारण हेतु करें ये मंत्र जाप:
“ओम रां राहवे नमः” (राहु के लिए)
ओम कें केतवे नमः” (केतु के लिए)
जप संख्या: प्रत्येक मंत्र 108 बार
विधि: शाम के समय दीप जलाकर शांत स्थान पर जप करें.

– सर्व ग्रह दोष निवारण हेतु महामंत्र

यदि ग्रह दोष की स्पष्ट जानकारी न हो तो यह महामंत्र सभी दोषों से रक्षा करता है:
ओम त्र्यम्बकं यजामहे सुगंधिं पुष्टिवर्धनम्
उर्वारुकमिव बन्धनान्मृत्योर्मुक्षीय मामृतात्”
जप संख्या: 108 बार
इस मंत्र को जल में तुलसी पत्र डालकर जपें और पानी भाई को पिलाएं.

– भाई की रक्षा के लिए रक्षा सूत्र बांधते समय यह विशेष रक्षा मंत्र बोलें

“येन बद्धो बली राजा दानवेन्द्रो महाबलः
तेन त्वां प्रतिबध्नामि रक्षे माचल माचल”
उपयोग: राखी बांधते समय इस मंत्र को जपते हुए रक्षा सूत्र बांधें.

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रक्षाबंधन 2025 सिर्फ एक भावनात्मक पर्व नहीं, बल्कि एक आध्यात्मिक और ज्योतिषीय दृष्टि से भी अत्यंत महत्वपूर्ण दिन है. यदि आप या आपके भाई की कुंडली में ग्रह दोष हैं, तो इन विशेष रक्षा मंत्रों का जाप करके आप नकारात्मक प्रभावों को कम कर सकते हैं और भाई के जीवन में सफलता, सुख और सुरक्षा का मार्ग प्रशस्त कर सकते हैं.

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Published by: Ashi goyal

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