Pradosh Vrat 2026: प्रदोष व्रत भगवान शिव और माता पार्वती को समर्पित व्रत है. मान्यता है कि इस व्रत को करने से साधक के जीवन से सभी प्रकार के दोष, कष्ट, दुख और दर्द दूर हो जाते हैं. साथ ही घर में सुख-समृद्धि आती है. इस दिन भगवान शंकर और माता पार्वती की कृपा प्राप्त करने के लिए साधक को पूरी विधिपूर्वक पूजा करनी चाहिए और महादेव के 108 नामों का जाप करना चाहिए. नाम का उच्चारण करने से एकाग्रता बढ़ती है, मन को शांति मिलती है और नकारात्मक विचार नष्ट होते हैं.
भगवान शिव के 108 नाम
- रुद्र: ऊँ रुद्राय नमः।
- शर्व: ऊँ शर्वाय नमः।
- भव: ऊँ भवाय नमः।
- उग्र: ऊँ उग्राय नमः।
- भीम: ऊँ भीमाय नमः।
- पशुपति: ऊँ पशुपतये नमः।
- ईशान: ऊँ ईशानाय नमः।
- महादेव: ऊँ महादेवाय नमः।
- शिव: ऊँ शिवाय नमः।
- महेश्वर: ऊँ महेश्वराय नमः।
- शंभू: ऊँ शंभवे नमः।
- पिनाकि: ऊँ पिनाकिने नमः।
- शशिशेखर: ऊँ शशिशेखराय नमः।
- वामदेव: ऊँ वामदेवाय नमः।
- विरूपाक्ष: ऊँ विरूपाक्षाय नमः।
- कपर्दी: ऊँ कपर्दिने नमः।
- नीललोहित: ऊँ नीललोहिताय नमः।
- शंकर: ऊँ शंकराय नमः।
- शूलपाणि: ऊँ शूलपाणये नमः।
- खटवांगी: ऊँ खट्वांगिने नमः।
- विष्णुवल्लभ: ऊँ विष्णुवल्लभाय नमः।
- शिपिविष्ट: ऊँ शिपिविष्टाय नमः।
- अंबिकानाथ: ऊँ अंबिकानाथाय नमः।
- श्रीकण्ठ: ऊँ श्रीकण्ठाय नमः।
- भक्तवत्सल: ऊँ भक्तवत्सलाय नमः।
- त्रिलोकेश: ऊँ त्रिलोकेशाय नमः।
- शितिकण्ठ: ऊँ शितिकण्ठाय नमः।
- शिवाप्रिय: ऊँ शिवाप्रियाय नमः।
- कपाली: ऊँ कपालिने नमः।
- कामारी: ऊँ कामारये नमः।
- अंधकारसुरसूदन: ऊँ अन्धकासुरसूदनाय नमः।
- गंगाधर: ऊँ गंगाधराय नमः।
- ललाटाक्ष: ऊँ ललाटाक्षाय नमः।
- कालकाल: ऊँ कालकालाय नमः।
- कृपानिधि: ऊँ कृपानिधये नमः।
- परशुहस्त: ऊँ परशुहस्ताय नमः।
- मृगपाणि: ऊँ मृगपाणये नमः।
- जटाधर: ऊँ जटाधराय नमः।
- कैलाशी: ऊँ कैलाशवासिने नमः।
- कवची: ऊँ कवचिने नमः।
- कठोर: ऊँ कठोराय नमः।
- त्रिपुरान्तक: ऊँ त्रिपुरान्तकाय नमः।
- वृषांक: ऊँ वृषांकाय नमः।
- वृषभारूढ़: ऊँ वृषभारूढ़ाय नमः।
- भस्मोद्धूलितविग्रह: ऊँ भस्मोद्धूलितविग्रहाय नमः।
- सामप्रिय: ऊँ सामप्रियाय नमः।
- स्वरमयी: ऊँ स्वरमयाय नमः।
- त्रयीमूर्ति: ऊँ त्रयीमूर्तये नमः।
- अनीश्वर: ऊँ अनीश्वराय नमः।
- सर्वज्ञ: ऊँ सर्वज्ञाय नमः।
- परमात्मा: ऊँ परमात्मने नमः।
- सोमसूर्याग्निलोचन: ऊँ सोमसूर्याग्निलोचनाय नमः।
- हवि: ऊँ हविषे नमः।
- यज्ञमय: ऊँ यज्ञमयाय नमः।
- सोम: ऊँ सोमाय नमः।
- पंचवक्त्र: ऊँ पंचवक्त्राय नमः।
- सदाशिव: ऊँ सदाशिवाय नमः।
- विश्वेश्वर: ऊँ विश्वेश्वराय नमः।
- वीरभद्र: ऊँ वीरभद्राय नमः।
- गणनाथ: ऊँ गणनाथाय नमः।
- प्रजापति: ऊँ प्रजापतये नमः।
- हिरण्यरेता: ऊँ हिरण्यरेतसे नमः।
- दुर्धर्ष: ऊँ दुर्धर्षाय नमः।
- गिरीश: ऊँ गिरीशाय नमः।
- अनघ: ऊँ अनघाय नमः।
- भुजंगभूषण: ऊँ भुजंगभूषणाय नमः।
- भर्ग: ऊँ भर्गाय नमः।
- गिरिधन्वा: ऊँ गिरिधन्वने नमः।
- गिरिप्रिय: ऊँ गिरिप्रियाय नमः।
- कृत्तिवासा: ऊँ कृत्तिवाससे नमः।
- पुराराति: ऊँ पुरारातये नमः।
- भगवान्: ऊँ भगवते नमः।
- प्रमथाधिप: ऊँ प्रमथाधिपाय नमः।
- मृत्युंजय: ऊँ मृत्युंजयाय नमः।
- सूक्ष्मतनु: ऊँ सूक्ष्मतनवे नमः।
- जगद्व्यापी: ऊँ जगद्व्यापिने नमः।
- जगद्गुरू: ऊँ जगद्गुरुवे नमः।
- व्योमकेश: ऊँ व्योमकेशाय नमः।
- महासेनजनक: ऊँ महासेनजनकाय नमः।
- चारुविक्रम: ऊँ चारुविक्रमाय नमः।
- भूतपति: ऊँ भूतपतये नमः।
- स्थाणु: ऊँ स्थाणवे नमः।
- अहिर्बुध्न्य: ऊँ अहिर्बुध्न्याय नमः।
- दिगम्बर: ऊँ दिगंबराय नमः।
- अष्टमूर्ति: ऊँ अष्टमूर्तये नमः।
- अनेकात्मा: ऊँ अनेकात्मने नमः।
- सात्विक: ऊँ सात्विकाय नमः।
- शुद्धविग्रह: ऊँ शुद्धविग्रहाय नमः।
- शाश्वत: ऊँ शाश्वताय नमः।
- खण्डपरशु: ऊँ खण्डपरशवे नमः।
- अज: ऊँ अजाय नमः।
- पाशविमोचन: ऊँ पाशविमोचकाय नमः।
- मृड: ऊँ मृडाय नमः।
- देव: ऊँ देवाय नमः।
- अव्यय: ऊँ अव्ययाय नमः।
- हरि: ऊँ हरये नमः।
- भगनेत्रभिद्: ऊँ भगनेत्रभिदे नमः।
- अव्यक्त: ऊँ अव्यक्ताय नमः।
- दक्षाध्वरहर: ऊँ दक्षाध्वरहराय नमः।
- हर: ऊँ हराय नमः।
- पूषदन्तभित्: ऊँ पूषदन्तभिदे नमः।
- अव्यग्र: ऊँ अव्यग्राय नमः।
- सहस्राक्ष: ऊँ सहस्राक्षाय नमः।
- सहस्रपाद: ऊँ सहस्रपदे नमः।
- अपवर्गप्रद: ऊँ अपवर्गप्रदाय नमः।
- अनन्त: ऊँ अनन्ताय नमः।
- तारक: ऊँ तारकाय नमः।
- परमेश्वर: ऊँ परमेश्वराय नमः।
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