आज मनाई जा रही है मातंगी जयंती, दस महाविद्याओं में है इनका विशेष स्थान

Matangi Jayanti 2026: मातंगी जयंती पर करें देवी मातंगी की पूजा, मिलेगा वाणी, कला और सफलता का आशीर्वाद. जानें महत्व, देवी का स्वरूप और इस दिन की विशेष धार्मिक मान्यता.

Matangi Jayanti 2026: जब भी दस महाविद्याओं का उल्लेख होता है, उनमें मां मातंगी का विशेष स्थान माना जाता है. वे दस महाविद्याओं में नौवीं महाविद्या हैं और वाणी, संगीत, कला तथा सिद्धि की अधिष्ठात्री देवी मानी जाती हैं. जहां मां सरस्वती ज्ञान और विद्या की सौम्य देवी हैं, वहीं मां मातंगी उसी शक्ति का तांत्रिक और उग्र स्वरूप मानी जाती हैं. उनकी कृपा से वाक्-सिद्धि, आत्मविश्वास और रचनात्मक क्षमता में वृद्धि होती है.

मातंगी जयंती का पर्व भक्तों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण होता है. इस दिन विशेष पूजा-अर्चना कर देवी की कृपा प्राप्त की जाती है. विद्यार्थी, कलाकार, संगीतकार, लेखक और वक्ताओं के लिए यह दिन खास फलदायी माना जाता है.

कौन हैं देवी मातंगी?

देवी मातंगी को ‘तांत्रिक सरस्वती’ के नाम से भी जाना जाता है. वे बुद्धि, वाणी और तंत्र विद्या की अधिष्ठात्री देवी हैं. शास्त्रों में उनका स्वरूप रहस्यमयी और शक्तिशाली बताया गया है. वे साधक को ज्ञान के साथ-साथ अभिव्यक्ति की शक्ति भी प्रदान करती हैं.

मां मातंगी की उपासना से व्यक्ति की वाणी में प्रभाव आता है और वह अपनी बात को प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत कर पाता है. यही कारण है कि उनकी पूजा विशेष रूप से उन लोगों के लिए लाभकारी मानी जाती है, जो कला और संचार से जुड़े होते हैं.

मातंगी जयंती का महत्व

  • पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, जो भक्त सच्चे मन से देवी मातंगी की पूजा करते हैं, उनका जीवन सुख-समृद्धि से भर जाता है. उनकी कृपा से व्यक्ति भय, नकारात्मक ऊर्जा और मानसिक बाधाओं से मुक्त होता है.
  • देवी मातंगी की पूजा करने से कला, नृत्य और संगीत के क्षेत्र में सफलता प्राप्त होती है. साथ ही, जो लोग शत्रुओं पर विजय प्राप्त करना चाहते हैं, उनके लिए भी यह दिन विशेष महत्व रखता है.
  • इसके अलावा, सूर्य के प्रतिकूल प्रभावों को कम करने के लिए भी देवी मातंगी की आराधना की जाती है. माता के आशीर्वाद से जीवन में आनंद, शांति और सफलता का संचार होता है.

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लेखक के बारे में

Published by: Shaurya punj

मैं धर्म, ज्योतिष और आध्यात्मिक विषयों पर लेखन में विशेषज्ञता रखता हूं. हस्तरेखा शास्त्र, राशिफल, ग्रह-नक्षत्र, धार्मिक परंपराओं और पौराणिक कथाओं से जुड़े विषयों पर मेरी विशेष रुचि और गहरी समझ है. रांची के सेंट जेवियर्स कॉलेज से मास कम्युनिकेशन में स्नातक करने के बाद मैंने डिजिटल मीडिया और कंटेंट राइटिंग के क्षेत्र में 15 वर्षों से अधिक का अनुभव हासिल किया है. धर्म और ज्योतिष के अलावा एंटरटेनमेंट, लाइफस्टाइल और शिक्षा जैसे विषयों पर भी लगातार लेखन करता रहा हूं. मेरी कोशिश रहती है कि जटिल विषयों को आसान, रोचक और भरोसेमंद तरीके से पाठकों तक पहुंचाया जाए.

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