Masik Kalashtami May 2026: कालाष्टमी का दिन भगवान शिव के रौद्र रूप भगवान काल भैरव को समर्पित है. हिंदू धर्म में काल भैरव को ‘समय का देवता’ माना गया है. हर माह कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि को यह पर्व मनाया जाता है. साल 2026 में कालाष्टमी का व्रत 9 मई, शनिवार को रखा जाएगा. आइए जानते हैं इस दिन क्या करना शुभ है और क्या करना अशुभ है.
कालाष्टमी के दिन न करें ये चीजें
जीवों को कष्ट पहुंचाना: भगवान काल भैरव का वाहन कुत्ता है. इस दिन किसी भी कुत्ते या अन्य पशु को मारना या प्रताड़ित करने से भगवान काल भैरव नाराज हो सकते हैं.
झूठ बोलना और अनैतिक कार्य: भैरव बाबा को ‘दंडपाणि’ भी कहा जाता है, जो अनैतिक कार्यों पर दंड देते हैं. इस दिन झूठ बोलने, छल-कपट करने या किसी का अपमान करने से बचना चाहिए.
तामसिक भोजन का सेवन: कालाष्टमी के दिन मांस, मदिरा, लहसुन और प्याज जैसे तामसिक पदार्थों का सेवन वर्जित है. इस दिन केवल सात्विक आहार ग्रहण करना चाहिए.
निशिता काल पूजा: काल भैरव की पूजा मुख्य रूप से अर्धरात्रि (निशिता काल) में की जाती है. केवल सुबह की पूजा करके व्रत समाप्त करना पूर्ण फलदायी नहीं माना जाता.
कालाष्टमी के दिन करें ये काम
सरसों के तेल का दीपक: काल भैरव के सामने सरसों के तेल का दीपक जलाएं. इसमें थोड़े से काले तिल डालना शुभ माना जाता है.
भोग: इस दिन काल भैरव को उड़द की दाल के बड़े, इमरती या हलवा-पूरी का भोग लगाना लाभकारी माना जाता है.
मंत्र जाप: इस दिन काल भैरव के मंत्रों का जाप करना अत्यंत शुभ और फलदायक माना जाता है.
- ॐ भैरवाय नमः
- ॐ ह्रीं बटुकाय आपदुद्धारणाय कुरु कुरु बटुकाय ह्रीं.
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