Masik Kalashtami 2026: सनातन धर्म में कालाष्टमी का दिन भगवान शिव के रौद्र रूप, भगवान काल भैरव को समर्पित होता है. इस वर्ष ज्येष्ठ मास की मासिक कालाष्टमी 9 मई 2026 (शनिवार) को मनाई जाएगी. मान्यता है कि इस दिन विधि-विधान से पूजा और दान करने से जीवन के सभी भय, रोग और शत्रुओं का नाश होता है. चूंकि इस बार कालाष्टमी शनिवार के दिन पड़ रही है, इसलिए इसका महत्व और भी बढ़ गया है. कहते हैं कि शनिवार और कालाष्टमी का संयोग शनि दोष और राहु-केतु की पीड़ा से मुक्ति पाने के लिए अत्यंत लाभकारी माना जाता है.
कालाष्टमी 2026: तिथि और शुभ मुहूर्त
पंचांग के अनुसार, ज्येष्ठ मास के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि का विवरण इस प्रकार है:
- अष्टमी तिथि का प्रारंभ: 9 मई 2026 को दोपहर 02:02 बजे से
- अष्टमी तिथि का समापन: 10 मई 2026 को दोपहर 03:06 बजे तक
पूजा का समय: काल भैरव की पूजा मुख्य रूप से निशिता काल (मध्यरात्रि) में की जाती है, इसलिए 9 मई की रात को पूजा करना सर्वश्रेष्ठ रहेगा.
कालाष्टमी पर क्या दान करें?
- काले तिल: शनि देव और काल भैरव दोनों को प्रसन्न करने के लिए काले तिल का दान करें. कहते हैं, इससे शनिदोष का प्रभाव कम होता है और रोग-कष्ट से मुक्ति मिलती है.
- सरसों का तेल: मंदिर में सरसों के तेल का दीपक जलाएं या किसी जरूरतमंद को तेल दान करें. यह जीवन से अदृश्य बाधाओं को दूर करता है.
- काले वस्त्र या कंबल: किसी गरीब या असहाय व्यक्ति को काले रंग के कपड़े या कंबल भेंट करें. इससे राहु-केतु के अशुभ प्रभाव कम होते हैं.
- भोजन दान: भैरव बाबा को इमरती, कचौरी और ठंडी चीजों का भोग लगाया जाता है. इन चीजों को गरीबों में बांटने से आर्थिक समृद्धि आती है.
- उड़द की दाल: आप इस दिन काली उड़द की दाल का दान भी कर सकते हैं. कहा जाता है कि इस दिन उड़द की दाल का दान करने से रुके हुए कार्य पूरे होते हैं और व्यापार में उन्नति होती है.
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