Masik Durga Ashtami: मासिक दुर्गाष्टमी पर करें ये 5 आसान काम, मां दुर्गा की कृपा से खुलेंगे सुख-समृद्धि के रास्ते

Masik Durga Ashtami: 19 सितंबर को मासिक दुर्गा अष्टमी मनाई जा रही है. इस विशेष दिन पर मां दुर्गा की पूजा विधि और कुछ खास उपाय करने से घर में सुख-समृद्धि आती है. जानें कैसे पाएं मां की कृपा.

Masik Durga Ashtami: मासिक दुर्गा अष्टमी हर महीने शुक्ल पक्ष की अष्टमी तिथि को मनाई जाती है. पंचांग के अनुसार, इस साल यह व्रत 19 सितंबर को यानी शुक्रवार के दिन रखा जाएगा. शास्त्रों के अनुसार यह दिन आदि शक्ति जगतजननी मां जगदंबा की कृपा पाने के लिए खास होता है. मान्यतानुसार, इस दिन श्रद्धा से मां दुर्गा की पूजा अर्चना करने के साथ-साथ कुछ खास उपाय किए जाएं, तो जीवन में सुख-समृद्धि आ सकती है.

मासिक दुर्गा अष्टमी (भाद्रपद) तिथि

व्रत विवरणतारीख और दिनसमय
अष्टमी तिथि आरंभ18 सितंबर (शुक्रवार) दोपहर 1 बजे
अष्टमी तिथि समाप्त19 सितंबर (शनिवार)दोपहर 3:26 बजे
मासिक दुर्गा अष्टमी व्रत19 सितंबर (शनिवार)सूर्योदय के साथ

दुर्गा अष्टमी आसान पूजा विधि

  • मासिक दुर्गा अष्टमी के दिन सुबह उठकर स्नान इत्यादि दैनिक कर्म से निवृत हो जाए. साफ-सुथरे कपड़े पहनकर घर के पूजा स्थान पर एक छोटी चौकी स्थापित कर उस पर लाल रंग का कपड़ा बिछाएं और मां दुर्गा की तस्वीर रखें.
  • पूजा स्थल पर लाल रंग का आसन बिछाकर बैठ जाएं और मां दुर्गा का स्मरण करते हुए अपने ऊपर और चारों दिशाओं में गंगाजल का छिड़कें.
  • मां दुर्गा धूप-दीप, फूल इत्यादि से उनकी पूजा करें. इसके बाद दुर्गा सप्तशती में दिए गए द्वात्रिंश नाम (मां दुर्गा के 32 नाम) या दुर्गा चालीसा का पाठ करें.
  • मां दुर्गा को फल, मिठाई या नारियल का भोग लगाएं. धूप-दीप या कपूर से मां दुर्गा की आरती करें. आरती करने के बाद भूलवश हुई गलतियों के लिए क्षमा मांगे. पूजन के अंत में प्रसाद बांटें.

दुर्गा सप्तशती में वर्णित द्वात्रिंश स्तुति श्लोक

दुर्गा दुर्गार्ति शमनी दुर्गापद्विनिवारिणी

दुर्गामच्छेदिनी दुर्गसाधिनी दुर्गनाशिनी

दुर्गतोद्वारिणी दुर्ग निहन्त्री दुर्गमापहा

दुर्गम ज्ञानदा दुर्गदैत्यलोकदवानला

दुर्गमा दुर्गमालोका दुर्गमात्मस्वरूपिणी

दुर्गमार्गप्रदा दुर्गमविद्या दुर्गमाश्रिता

दुर्गमज्ञानसंस्थाना दुर्गमध्यानभासिनी

दुर्गमोहा दुर्गमगा दुर्गमार्थस्वरूपिणी

दुर्गमासुरसंहन्त्री दुर्गमायुधधारिणी

दुर्गमाङ्गी दुर्गमाता दुर्गम्या दुर्गमेश्वरी

दुर्गभीमा दुर्गभामा दुर्लभा दुर्गधारिणी

मां दुर्गा के 32 नाम

  1. दुर्गा
  2. दुर्गार्तिशमनी
  3. दुर्गापद्विनिवारिणी
  4. दुर्गमच्छेदिनी
  5. दुर्गसाधिनी
  6. दुर्गनाशिनी
  7. दुर्गतोद्धारिणी
  8. दुर्गनिहन्त्री
  9. दुर्गमापहा
  10. दुर्गमज्ञानदा
  11. दुर्गदैत्यलोकदवानला
  12. दुर्गमा
  13. दुर्गमालोका
  14. दुर्गमात्मस्वरूपिणी
  15. दुर्गमार्गप्रदा
  16. दुर्गमविद्या
  17. दुर्गमाश्रिता
  18. दुर्गमज्ञानसंस्थाना
  19. दुर्गमध्यानभासिनी
  20. दुर्गमोहा
  21. दुर्गमगा
  22. दुर्गमार्थस्वरूपिणी
  23. दुर्गमासुरसंहन्त्री
  24. दुर्गमायुधधारिणी
  25. दुर्गमांगी
  26. दुर्गमता
  27. दुर्गम्या
  28. दुर्गमेश्वरी
  29. दुर्गभीमा
  30. दुर्गभामा
  31. दुर्गभा
  32. दुर्गदारिणी

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दुर्गा अष्टमी के आसान उपाय

मासिक दुर्गा अष्टमी के दिन 2 से 10 वर्ष की कन्या को नियंत्रण देकर घर पर बुलाएं.

कन्या के पैर धोकर उनका पूजन करें और उन्हें खीर-पूड़ी, हलवा या खिलाएं.

कन्या भोजन के बाद उन्हें दक्षिणा या उनका पसंदीदा चीज भेंट करें.

मां दुर्गा को खीर का भोग लगाएं. प्रसाद के रूप में लोगों के बीच बांटें.

घर के दरवाजे पर घी का दीपक जलाएं, इससे नकारात्मक ऊर्जा दूर होगी.

दुर्गा अष्टमी के दिन घर में लगी हुई तुलसी के नजदीक घी या तिल के तेल का दीया जलाएं.

दुर्गा अष्टमी के दिन मां दुर्गा को जल से भरा एकाक्षी (एक आंख वाला) नारियल भेंट करें. इससे जीवन में सुख-समृद्धि आती है.

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लेखक के बारे में

By दीपेश कुमार ठाकुर

दीपेश कुमार ठाकुर प्रभात खबर डिजिटल में धर्म और राशिफल सेक्शन लीड के तौर पर सीनियर कंटेंट राइटर के रूप में कार्यरत हैं. पत्रकारिता के क्षेत्र में उन्हें लंबे समय का अनुभव है. वह धर्म-अध्यात्म, ज्योतिष, वास्तुशास्त्र, हस्तरेखा शास्त्र और न्यूमेरोलॉजी से जुड़े विषयों पर लेखन करते हैं.

दीपेश कुमार ठाकुर इससे पहले Zee News, News24, Bharat Express, NDTV, Jansatta और Hari Bhoomi जैसे प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में काम कर चुके हैं. अपने पत्रकारिता करियर में उन्होंने धर्म, अध्यात्म और ज्योतिष के अलावा विभिन्न समसामयिक और उपयोगी विषयों पर भी लेखन किया है.

धर्म और ज्योतिष से जुड़े विषयों को सरल, तथ्यपरक और पाठकों की रुचि के अनुरूप प्रस्तुत करना उनकी लेखन शैली की खासियत है. पौराणिक कथाओं, धार्मिक परंपराओं, ज्योतिषीय अवधारणाओं, व्रत-त्योहार, पंचांग और राशिफल से जुड़े विषयों पर उनका विशेष लेखन अनुभव है.

उन्होंने संस्कृत साहित्य में स्नातक करने के बाद जर्नलिज्म एंड मास कम्यूनिकेशन में मास्टर्स डिग्री हासिल की है.

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