Masik Durga Ashtami 2026: हिंदू पंचांग के अनुसार, प्रत्येक माह के शुक्ल पक्ष की अष्टमी तिथि को मासिक दुर्गाष्टमी का व्रत रखा जाता है. इस दिन आदिशक्ति मां दुर्गा की आराधना की जाती है. सावन मास भगवान शिव का प्रिय महीना माना जाता है. ऐसे में इस महीने पड़ने वाली मासिक दुर्गाष्टमी का महत्व और भी बढ़ जाता है. मान्यता है कि इस दिन विधिपूर्वक पूजा-अर्चना करने से मां दुर्गा के साथ भगवान शिव का भी आशीर्वाद प्राप्त होता है. साथ ही, घर में सुख, शांति और समृद्धि का वास होता है.
मासिक दुर्गाष्टमी के दिन न करें ये गलतियां
- तामसिक भोजन से परहेज: इस पावन दिन घर में प्याज, लहसुन, मांस अथवा मदिरा का सेवन नहीं करना चाहिए. अगर व्रत नहीं भी रख रहे हैं, तो भी सात्विक आहार ही ग्रहण करना चाहिए.
- नारी का अपमान न करें: शास्त्रों में कहा गया है कि जहां नारी का सम्मान होता है, वहीं देवी-देवताओं का वास होता है. इस दिन किसी भी महिला, बुजुर्ग या कन्या से अपशब्द न बोलें और न ही उनका अनादर करें.
- काले वस्त्र पहनने से बचें: शक्ति की पूजा के दौरान काले या बेहद गहरे रंग के कपड़े पहनना शुभ नहीं माना जाता है. पूजन के समय लाल, पीले या गुलाबी रंग के शुभ वस्त्र धारण करना फलदायी माना जाता है.
- दिन में सोने से बचें: व्रत रखने वाले लोगों को दोपहर में सोने से बचना चाहिए. इस समय को मां दुर्गा के मंत्र जाप, नाम स्मरण या भजन-कीर्तन में लगाना चाहिए.
- क्रोध और झगड़े से बचें: इस दिन क्रोध करने या किसी से झगड़ा करने से बचना चाहिए. ऐसा करना अशुभ माना जाता है.
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सावन मासिक दुर्गाष्टमी तिथि और पूजा मुहूर्त
- अष्टमी तिथि प्रारंभ: 19 अगस्त, शाम 7:19 बजे से
- अष्टमी तिथि समाप्त: 20 अगस्त, रात 9:18 बजे तक
- उदयातिथि: 20 अगस्त को व्रत एवं मुख्य पूजन किया जाएगा.
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