कुंडली में पीड़ित मंगल बन सकता है गंभीर रोगों का कारण, जानिए खतरनाक संकेत और उपाय

कुंडली में मंगल ग्रह के पीड़ित होने पर व्यक्ति के स्वास्थ्य पर गहरा असर पड़ता है। इसके अशुभ प्रभाव से ऊर्जा की कमी, रक्त संबंधी समस्याएं, चोट, क्रोध और दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ता है.

Mangal Grah Dosh: कुंडली में जब मंगल ग्रह पीड़ित या अशुभ स्थिति में होते हैं, तो इसका प्रभाव व्यक्ति के स्वास्थ्य पर स्पष्ट रूप से देखा जाता है. ऐसी स्थिति में गले से जुड़ी समस्याएं, कंठ रोग, फोड़े-फुंसियां, रक्त संबंधी विकार और बार-बार सिरदर्द की शिकायत होती है. महिलाओं के लिए यह स्थिति गर्भपात जैसी गंभीर समस्या का कारण बन सकती है. मंगल की पीड़ा व्यक्ति के शरीर में ऊर्जा के असंतुलन को दर्शाती है, जिससे शारीरिक और मानसिक दोनों स्तर पर परेशानी बढ़ जाती है. आइए जानते है पीड़ित मंगल से राहत पाने के लिए ज्योतिषीय उपाय

वैदिक जप मंत्र

ॐ अग्निर्मूर्द्धा दिवः ककुत्पतिः पृथिव्या अयम् । अपार्ठ. रेतार्ठ.सि जिन्वति।।

तांत्रिक मन्त्र

ॐ ह्रीं श्रीं मङ्गलाय नमः

अधिदेवता- स्कन्द
प्रत्यधिदेवता-पृथ्वी

जप संख्या- 10 हजार

कलियुग में जप संख्या: 40 हजार

दक्षिण दिशा, त्रिकोण मण्डल, अंगुल 3, अवन्ति देश, भारद्वाज गोत्र, रक्त वर्ण। मेष-वृश्चिक राशि का स्वामी

वाहन- भेड़ा
समिधा-खदिर (खैर)

दान-द्रव्य- मूंगा, सोना, तांबा, भूमि, मसूर, गुड़, गेहूं, घी, लाल कपड़ा, लाल फूल, कस्तूरी, केशर, लाल बैल तथा लाल चन्दन.

दान का समय- मंगलवार की सुबह 2 घटी तक (1 घटी = 24 मिनट)

धारण रत्न- मूंगा 6-7 रत्ती

उपरत्न- विद्रुम मणि या संगमूंगी अथवा अकीक एवं मंगल का यंत्र या अनन्तमूल वृक्ष की जड़ को लाल कपड़े में -बांधकर गले या बाहु में धारण करें.

व्यवसायिक पदार्थ औषधि, घड़ी, ईंट, गेहूँ, भूमि।

व्रत उपवास- मंगल देवता अथवा हनुमानजी का व्रत करना शुभ है. लाल फूल अर्पण करें.

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लेखक के बारे में

Published by: Radheshyam Kushwaha

राधेश्याम कुशवाहा ने माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय, भोपाल से MJ (मास्टर ऑफ जर्नलिज्म) की शिक्षा प्राप्त करने के बाद अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत भोपाल से प्रकाशित राज एक्सप्रेस समाचार पत्र से की. इसके बाद उन्होंने समय जगत, राजस्थान पत्रिका और हिंदुस्तान जैसे प्रतिष्ठित समाचार संस्थानों में अपनी सेवाएं दीं. वर्तमान में वे प्रभात खबर के डिजिटल विभाग में धर्म, अध्यात्म एवं राशिफल डेस्क पर कार्यरत हैं. पत्रकारिता के क्षेत्र में 13 वर्षों का अनुभव रखने वाले राधेश्याम कुशवाहा को ज्योतिष शास्त्र, पंचांग गणना, ग्रह गोचर, नक्षत्र परिवर्तन, व्रत-त्योहारों की तिथियों तथा शुभ मुहूर्तों का गहन ज्ञान है. अपनी विशेषज्ञता के आधार पर वे धर्म-अध्यात्म और राशिफल से जुड़ी सटीक, तथ्यपरक एवं विश्वसनीय खबरें लिखते हैं. धार्मिक ग्रंथों के अध्ययन में उनकी विशेष रुचि है. इसके अलावा राजनीति, अपराध और प्रेरणादायक (पॉजिटिव) विषयों पर लेखन में भी उनकी गहरी रुचि है.

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