कुंडली में कैसे बनता है कर्ज योग, कैसे मिलेगी मुक्ति, जानें ज्योतिषीय उपाय

कुछ लोग दिन-रात मेहनत करते हैं फिर भी उन पर कर्ज रहता है जिसके कारण व्यक्ति परेशान रहता है कि क्या करें और क्या न करें. इसे लेकर कई कदम उठाए जाने पर भी कर्ज में कोई कमी नहीं हो रही है. तो इसके लिए क्या उपाय किए जा सकते हैं जिससे कर्ज से मुक्ति मिलेगी. जानिए ज्योतिषाचार्य संजीत कुमार मिश्र से

Karj Dosh ke Upay: आपकी कुंडली में छठे भाव में कोई पाप ग्रह हो और लग्नेश कमजोर हो तो ऐसे व्यक्ति पर बहुत अधिक कर्ज होता है. यदि आपकी कुंडली में मारकेश की दृष्टि छठे भाव पर बन रही है. तो,इस स्थिति में व्यक्ति पर बहुत अधिक कर्ज हो जाता है. यह कर्ज बीमारी के कारण होगा. वहीं, अगर छठे भाव में सूर्य, राहु और मंगल मौजूद हैं. तो ये शुभ फल देते हैं. यदि यह ग्रह नीच राशि में हो या पीड़ित हो तो व्यक्ति को शुभ फल नहीं देता है.

क्यों बनता है कर्ज योग ?

  • यदि छठे भाव में ग्रहण हो और दूसरे भाव का स्वामी और एकादश भाव पीड़ित हो तो व्यक्ति हमेशा कर्ज में डूबा रहता है. परंतु सूर्य के साथ राहु हो या शनि राहु के साथ हो, सूर्य के साथ मंगल हो, सूर्य के साथ केतु हो तो आपके शुभ फलों में कमी आएगी. इस अवस्था में धन और लाभ का स्वामी कमजोर हो जाता है. इन सभी ग्रहों की महादशा में व्यक्ति कर्ज में डूब जाता है.
  • यदि आपकी कुंडली के छठे घर का स्वामी कमजोर है या छठे घर में सूर्य- राहु, मंगल-शनि, शनि-केतु और शनि -राहु की युति है, तो व्यक्ति के कर्ज में वृद्धि होती है. वहीं, छठे भाव का स्वामी नीच स्थान पर बैठा हो. तो, इस स्थिति में व्यक्ति पर कर्ज बढ़ जाता है, छठे भाव में शनि और मंगल की युति व्यक्ति के लिए कष्टकारी होती है.
  • यदि आपके धन का स्वामी बृहस्पति है. वह छठे घर में राहु के साथ बैठे हैं. लग्नेश कमजोर है. गुरु और राहु की युति होने पर चांडाल दोष बनता है. चांडाल दोष कुंडली के किसी भी भाव में बनता है. इससे उस भाव से संबंधित प्रभाव खत्म हो जाते हैं और आपकी आर्थिक स्थिति भी कमजोर हो जाती है.
  • यदि जन्म कुंडली में लग्नेश छठे भाव में स्थित हो तो व्यक्ति जीवन भर कर्ज से परेशान रहता है.
  • यदि छठे भाव में मंगल के साथ शनि स्थित हो तो व्यक्ति जन्म से ही कर्जदार होता है.
  • यदि राहु और केतु के साथ बुध नीच का हो तो व्यक्ति जीवन में कर्ज में डूब जाता है.

लोन लेते समय क्या सावधानियां बरतनी चाहिए?

  • शनिवार के दिन किसी से पैसा नहीं लेना चाहिए यानि शनिवार को कर्ज लेने से आपका कर्ज जल्दी नहीं उतरता.
  • महीने की 8, 17 और 26 तारीख को कर्ज नहीं लें. इन तिथियों का स्वामी शनि है.

उपाय

  • कुंडली देखकर छठे भाव या अशुभ भाव में बैठे ग्रह की पूजा करने से लाभ होगा.
  • मंगलवार का व्रत करें और हनुमान चालीसा का पाठ भी करें.

ज्योतिषाचार्य संजीत कुमार मिश्र
ज्योतिष वास्तु एवं रत्न विशेषज्ञ
8080426594/9545290847

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लेखक के बारे में

By Anand Shekhar

Dedicated digital media journalist with more than 2 years of experience in Bihar. Started journey of journalism from Prabhat Khabar and currently working as Content Writer.

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