जन्माष्टमी 2026: व्रत में क्या खाएं और क्या नहीं? जानें फलाहार और खानपान के जरूरी नियम

जन्माष्टमी का व्रत रखने की तैयारी कर रहे हैं? जानें कि इस पावन अवसर पर फलाहार में क्या खाया जा सकता है और किन चीजों से परहेज करना चाहिए. जानें भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव पर व्रत के जरूरी नियम.

Janmashtami 2026: भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव यानी जन्माष्टमी का पर्व इस साल 4 सितंबर, शुक्रवार को मनाया जाएगा. यह त्योहार हर साल भाद्रपद मास के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि को मनाया जाता है. धार्मिक मान्यता है कि इसी पावन तिथि पर भगवान विष्णु के आठवें अवतार भगवान श्रीकृष्ण ने देवकी और वासुदेव के पुत्र के रूप में जन्म लिया था. इस दिन भक्त भगवान श्रीकृष्ण की पूजा-अर्चना करते हैं और उनके लिए व्रत रखते हैं.

व्रत के दौरान कई लोग पूरे दिन अन्न का सेवन नहीं करते और फलाहार करते हैं, तो कुछ लोग निर्जला उपवास भी रखते हैं. व्रत के दौरान खानपान को लेकर कुछ जरूरी नियम भी बताए गए हैं. अगर आप इस साल जन्माष्टमी का व्रत रखने वाले हैं, तो आइए जानते हैं कि व्रत में किन चीजों का सेवन किया जा सकता है और किन चीजों से परहेज करना चाहिए.

व्रत में खाने वाले व्यंजनों की सांकेतिक तस्वीर (एआई)

जन्माष्टमी व्रत में क्या खाएं?

  • ताजे फल: केला, सेब, अनार, अंगूर, पपीता और अन्य मौसमी फलों का सेवन किया जा सकता है.
  • फलाहारी आटा: कुट्टू का आटा, सिंघाड़े का आटा, राजगिरा और समा के चावल से बनी चीजों का सेवन कर सकते हैं.
  • साबूदाना: साबूदाने की खिचड़ी या इससे बनी अन्य फलाहारी चीजें खाई जा सकती हैं.
  • मखाना: घी में भुना हुआ मखाना या मखाने की खीर फलाहार में शामिल की जा सकती है.
  • दूध और डेयरी उत्पाद: दूध, दही और मक्खन का सेवन किया जा सकता है.
  • सूखे मेवे: बादाम, काजू, किशमिश, अखरोट और मूंगफली जैसे मेवों का सेवन कर सकते हैं.
  • सेंधा नमक: व्रत के दौरान सामान्य नमक की जगह सेंधा नमक का इस्तेमाल किया जाता है.

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जन्माष्टमी व्रत में क्या नहीं खाएं?

  • अनाज और दालें: गेहूं, चावल, मैदा, बेसन, सूजी और सामान्य दालों का सेवन नहीं करना चाहिए.
  • सामान्य नमक: व्रत में साधारण नमक का सेवन करने से बचना चाहिए. 
  • मांसाहारी भोजन: मांस, मछली और अंडे आदि का सेवन व्रत के दौरान नहीं करना चाहिए.
  • प्याज-लहसुन: व्रत के दौरान प्याज और लहसुन का सेवन नहीं किया जाता है.
  • अन्य चीजें: बहुत ज्यादा तला-भुना, पैक्ड और प्रोसेस्ड भोजन खाने से बचना चाहिए.

स्वास्थ्य का रखें ध्यान

अगर आप गर्भवती हैं, बुजुर्ग हैं या किसी बीमारी से पीड़ित हैं, तो निर्जला व्रत न रखें. अपनी सेहत को ध्यान में रखते हुए फलाहार या अन्य उपयुक्त विकल्प अपनाएं और जरूरत पड़ने पर डॉक्टर की सलाह लें. 

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लेखक के बारे में

By नेहा कुमारी

नेहा कुमारी वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल में धर्म बीट पर कंटेंट राइटर के रूप में कार्यरत हैं. वह व्रत-त्योहार, राशिफल, पंचांग, ज्योतिष, शुभ मुहूर्त, पौराणिक कथाओं और भारतीय संस्कृति से जुड़े विषयों पर लेख लिखती हैं. उन्होंने वेस्ट बंगाल स्टेट यूनिवर्सिटी से मास्टर ऑफ जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन की डिग्री प्राप्त की है.

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