शादी के बाद कितनी चूड़ियां पहनना होता है शुभ? जानें सही नियम

Bangles After Marriage: शादी के बाद महिलाओं के लिए चूड़ियां पहनना शुभ माना जाता है. जानिए कितनी चूड़ियां पहननी चाहिए, कौन सा रंग सही है और किन दिनों में पहनना ज्यादा फलदायी होता है.

Bangles After Marriage: शादियों का सीजन शुरु हो चुका है और इस समय हर ओर नई दुल्हनों की रौनक देखने को मिलती है. शादी के बाद महिलाओं के पहनावे और श्रृंगार में कई बदलाव आते हैं, जिनका खास धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व होता है. इन्हीं में से एक है चूड़ियां पहनना, जो सुहाग और सौभाग्य का प्रतीक मानी जाती हैं.

कितनी चूड़ियां पहननी चाहिए?

परंपरागत मान्यताओं के अनुसार, शादी के बाद महिलाओं को कुल 21 चूड़ियां पहननी चाहिए. इसके साथ ही दोनों हाथों में बराबर मात्रा में चूड़ियां पहनना शुभ माना जाता है. साथ ही, 2 सोने या चांदी की चूड़ियां भी जरूर शामिल करनी चाहिए, जो समृद्धि और स्थिरता का प्रतीक होती हैं.

नई शादी के बाद क्या रखें खास ध्यान?

अगर आपकी नई-नई शादी हुई है, तो पहले 40 दिनों तक चूड़ियां पहनना बेहद शुभ माना जाता है. इस दौरान हर हाथ में कम से कम 7 या 9 चूड़ियां जरूर पहननी चाहिए. ऐसा करने से वैवाहिक जीवन में प्रेम और सामंजस्य बना रहता है तथा नकारात्मक ऊर्जा दूर रहती है.

किन रंगों की चूड़ियां पहनें और किनसे बचें?

शादी के बाद महिलाओं को कांच की चूड़ियां पहनना सबसे शुभ माना गया है. कांच की चूड़ियां सौभाग्य, सकारात्मकता और खुशहाली का प्रतीक होती हैं. वहीं, काले या बहुत गहरे रंग की चूड़ियां पहनने से बचना चाहिए, क्योंकि इन्हें वैवाहिक जीवन के लिए अशुभ माना जाता है.

चूड़ियां पहनने का शुभ दिन

ज्योतिष मान्यताओं के अनुसार, चूड़ियां पहनने के लिए मंगलवार और शनिवार का दिन शुभ माना जाता है. इन दिनों चूड़ियां पहनने से सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है और वैवाहिक जीवन में स्थिरता बनी रहती है.

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शादी के बाद चूड़ियां पहनने की परंपरा केवल सुंदरता बढ़ाने के लिए नहीं, बल्कि सांस्कृतिक और आध्यात्मिक महत्व भी रखती है. सही संख्या, रंग और समय का ध्यान रखकर चूड़ियां पहनने से जीवन में सुख, शांति और समृद्धि बनी रह सकती है.

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Published by: Shaurya Punj

शौर्य पुंज डिजिटल मीडिया में पत्रकार हैं और वर्तमान में प्रभातखबर.कॉम में सीनियर कंटेंट राइटर हैं. उन्हें न्यूज वर्ल्ड में 15 वर्षों से अधिक का अनुभव है. शौर्य खबरों की नब्ज को समझकर उसे आसान और प्रभावी भाषा में पाठकों तक पहुंचाने में माहिर हैं. साल 2008 में ग्रेजुएशन के दौरान उन्होंने दैनिक हिंदुस्तान, प्रभात खबर, दैनिक जागरण और तरंग भारती (हिंदी पाक्षिक समाचार पत्र) के लिए फ्रीलांसिंग की. वर्ष 2011 में उन्होंने दैनिक जागरण के टैब्लॉइड समाचार पत्र iNext में दो महीने की इंटर्नशिप की. इसी दौरान उन्हें प्रभात खबर के डिजिटल सेक्शन में काम करने का अवसर मिला. अप्रैल 2011 से उन्होंने प्रभातखबर.कॉम के एंटरटेनमेंट सेक्शन के लिए कार्य करना शुरू किया. उस समय उन्होंने बॉलीवुड फिल्म रिव्यू, बॉक्स ऑफिस बिजनेस और एंटरटेनमेंट गॉसिप जैसी खबरों पर काम किया. साल 2020 में कोरोना काल के दौरान उन्हें लाइफस्टाइल, धर्म-कर्म, एजुकेशन और हेल्थ जैसे नॉन-न्यूज सेक्शन में काम करने का अवसर मिला. उन्होंने लाइफस्टाइल कैटेगरी के कई महत्वपूर्ण सेक्शनों में योगदान दिया. Health & Fitness सेक्शन में डाइट, योग, वेट लॉस, मानसिक स्वास्थ्य और फिटनेस टिप्स से जुड़े उपयोगी कंटेंट पर कार्य किया. Beauty & Fashion सेक्शन में स्किन केयर, हेयर केयर, मेकअप और ट्रेंडिंग फैशन विषयों पर लेख तैयार किए. Relationship & Family कैटेगरी में पति-पत्नी संबंध, डेटिंग, पैरेंटिंग और दोस्ती जैसे विषयों पर जानकारीपूर्ण कंटेंट लिखा. Food & Recipes सेक्शन में हेल्दी फूड, रेसिपी और किचन टिप्स से संबंधित सामग्री विकसित की. Travel सेक्शन के लिए घूमने की जगहों, बजट ट्रिप और ट्रैवल टिप्स पर लेखन किया. Astrology / Vastu में राशिफल, वास्तु टिप्स और ज्योतिष आधारित कंटेंट पर काम किया. Career & Motivation सेक्शन में सेल्फ-इम्प्रूवमेंट, मोटिवेशन और पर्सनैलिटी डेवलपमेंट विषयों पर योगदान दिया. Festival & Culture सेक्शन में त्योहारों की परंपराएं, पूजा विधि और शुभ मुहूर्त से संबंधित कंटेंट पर कार्य किया. इसके अलावा Women Lifestyle / Men Lifestyle और Health Education & Wellness जैसे विषयों पर भी मर्यादित एवं जानकारीपूर्ण लेखन के माध्यम से योगदान दिया. साल 2023 से शौर्य ने पूरी तरह से प्रभातखबर.कॉम के धर्म-कर्म और राशिफल सेक्शन में अपना योगदान देना शुरू किया. इस दौरान उन्होंने दैनिक राशिफल, साप्ताहिक एवं मासिक भविष्यफल, पूजा-पाठ, व्रत-त्योहार, शुभ मुहूर्त, ज्योतिषीय उपाय, वास्तु टिप्स और धार्मिक मान्यताओं से जुड़ी खबरों पर विशेष फोकस किया. साथ ही पाठकों की रुचि को ध्यान में रखते हुए सरल, सहज और जानकारीपूर्ण धार्मिक कंटेंट तैयार करने पर लगातार कार्य किया. रांची में जन्मे शौर्य की प्रारंभिक शिक्षा डीएवी पब्लिक स्कूल, हेहल, रांची से हुई. इसके बाद उन्होंने सेंट जेवियर्स कॉलेज, रांची से मास कम्यूनिकेशन एण्ड वीडियो प्रोडक्शन में बी.ए. ऑनर्स की डिग्री प्राप्त की. यह शैक्षणिक पृष्ठभूमि उन्हें हिंदी पत्रकारिता की वह विशेषज्ञता प्रदान करती है, जो पत्रकारिता के मूल सिद्धांत 5Ws और 1H — क्या, कौन, कहां, कब, क्यों और कैसे — के आधार पर प्रभावी और तथ्यपूर्ण समाचार लेखन के लिए आवश्यक मानी जाती है.

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