Hartalika Teej Niyam: क्या आप भी कर रही हैं हरतालिका तीज का व्रत? पारण और पूजा के ये 10 कड़े नियम जरूर जान लें

Hartalika Teej Vrat Niyam: हरतालिका तीज का व्रत 14 सितंबर को रखा जाएगा. सौभाग्य और पति की लंबी आयु की कामना के साथ महिलाएं यह व्रत रखती हैं. इस व्रत के दौरान 10 नियमों का पालन करना अत्यंत महत्वपूर्ण है.

Hartalika Teej Vrat Niyam: हिंदू पंचांग के अनुसार, हरतालिका तीज का व्रत 14 सितंबर को है. परंपरानुसार, इस दिन माता पार्वती और भोलेनाथ की पूजा की जाती है. पौराणिक मान्यता के मुताबिक, इस नियम के अनुसार, इस व्रत को रखने से सौभाग्य की प्राप्ति होती है. साथ ही इस व्रत के प्रभाव से जीवन में पति को दीर्घायु जीवन मिलता है. ऐसे में आइए जानते हैं कि हरतालिका तीज व्रत के दौरान महिलाओं को किन 10 नियमों का पालन करना जरूरी है.

1. अन्न-पानी से जुड़ा नियम

हरतालिका तीज व्रत के नियम के मुताबिक, व्रती रखने वाली महिलाओं को अन्न और जल का सेवन नहीं करना चाहिए. ऐसा इसलिए क्योंकि निराहार या निर्जल व्रत से मनोकामना पूरी होती है. हालांकि, यह नियम उन महिलाओं के लिए अनिवार्य नहीं है जिन्हें सेहत से जुड़ी परेशानियां हो.

धर्मशास्त्र के जानकार पं. शशिभूषण झा ने बताया कि अगर मानसिक (मन से) रूप से व्रत का संकल्प कर लिया जाए, तो उसका पालन करना जरूरी है. अगर बहुत जरूरी न हो, तो व्रत के दौरान पानी पीने से बचना चाहिए.

2. पूजन शुभ मुहूर्त के दौरान करना शुभ

तीज व्रत के लिए पूजन शुभ मुहूर्त को ध्यान में रखकर ही करना चाहिए. मुहूर्त बीत जाने के बाद पूजन का शुभ फल प्राप्त नहीं होता, ऐसा धर्मशास्त्र में बताया गया है. तीज व्रत की पूजा सुबह और शाम यानी प्रदोष काल के दौरान की जा सकती है. मिथिला पंचांग के अनुसार, सुबह की पूजा के लिए शुभ मुहूर्त 5 बजकर 35 मिनट से लेकर 7 बजकर 06 मिनट तक रहेगा. पूजन के लिए यह शुभ मुहूर्त बिहार और झारखंड के लिए मान्य है.

3. व्रत का पारण समय से करना जरूरी

हरतालिका तीज व्रत का पारण व्रत अगले दिन चतुर्थी तिथि खत्म होने के बाद करना उचित होगा. बिहार और झारखंड चतुर्थी तिथि सुबह 7:44 बजे तक मान्य रहेगी. तीज व्रत का पारण तृतीया तिथि में नहीं करना चाहिए.

4. पीरियड्स के दौरान व्रत से जुड़ा नियम क्या कहता है

धार्मिक परंपरा के अनुसार, पीरियड्स के दौरान हरतालिका तीज का व्रत रखा जा सकता है. लेकिन, इस दौरान मूर्ति या भगवान की तस्वीर को छूने से बचना चाहिए. इसके अलावा व्रत की अवधि में पूजने से जुड़ी सामग्रियों को छूने से भी बचना चाहिए.

5. मन, वचन और कर्म की पवित्रता का रखें ध्यान

हरतालिका तीज का व्रत रखने वाली महिलाओं को इस दिन किसी को गाली नहीं देनी चाहिए. इस दिन दूसरों के प्रति मन में बुरे ख्याल लाने से भी बचना चाहिए. व्रत-पूजन की पूरी अवधि में मन, वचन और कर्म से किसी को नुकसान नहीं पहुंचाना चाहिए. व्रत के नियम में मन, वचन और कर्म की पवित्रता का खास ख्याल रखा जाता है.

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6. शुद्ध और पवित्र सामग्रियों का करें पूजन में इस्तेमाल

तीज व्रत की पूजा के दौरान महिलाओं पूजन सामग्रियों की शुद्धता का खास ख्याल रखना जरूरी माना गया है. मान्यतानुसार, इस दैरान ऐसा न करने से व्रत के शुभ फल में कमी आ सकती है. माता पार्वती और भगवान शिव को लगाए जाने वाले भोग की शुद्धता और पवित्रता का भी ध्यान रखना चाहिए.

हरतालिका तीज व्रत नियम (Image- AI)

7. नए और साफ वस्त्र पहनकर करें तीज व्रत का पूजन

धार्मिक परंपरा के अनुसार, व्रती महिलाओं को तीज के दिन नए या साफ वस्त्र पहनकर ही पूजा करनी चाहिए. लाल या पीले रंग के वस्त्र पहनकर पूजा करना शुभ माना गया है. जबकि, इस दिन काले रंग के वस्त्र पहनकर पूजा करने से बचना चाहिए.

8. व्रत के दिन और रात में सोने से जुड़ा नियम

हरतालिका तीज व्रत के दिन महिलाओं को सोना नहीं चाहिए, बल्कि व्रत से जुड़ी पौराणिक कथा या शिव-पार्वती से जुड़े भजन गाने या सुनने चाहिए. ऐसा करने से मन में बुरे ख्याल नहीं आते. इसके अलावा तीज व्रतियों को रात में जागकर भजन या कीर्तन करना चाहिए. यह पूजन के संपूर्ण फल को प्रदान करने में सहायक होता है.

9. गर्भवती महिला के लिए तीज व्रत का नियम

गर्भवती महिलाओं को हरतालिका तीज का व्रत नहीं रखना चाहिए. ऐसा इसलिए क्योंकि निर्जल व्रत रखने से गर्भ में पल रहे शिशु पर बुरा प्रभाव पड़ सकता है. इस स्थिति में भोजन करके भी माता गौरी और शिव का पूजन कर सकती हैं.

10. पारण से पहले किया जाता है सुहाग की सामग्रियों का दान

हरतालिका तीज का निर्जल व्रत रखने वाली महिलाओं को अगले दिन पारण से पहले सुहाग की सामग्रियों का दान करना चाहिए. इस दिन किसी सुहागिन महिला को सुहाग की सामग्री दान करने की परंपरा है.

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By दीपेश कुमार ठाकुर

दिपेश कुमार ठाकुर प्रभात खबर डिजिटल में धर्म और राशिफल सेक्शन लीड के तौर पर बतौर सीनियर कंटेंट राइटर काम कर रहे हैं. पत्रकारिता के क्षेत्र में लंबे अनुभव के दौरान उन्होंने धर्म-अध्यात्म, ज्योतिष, वास्तु शास्त्र और न्यूमेरोलॉजी से जुड़े विषयों पर व्यापक लेखन किया है. उन्होंने Zee News, News24, Bharat Express, NDTV, Jansatta और Hari Bhoomi जैसे प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में काम किया है. धर्म और ज्योतिष से जुड़े विषयों को सरल, तथ्यपरक और पाठकों की रुचि के अनुरूप प्रस्तुत करना उनकी लेखन शैली की खासियत है. उन्होंने संस्कृत साहित्य से स्नातक के साथ जर्नलिज्म एंड मास कम्यूनिकेशन में मास्टर्स डिग्री हासिल की है.

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