गुरुवार को भूलकर भी ना खाएं ये चीजें, रुक जाएगी भगवान विष्णु की कृपा

Guruwar Ke Niyam: ज्योतिष शास्त्रों के अनुसार, बृहस्पतिवार के दिन कुछ विशेष वस्तुओं का सेवन करना वर्जित है. यदि कोई व्यक्ति गलती से इन निषिद्ध वस्तुओं का सेवन करता है, तो उसे गंभीर परिणाम भुगतने पड़ सकते हैं. आइए जानते हैं कि गुरुवार के दिन किन चीजों का सेवन नहीं करना चाहिए.

Guruwar Ke Niyam: हिंदू धर्म में सभी देवी-देवताओं के लिए विशेष दिन निर्धारित हैं, उसी प्रकार गुरुवार का दिन भगवान विष्णु के लिए समर्पित है. इस दिन श्रीहरि की विधिपूर्वक पूजा-अर्चना की जाती है. इसके साथ ही, इस दिन कुछ विशेष नियमों का पालन करना अत्यंत आवश्यक होता है, जिसमें आहार संबंधी नियम भी शामिल हैं. गुरुवार के दिन कई चीजों को खाने से परहेज करना चाहिए, यहां से जानें.

गुरुवार के दिन ना खाएं केला

गुरुवार के दिन केला न खाने की सलाह दी जाती है. धार्मिक दृष्टिकोण से, यह माना जाता है कि केले के वृक्ष में देवगुरु बृहस्पति का निवास होता है और भगवान विष्णु भी इस वृक्ष में रहते हैं. इसलिए, इस दिन केले के पेड़ की पूजा की जाती है. ज्योतिष विशेषज्ञ डॉ. अरविंद मिश्र के अनुसार, भगवान विष्णु को भोग अर्पित करने के बाद केले का दान करना चाहिए, लेकिन व्रति या पूजा करने वाले व्यक्तियों को इस दिन केला नहीं खाना चाहिए.

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गुरुवार के दिन ना खाएं खिचड़ी

गुरुवार के दिन खिचड़ी का सेवन भी नहीं करना चाहिए. यह माना जाता है कि इस दिन खिचड़ी खाने से ग्रहों की स्थिति कमजोर हो जाती है, जिससे भाग्य का साथ नहीं मिलता. इसके अतिरिक्त, खिचड़ी खाने से घर में आर्थिक तंगी का सामना करना पड़ सकता है, जिससे आय में कमी और खर्चों में वृद्धि हो सकती है.

गुरुवार के दिन निम्नलिखित कार्य करें

सूर्योदय से पूर्व शुद्ध होकर भगवान श्री हरि विष्णु के समक्ष गाय के शुद्ध देसी घी का दीपक प्रज्वलित करें. इस दिन पीली वस्तुओं का दान करना लाभकारी होता है. केले के वृक्ष की जड़ में जल अर्पित करना चाहिए. गुरु के 108 नामों का जाप करने से शीघ्र ही जीवनसाथी की खोज पूरी होती है. इस दिन केसर, पीला चंदन या हल्दी का दान करना अत्यंत शुभ माना जाता है. इससे घर में सुख-शांति और स्वास्थ्य की वृद्धि होती है.

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लेखक के बारे में

By Shaurya Punj

मैंने डिजिटल मीडिया में 15 वर्षों से अधिक का अनुभव हासिल किया है. पिछले 6 वर्षों से मैं विशेष रूप से धर्म और ज्योतिष विषयों पर सक्रिय रूप से लेखन कर रहा हूं. ये मेरे प्रमुख विषय हैं और इन्हीं पर किया गया काम मेरी पहचान बन चुका है. हस्तरेखा शास्त्र, राशियों के स्वभाव और उनके गुणों से जुड़ी सामग्री तैयार करने में मेरी निरंतर भागीदारी रही है. रांची के सेंट जेवियर्स कॉलेज से मास कम्युनिकेशन में स्नातक की डिग्री प्राप्त करने के बाद. इसके साथ साथ कंटेंट राइटिंग और मीडिया से जुड़े विभिन्न क्षेत्रों में काम करते हुए मेरी मजबूत पकड़ बनी. इसके अलावा, एंटरटेनमेंट, लाइफस्टाइल और शिक्षा जैसे विषयों पर भी मैंने गहराई से लेखन किया है, जिससे मेरी लेखन शैली संतुलित, भरोसेमंद और पाठक-केंद्रित बनी है.

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