Guru Pradosh Vrat 2026: सितंबर का दूसरा प्रदोष व्रत कब है? जानें सही तारीख, शुभ मुहूर्त और पूजा विधि

Guru Pradosh Vrat 2026: सितंबर महीने का दूसरा प्रदोष व्रत गुरु प्रदोष के रूप में रखा जाएगा. इस दिन भगवान शिव की पूजा का विशेष महत्व है. यहां जानें गुरु प्रदोष व्रत की सही तारीख, पूजा का शुभ मुहूर्त, पूजा विधि और व्रत से जुड़े जरूरी नियम.

Guru Pradosh Vrat 2026: प्रदोष व्रत महादेव को समर्पित हिंदू धर्म का एक व्रत है. यह व्रत हर माह के शुक्ल और कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि को रखा जाता है. सितंबर महीने का पहला प्रदोष व्रत 8 सितंबर को मनाया जा चुका है. अब दूसरा प्रदोष व्रत 24 सितंबर, गुरुवार को रखा जाएगा. गुरुवार के दिन पड़ने के कारण इसे गुरु प्रदोष व्रत कहा जाता है. धार्मिक मान्यता है कि गुरु प्रदोष का व्रत करने से साधक को ज्ञान, सौभाग्य, संतान सुख और वैवाहिक जीवन में खुशहाली का आशीर्वाद प्राप्त होता है.

भगवान शिव (एआई तस्वीर)

गुरु प्रदोष व्रत 2026: तिथि और शुभ मुहूर्त

  • प्रदोष व्रत तिथि: 24 सितंबर 2026, गुरुवार
  • त्रयोदशी तिथि प्रारंभ: 23 सितंबर 2026 को रात 10:50 बजे
  • त्रयोदशी तिथि समाप्त: 24 सितंबर 2026 को रात 11:18 बजे
  • प्रदोष काल पूजा मुहूर्त: शाम 05:43 बजे से रात 08:06 बजे तक

गुरु प्रदोष व्रत की पूजा विधि

भगवान शिव की पूजा करते हुए सांकेतिक तस्वीर (एआई)
  • सुबह जल्दी उठकर स्नान करें और स्वच्छ वस्त्र धारण करें. इसके बाद भगवान शिव का ध्यान करते हुए व्रत का संकल्प लें.
  • पूजा का मुहूर्त शुरू होने के बाद उत्तर-पूर्व दिशा यानी ईशान कोण की ओर मुख करके बैठें. शिवलिंग पर गंगाजल, कच्चे दूध, दही, घी, शहद और शक्कर से अभिषेक करें.
  • अभिषेक के बाद भगवान शिव को चंदन, अक्षत, सफेद फूल, बेलपत्र, भांग और धतूरा अर्पित करें. धूप-बत्ती और अगरबत्ती जलाएं. इसके बाद भगवान को मिठाई और फलों का भोग लगाएं.
  • फिर भगवान शिव के मंत्रों का जाप करें. इसके बाद प्रदोष व्रत कथा और शिव चालीसा का पाठ करें. अंत में दीपक जलाकर भगवान शिव की आरती करें.

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प्रदोष व्रत के नियम

  • पूजा के दिन प्याज, लहसुन, मांस, मछली, अंडा और शराब जैसी तामसिक चीजों का सेवन न करें.
  • व्रत रखने वाले लोगों को दिन में सोने से बचना चाहिए. व्रत के दौरान दिन में सोना शुभ नहीं माना जाता है.
  • इस दिन किसी भी तरह का विवाद न करें और अपशब्दों का प्रयोग करने से बचें.
  • व्रत का संकल्प लेने के बाद इसे बीच में न छोड़ें.

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लेखक के बारे में

By नेहा कुमारी

नेहा कुमारी वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल में धर्म बीट पर कंटेंट राइटर के रूप में कार्यरत हैं. वह व्रत-त्योहार, राशिफल, पंचांग, ज्योतिष, शुभ मुहूर्त, पौराणिक कथाओं और भारतीय संस्कृति से जुड़े विषयों पर लेख लिखती हैं. उन्होंने वेस्ट बंगाल स्टेट यूनिवर्सिटी से मास्टर ऑफ जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन की डिग्री प्राप्त की है.

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