महाकुंभ के बाद यहां लगेगा गंगासागर मेला, जानें हर डिटेल

Ganga Sagar Mela 2025: क कहावत भी है सब तीरथ बार-बार गंगा सागर एक बार. मान्यता है कि गंगा सागर स्नान से 100 अश्वमेध यज्ञ जैसा पुण्य फल मिल जाता है. ये मेला मकर संक्रांति के समय पर लगता है. सूर्य जब मकर राशि में प्रवेश करता है तब गंगा सागर स्नान का विशेष धार्मिक महत्व है.

Ganga Sagar Mela 2025: प्रयागराज के महाकुंभ का अनुभव करने और गंगा में स्नान करने के लिए विश्वभर से लोग आते हैं, ठीक उसी प्रकार गंगा सागर में भी बड़ी संख्या में लोग पहुंचते हैं. मकर संक्रांति के अवसर पर यहां एक विशाल मेला आयोजित होता है, जिसे लोग बड़े उत्साह के साथ मनाते हैं. लेकिन, यह जानना आवश्यक है कि गंगा सागर तक कैसे पहुंचा जा सकता है. गंगा सागर जाने के लिए क्या मार्ग हैं और यहां घूमने के लिए कौन-कौन सी गतिविधियाँ उपलब्ध हैं, आइए इन सभी पहलुओं पर विस्तार से चर्चा करते हैं.

मकर संक्रांति के अवसर पर गंगासागर में स्नान करना अत्यंत शुभ माना जाता है. 14 जनवरी को दोपहर 2.58 बजे के बाद पुण्य स्नान का समय निर्धारित किया गया है. यह विश्वास किया जाता है कि इस स्नान से न केवल पापों का नाश होता है, बल्कि यह स्वास्थ्य को भी बेहतर बनाता है. हालांकि स्नान का समय 14 जनवरी को है, गंगासागर मेला पहले से ही आरंभ हो जाता है. यह स्थान जनवरी में कोलकाता में घूमने के लिए एक उत्कृष्ट विकल्प है.

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हिंदू धर्म में गंगा सागर मेला का महत्व

गंगा सागर स्नान हिंदू धर्म में अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है. यह मेला बंगाल में बड़े धूमधाम से आयोजित किया जाता है. मान्यता है कि गंगा सागर स्नान करने से 100 अश्वमेध यज्ञ के समान पुण्य की प्राप्ति होती है, साथ ही यह पापों से मुक्ति का भी साधन है।

ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, यह वह दिन है जब सूर्य धनु राशि से मकर राशि में प्रवेश करता है. हिंदू संस्कृति में, यह दिन शुभ समय की शुरुआत का प्रतीक माना जाता है. इसके पश्चात सभी शुभ कार्य जैसे विवाह, सगाई, और अन्य अनुष्ठान आरंभ किए जा सकते हैं.

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Author: Shaurya Punj

शौर्य पुंज डिजिटल मीडिया में पत्रकार हैं और वर्तमान में प्रभातखबर.कॉम में सीनियर कंटेंट राइटर हैं. उन्हें न्यूज वर्ल्ड में 15 वर्षों से अधिक का अनुभव है. शौर्य खबरों की नब्ज को समझकर उसे आसान और प्रभावी भाषा में पाठकों तक पहुंचाने में माहिर हैं. साल 2008 में ग्रेजुएशन के दौरान उन्होंने दैनिक हिंदुस्तान, प्रभात खबर, दैनिक जागरण और तरंग भारती (हिंदी पाक्षिक समाचार पत्र) के लिए फ्रीलांसिंग की. वर्ष 2011 में उन्होंने दैनिक जागरण के टैब्लॉइड समाचार पत्र iNext में दो महीने की इंटर्नशिप की. इसी दौरान उन्हें प्रभात खबर के डिजिटल सेक्शन में काम करने का अवसर मिला. अप्रैल 2011 से उन्होंने प्रभातखबर.कॉम के एंटरटेनमेंट सेक्शन के लिए कार्य करना शुरू किया. उस समय उन्होंने बॉलीवुड फिल्म रिव्यू, बॉक्स ऑफिस बिजनेस और एंटरटेनमेंट गॉसिप जैसी खबरों पर काम किया. साल 2020 में कोरोना काल के दौरान उन्हें लाइफस्टाइल, धर्म-कर्म, एजुकेशन और हेल्थ जैसे नॉन-न्यूज सेक्शन में काम करने का अवसर मिला. उन्होंने लाइफस्टाइल कैटेगरी के कई महत्वपूर्ण सेक्शनों में योगदान दिया. Health & Fitness सेक्शन में डाइट, योग, वेट लॉस, मानसिक स्वास्थ्य और फिटनेस टिप्स से जुड़े उपयोगी कंटेंट पर कार्य किया. Beauty & Fashion सेक्शन में स्किन केयर, हेयर केयर, मेकअप और ट्रेंडिंग फैशन विषयों पर लेख तैयार किए. Relationship & Family कैटेगरी में पति-पत्नी संबंध, डेटिंग, पैरेंटिंग और दोस्ती जैसे विषयों पर जानकारीपूर्ण कंटेंट लिखा. Food & Recipes सेक्शन में हेल्दी फूड, रेसिपी और किचन टिप्स से संबंधित सामग्री विकसित की. Travel सेक्शन के लिए घूमने की जगहों, बजट ट्रिप और ट्रैवल टिप्स पर लेखन किया. Astrology / Vastu में राशिफल, वास्तु टिप्स और ज्योतिष आधारित कंटेंट पर काम किया. Career & Motivation सेक्शन में सेल्फ-इम्प्रूवमेंट, मोटिवेशन और पर्सनैलिटी डेवलपमेंट विषयों पर योगदान दिया. Festival & Culture सेक्शन में त्योहारों की परंपराएं, पूजा विधि और शुभ मुहूर्त से संबंधित कंटेंट पर कार्य किया. इसके अलावा Women Lifestyle / Men Lifestyle और Health Education & Wellness जैसे विषयों पर भी मर्यादित एवं जानकारीपूर्ण लेखन के माध्यम से योगदान दिया. साल 2023 से शौर्य ने पूरी तरह से प्रभातखबर.कॉम के धर्म-कर्म और राशिफल सेक्शन में अपना योगदान देना शुरू किया. इस दौरान उन्होंने दैनिक राशिफल, साप्ताहिक एवं मासिक भविष्यफल, पूजा-पाठ, व्रत-त्योहार, शुभ मुहूर्त, ज्योतिषीय उपाय, वास्तु टिप्स और धार्मिक मान्यताओं से जुड़ी खबरों पर विशेष फोकस किया. साथ ही पाठकों की रुचि को ध्यान में रखते हुए सरल, सहज और जानकारीपूर्ण धार्मिक कंटेंट तैयार करने पर लगातार कार्य किया. रांची में जन्मे शौर्य की प्रारंभिक शिक्षा डीएवी पब्लिक स्कूल, हेहल, रांची से हुई. इसके बाद उन्होंने सेंट जेवियर्स कॉलेज, रांची से मास कम्यूनिकेशन एण्ड वीडियो प्रोडक्शन में बी.ए. ऑनर्स की डिग्री प्राप्त की. यह शैक्षणिक पृष्ठभूमि उन्हें हिंदी पत्रकारिता की वह विशेषज्ञता प्रदान करती है, जो पत्रकारिता के मूल सिद्धांत 5Ws और 1H — क्या, कौन, कहां, कब, क्यों और कैसे — के आधार पर प्रभावी और तथ्यपूर्ण समाचार लेखन के लिए आवश्यक मानी जाती है.

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