गजानन संकष्टी चतुर्थी पर करें गणेश चालीसा का पाठ, दूर होंगे सभी विघ्न और संकट

साल 2026 में 2 अगस्त को मनाई जाने वाली गजानन संकष्टी चतुर्थी का शुभ अवसर आ रहा है। इस पावन दिन गणेश चालीसा का पाठ करने से जीवन के सभी संकट दूर होते हैं और सुख-समृद्धि का आशीर्वाद प्राप्त होता है।

Gajanana Sankashti Chaturthi 2026: सावन माह के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि को गजानन संकष्टी चतुर्थी का पावन त्योहार मनाया जाता है. साल 2026 में यह त्योहार 2 अगस्त रविवार के दिन मनाया जा रहा है. धार्मिक मान्यता है कि इस दिन भगवान गणपति की विधि-विधान से पूजा करने और गणेश चालीसा का श्रद्धापूर्वक पाठ करने से जीवन के सभी संकट दूर होते हैं. साथ ही बुद्धि, विवेक, सुख, समृद्धि और सफलता का आशीर्वाद प्राप्त होता है. 

गणेश चालीसा

॥ दोहा ॥

जय गणपति सद्गुण सदन, कविवर बदन कृपाल. विघ्न हरण मंगल करण, जय जय गिरिजालाल॥

॥ चौपाई ॥

जय जय जय गणपति गणराजू. मंगल भरण करण शुभ काजू॥

जय गजबदन सदन सुखदाता. विश्व विनायक बुद्धि विधाता॥

वक्रतुंड शुचि शुंड सुहावन. तिलक त्रिपुंड भाल मन भावन॥

राजित मणि मुक्तन उर माला. स्वर्ण मुकुट शिर नयन विशाला॥

पुस्तक पाणि कुठार त्रिशूलं. मोदक भोग सुगंधित फूलं॥

सुंदर पीताम्बर तन साजित. चरण पादुका मुनि मन राजित॥

धनि शिवसुवन षडानन भ्राता. गौरी ललन विश्व विख्याता॥

ऋद्धि सिद्धि तव चंवर सुधारे. मूषक वाहन सोहत द्वारे॥

कहौ जन्म शुभ कथा तुम्हारी. अति शुचि पावन मंगलकारी॥

एक समय गिरिराज कुमारी. पुत्र हेतु तप कीन्हा भारी॥

भयो यज्ञ जब पूर्ण अनूपा. तब पहुंच्यो तुम धरि द्विज रूपा॥

अतिथि जानि कै गौरी सुखारी. बहुविधि सेवा करी तुम्हारी॥

अति प्रसन्न ह्वै तुम वर दीन्हा. मातु पुत्र हित जो तप कीन्हा॥

मिलहि पुत्र तुहि बुद्धि विशाला. बिना गर्भ धारण यहि काला॥

गणनायक गुण ज्ञान निधाना. पूजित प्रथम रूप भगवाना॥

अस कहि अंतर्धान रूप ह्वै. पलना पर बालक स्वरूप ह्वै॥

बनि शिशु रुदन जबहिं तुम ठाना. लखि मुख सुख नहिं गौरि समाना॥

सकल मगन सुख मंगल गावहिं. नभ ते सुरन सुमन बरसावहिं॥

शंभु उमा बहुदान लुटावहिं. सुर मुनिजन सुत देखन आवहिं॥

लखि अति आनंद मंगल साजा. देखन भी आए शनि राजा॥

निज अवगुण गुनि शनि मन माहीं. बालक देखन चाहत नाहीं॥

गिरिजा कछु मन भेद बढ़ायो. उत्सव मोर न शनि तुहि भायो॥

कहत लगे शनि मन सकुचाई. का करिहौ शिशु मोहि दिखाई॥

नहिं विश्वास उमा उर भयऊ. शनि सों बालक देखन कहयऊ॥

पड़तहिं शनि दृग कोन प्रकाशा. बालक सिर उड़ि गयो अकासा॥

गिरिजा गिरीं विकल ह्वै धरणी. सो दुख दशा गयो नहिं बरनी॥

हाहाकार मच्यो कैलासा. शनि कीन्हों लखि सुत को नाशा॥

तुरत गरुड़ चढ़ि विष्णु सिधाए. काटि चक्र सो गज सिर लाए॥

बालक के धड़ ऊपर धारयो. प्राण मंत्र पढ़ि शंकर डारयो॥

नाम गणेश शंभु तब कीन्हे. प्रथम पूज्य बुद्धि निधि वर दीन्हे॥

बुद्धि परीक्षा जब शिव कीन्हा. पृथ्वी कर प्रदक्षिणा लीन्हा॥

चले षडानन भ्रमि भुलाई. रचे बैठि तुम बुद्धि उपाई॥

चरण मातु पितु के धर लीन्हें. तिनके सात प्रदक्षिण कीन्हें॥

धनि गणेश कहि शिव हिय हरषे. नभ ते सुरन सुमन बहु बरसे॥

तुम्हरी महिमा बुद्धि बड़ाई. शेष सहस मुख सके न गाई॥

मैं मतिहीन मलीन दुखारी. करहुं कौन विधि विनय तुम्हारी॥

भजत रामसुंदर प्रभुदासा. जग प्रयाग ककरा दुर्वासा॥

अब प्रभु दया दीन पर कीजै. अपनी शक्ति भक्ति कुछ दीजै॥

॥ दोहा ॥

श्री गणेश यह चालीसा, पाठ करे कर ध्यान. नित नव मंगल गृह बसै, लहे जगत सम्मान॥

संबंधित पाठ करे जो कोई. भक्ति सहित सुख पावे सोई॥

गणेश चालीसा पाठ के लाभ

  • भगवान गणेश की कृपा से कार्यों में आ रही बाधाएं दूर होती हैं.
  • परिवार में सुख, शांति और समृद्धि बनी रहती है.
  • बुद्धि, विवेक और निर्णय लेने की क्षमता में वृद्धि होती है.
  • नौकरी, व्यापार और शिक्षा में सफलता मिलने की मान्यता है.
  • नकारात्मक ऊर्जा दूर होकर सकारात्मकता का संचार होता है.

यह भी पढ़ें: गजानन संकष्टी चतुर्थी आज: जानें शुभ मुहूर्त, पूजा विधि, मंत्र, आरती, चंद्रोदय का समय


प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी

लेखक के बारे में

By Neha Kumari

नेहा कुमारी वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल में धर्म बीट पर कंटेंट राइटर के रूप में कार्यरत हैं. वह व्रत-त्योहार, राशिफल, पंचांग, ज्योतिष, शुभ मुहूर्त, पौराणिक कथाओं और भारतीय संस्कृति से जुड़े विषयों पर लेख लिखती हैं. उन्होंने वेस्ट बंगाल स्टेट यूनिवर्सिटी से मास्टर ऑफ जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन की डिग्री प्राप्त की है.

डिजिटल पत्रकारिता में उन्होंने धर्म, ज्योतिष और भारतीय परंपराओं से जुड़े विषयों पर विशेष अनुभव हासिल किया है. उनका उद्देश्य पाठकों तक सरल भाषा में सटीक, विश्वसनीय और उपयोगी जानकारी पहुंचाना है, ताकि वे धार्मिक और सांस्कृतिक विषयों को आसानी से समझ सकें.

Read More
ePaper

अपने दैनिक समाचार अनुभव को और बेहतरीन बनाएं

सिर्फ ₹399 ₹149

एक साल के लिए

आज ही सब्सक्राइब करें

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >