Gajanana Sankashti Chaturthi 2026: हिंदू धर्म में प्रत्येक माह के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि को संकष्टी चतुर्थी का व्रत रखा जाता है. हर माह आने वाली संकष्टी चतुर्थी का नाम और धार्मिक महत्व अलग-अलग होता है. सावन माह में पड़ने वाली संकष्टी चतुर्थी को गजानन संकष्टी चतुर्थी कहा जाता है. सावन भगवान शिव का प्रिय महीना है और भगवान गणेश उनके पुत्र हैं. ऐसे में मान्याता है कि इस महा गणपति बप्पा की विधि-विधान से पूजा करने पर भक्तों को अपार पुण्य की प्राप्ति होती है, जीवन के सभी विघ्न-बाधाएं दूर होती हैं और घर में सुख-समृद्धि का वास होता है.
गजानन संकष्टी चतुर्थी 2026 की तिथि
वैदिक पंचांग के अनुसार, सावन माह के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि का प्रारंभ और समापन इस प्रकार होगा—
- चतुर्थी तिथि प्रारंभ: 1 अगस्त 2026, शनिवार, रात 11:07 बजे
- चतुर्थी तिथि समाप्त: 2 अगस्त 2026, रविवार, रात 11:15 बजे
उदयातिथि और चंद्रोदय के समय के अनुसार, गजानन संकष्टी चतुर्थी का व्रत 2 अगस्त 2026, रविवार को रखा जाएगा.
गजानन संकष्टी चतुर्थी 2026: शुभ मुहूर्त
- सुबह की पूजा का मुहूर्त: प्रातः 7:25 बजे से दोपहर 12:26 बजे तक
- अभिजीत मुहूर्त: दोपहर 12:00 बजे से 12:53 बजे तक
- ब्रह्म मुहूर्त: प्रातः 4:18 बजे से 5:02 बजे तक
गजानन संकष्टी चतुर्थी 2026 चंद्रोदय का समय
संकष्टी चतुर्थी के व्रत में चंद्रमा के दर्शन और अर्घ्य का विशेष महत्व होता है.
- चंद्रोदय: रात 9:38 बजे.
गजानन संकष्टी चतुर्थी 2026 का धार्मिक महत्व
संकटों से मिलती है मुक्ति
धार्मिक मान्यता के अनुसार, गजानन संकष्टी चतुर्थी के दिन भगवान गणेश की पूजा और व्रत करने से जीवन के सभी विघ्न, संकट और बाधाएं दूर होती हैं. भगवान गणेश सुख, समृद्धि और सफलता का आशीर्वाद प्रदान करते हैं.
मिलता है शिव परिवार का आशीर्वाद
सावन भगवान शिव का प्रिय महीना है. ऐसे में इस दिन भगवान गणेश के साथ भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा करने से शिव परिवार की विशेष कृपा प्राप्त होती है.
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