Dhan yog in Kundali: जाने आपके कुंडली में कैसे बनता है धन योग

Dhan yog in Kundali: कुछ ग्रह के प्रभाव से व्यक्ति धनवान बनता है. आइए जानें किसी के कुंडली में कैसे धन योग बनता है

Dhan yog in Kundali: ज्योतिषशास्त्र के अनुसार व्यक्ति के जन्मकुंडलीमें कुछ ऐसे योग बने होते है, जो व्यक्ति के लिए बहुत ही लाभकारी होता है. कुछ ऐसे योग बनते है जो व्यक्ति को धन से परिपूर्ण कर देता है. ज्योतिषाचार्य संजीत कुमार मिश्रा के अनुसार व्यक्ति के जन्मकुंडली कभी -कभी किसी के जन्मकुंडली में ऐसा दिखाई देता है व्यक्ति कम समय में अपना करियर ऊंचाई पर लेकर जाते है और धन से परिपूर्ण हो जाते है, क्योंकि ऐसे लोगो के जन्मकुंडली में धन योग बना रहता है. ऐसे लोग कही भी किसी तरह से कार्य करेंगे चाहे छोटा हो बड़ा सभी कार्य में इसको उपलब्धि मिलती है. जिसे इनका धन का स्थिति ठीक रहता है. ज्योतिषशास्त्र में धन योग का निर्माण आपके ग्रह तथा नक्षत्र की चल की प्रभाव से धन योग का निर्माण बनता है. वैदिक शास्त्र में कुल 32 योग बनते है जिसमे कई राजयोग प्रदान करते है वही कई ऐसे ग्रह मिलकर मारक भी बना देते है. इसमें से कुछ ग्रह के प्रभाव से व्यक्ति धनवान बनता है कभी -कभी महादशा या अंतर्दशा के प्रभाव में व्यक्ति धनवान बन जाता है.आइए जानते है व्यक्ति के कुंडली में कैसे धन योग बनता है.

महालक्ष्मी योग

इस योग में व्यक्ति को अपार धन की प्राप्ति होती है व्यक्ति मालेमाल हो जाते है इस योग में जन्मे व्यक्ति को भाग्य खूब साथ देता है आपके जन्मकुंडली के नवम भाव के स्वामी अगर पांचवे भाव के स्वामी के साथ युति बन रहा हो तभी लक्ष्मी योग बनता है या जन्मकुंडली में चंद्रमा और मंगल एक साथ रहे तब यह योग बनता है लेकिन यह योग आपके जन्म कुंडली के दुसरे भाव,नवम भाव,एकादश भाव में इन दोनों ग्रहों का युति हो व्यक्ति मालेमाल होता है जिसे व्यक्ति को अच्छे फल देता है ऐसे योग में माता लक्ष्मी की कृपा बनी रहती है.

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लक्ष्मी योग

इस योग का निर्माण आपके जन्मकुंडली में नवम भाव के स्वामी लगन में हो क्योंकि जन्मकुंडली में नवम भाव को लक्ष्मी का स्थान माना जाता है नवम भाव के स्वामी अपने मित्र राशि के साथ हो स्वराशि में हो या उच्य या मूल त्रिकोण राशि में हो तब लक्ष्मी योग का निर्माण होता है ,इस योग से व्यक्ति को धन का लाभ मिलता है तथा व्यक्ति को यश,धन वैभव की प्राप्ति होती है .

गजकेसरी योग

गजकेसरी योग इस योग में चंद्रमा और वृहस्पति दोनों मिलकर इस योग का निर्माण करते है.यह योग जन्मकुंडली में बहुत ही प्रभावित करता है इस योग के कारण व्यक्ति ऊंचे पद प्रतिष्ठा पर पहुचता है धन का लाभ होता है यह योग जन्मकुंडली के पहला भाव चौथा भाव सातवा भाव तथा दशम भाव में हो आपको उत्तम लाभ मिलता है क्योंकि धन के स्वामी वृहस्पति है और मन के कारक चंद्रमा इन दोनों ग्रहों के मिलने से भौतिक संपदा तथा अध्यात्मिक ज्ञान की प्राप्ति होती है साथ ही धन और यश की प्राप्ति होती है.लेकिन आपको इस बात का ध्यान रखना पड़ेगा शनि और राहु का प्रभाव नहीं पड़े.

विष्णु योग

विष्णु योग बनने पर व्यक्ति धार्मिक हो जाता है उनके ऊपर धर्म का प्रभाव भरपूर बना रहता है जिसे व्यक्ति समृद्धिशाली बनता है साथ चतुर होते है.जन्मकुंडली में नवम भाव,दशम भाव,दुसरे भाव में बैठे हो या आपके नवमांश कुंडली में नवमेश दुसरे भाव में स्थिति हो या शुक्र लगन में हो देवगुरु वृहस्पति दशम भाव में हो सूर्य और मंगल 11 भाव में हो या दुसरे भाव में शुभ ग्रह होने के कारण विष्णु योग का निर्माण होता है .

महाधन योग

महाधन योग इस योग में दशम भाव तथा एकादश भाव के स्वामी दोनों ग्रह का एकादश भाव में युति बना हो व्यक्ति बहुत ही धनवान बन जाता है.ऐसे योग में व्यक्ति बहुत ही धनवान बनता है इस योग से पत्नी से लाभ मिलता है . जन्मकुंडली से सम्बंधित किसी भी तरह से जानकारी प्राप्त करने हेतु दिए गए नंबर पर फोन करके जानकारी प्राप्त कर सकते है .

ज्योतिषाचार्य संजीत कुमार मिश्रा
ज्योतिष वास्तु एवं रत्न विशेषज्ञ
8080426594/9545290847

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लेखक के बारे में

Author: Shaurya Punj

शौर्य पुंज डिजिटल मीडिया में पत्रकार हैं और वर्तमान में प्रभातखबर.कॉम में सीनियर कंटेंट राइटर हैं. उन्हें न्यूज वर्ल्ड में 15 वर्षों से अधिक का अनुभव है. शौर्य खबरों की नब्ज को समझकर उसे आसान और प्रभावी भाषा में पाठकों तक पहुंचाने में माहिर हैं. साल 2008 में ग्रेजुएशन के दौरान उन्होंने दैनिक हिंदुस्तान, प्रभात खबर, दैनिक जागरण और तरंग भारती (हिंदी पाक्षिक समाचार पत्र) के लिए फ्रीलांसिंग की. वर्ष 2011 में उन्होंने दैनिक जागरण के टैब्लॉइड समाचार पत्र iNext में दो महीने की इंटर्नशिप की. इसी दौरान उन्हें प्रभात खबर के डिजिटल सेक्शन में काम करने का अवसर मिला. अप्रैल 2011 से उन्होंने प्रभातखबर.कॉम के एंटरटेनमेंट सेक्शन के लिए कार्य करना शुरू किया. उस समय उन्होंने बॉलीवुड फिल्म रिव्यू, बॉक्स ऑफिस बिजनेस और एंटरटेनमेंट गॉसिप जैसी खबरों पर काम किया. साल 2020 में कोरोना काल के दौरान उन्हें लाइफस्टाइल, धर्म-कर्म, एजुकेशन और हेल्थ जैसे नॉन-न्यूज सेक्शन में काम करने का अवसर मिला. उन्होंने लाइफस्टाइल कैटेगरी के कई महत्वपूर्ण सेक्शनों में योगदान दिया. Health & Fitness सेक्शन में डाइट, योग, वेट लॉस, मानसिक स्वास्थ्य और फिटनेस टिप्स से जुड़े उपयोगी कंटेंट पर कार्य किया. Beauty & Fashion सेक्शन में स्किन केयर, हेयर केयर, मेकअप और ट्रेंडिंग फैशन विषयों पर लेख तैयार किए. Relationship & Family कैटेगरी में पति-पत्नी संबंध, डेटिंग, पैरेंटिंग और दोस्ती जैसे विषयों पर जानकारीपूर्ण कंटेंट लिखा. Food & Recipes सेक्शन में हेल्दी फूड, रेसिपी और किचन टिप्स से संबंधित सामग्री विकसित की. Travel सेक्शन के लिए घूमने की जगहों, बजट ट्रिप और ट्रैवल टिप्स पर लेखन किया. Astrology / Vastu में राशिफल, वास्तु टिप्स और ज्योतिष आधारित कंटेंट पर काम किया. Career & Motivation सेक्शन में सेल्फ-इम्प्रूवमेंट, मोटिवेशन और पर्सनैलिटी डेवलपमेंट विषयों पर योगदान दिया. Festival & Culture सेक्शन में त्योहारों की परंपराएं, पूजा विधि और शुभ मुहूर्त से संबंधित कंटेंट पर कार्य किया. इसके अलावा Women Lifestyle / Men Lifestyle और Health Education & Wellness जैसे विषयों पर भी मर्यादित एवं जानकारीपूर्ण लेखन के माध्यम से योगदान दिया. साल 2023 से शौर्य ने पूरी तरह से प्रभातखबर.कॉम के धर्म-कर्म और राशिफल सेक्शन में अपना योगदान देना शुरू किया. इस दौरान उन्होंने दैनिक राशिफल, साप्ताहिक एवं मासिक भविष्यफल, पूजा-पाठ, व्रत-त्योहार, शुभ मुहूर्त, ज्योतिषीय उपाय, वास्तु टिप्स और धार्मिक मान्यताओं से जुड़ी खबरों पर विशेष फोकस किया. साथ ही पाठकों की रुचि को ध्यान में रखते हुए सरल, सहज और जानकारीपूर्ण धार्मिक कंटेंट तैयार करने पर लगातार कार्य किया. रांची में जन्मे शौर्य की प्रारंभिक शिक्षा डीएवी पब्लिक स्कूल, हेहल, रांची से हुई. इसके बाद उन्होंने सेंट जेवियर्स कॉलेज, रांची से मास कम्यूनिकेशन एण्ड वीडियो प्रोडक्शन में बी.ए. ऑनर्स की डिग्री प्राप्त की. यह शैक्षणिक पृष्ठभूमि उन्हें हिंदी पत्रकारिता की वह विशेषज्ञता प्रदान करती है, जो पत्रकारिता के मूल सिद्धांत 5Ws और 1H — क्या, कौन, कहां, कब, क्यों और कैसे — के आधार पर प्रभावी और तथ्यपूर्ण समाचार लेखन के लिए आवश्यक मानी जाती है.

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