शुभंकर,सुलतानगंज,भागलपुर
Dak Bam Kanwariya: पीठ पर गंगाजल से भरी पीठिया, आंखों में बाबा बैद्यनाथ के दर्शन की ललक और कदमों में ऐसी रफ्तार कि रास्ते में ठहरना भी मंजूर नहीं. दूसरी सोमवारी पर सुलतानगंज के गंगा तट से डाकबमों का सैलाब बाबाधाम की ओर दौड़ पड़ा. गंगा जल उठाते ही इनके लिए एक ही संकल्प है बिना रुके 24 घंटे के भीतर बाबा बैद्यनाथ के दरबार पहुंचना और उत्तरवाहिनी गंगा का जल ज्योतिर्लिंग पर अर्पित करना. शरीर थकता है, सांसें फूलती हैं, लेकिन बाबा के प्रति आस्था कदमों को रुकने नहीं देती.
डाक कांवरियों के लिए यात्रा नहीं, कठिन साधना है
डाक कांवरियों के लिए यह केवल यात्रा नहीं, बल्कि कठिन साधना है. कांवरिया पथ पर एक जगह खड़े होने के बावजूद उनके पैर चलते रहते हैं. कई डाकबमों का कहना है कि रुक जाना उनकी साधना को तोड़ देता है. यही वजह है कि शरीर थकने के बावजूद उनके कदमों की रफ्तार नहीं थमती.
सुलतानगंज से बाबाधाम तक की इस यात्रा में उन्हें लगातार दौड़ते हुए आगे बढ़ना होता है. रास्ते की थकान, गर्मी और शारीरिक परेशानी के बावजूद उनके मन में सिर्फ एक लक्ष्य रहता है 24 घंटे के भीतर बाबा बैद्यनाथ के ज्योतिर्लिंग पर उत्तरवाहिनी गंगा का जल अर्पित करना.
नौकरी में तरक्की से लेकर पढ़ाई में सफलता की कामना
कांवरियों के बीच डाक जल की महत्ता को लेकर गहरा विश्वास है. डाकबमों का कहना है कि कठिन साधना के बाद बाबा पर जलार्पण करने से मन को ऐसी अनुभूति होती है, जिसे शब्दों में व्यक्त करना मुश्किल है.
कई श्रद्धालु नौकरी में तरक्की, कारोबार में सफलता, पढ़ाई में बेहतर परिणाम और परिवार की सुख-शांति की कामना लेकर डाक जल उठाते हैं. उनका विश्वास है कि बाबा बैद्यनाथ पर डाक जल अर्पित करने से मनोकामनाएं पूरी होती हैं और जीवन में सुख-शांति का मार्ग प्रशस्त होता है.
कठिन साधना के बाद जलार्पण का अद्भुत संतोष
डाकबमों के लिए सुलतानगंज से बाबाधाम तक की यात्रा शरीर की परीक्षा है, लेकिन आस्था उन्हें लगातार आगे बढ़ाती है. घंटों की दौड़ और कठिन यात्रा के बाद जब बाबा के दरबार में पहुंचकर जलार्पण करते हैं, तो उन्हें अद्भुत संतोष का अनुभव होता है.
कांवरिया पथ पर दौड़ते कदमों के साथ उनके मन में एक ही संकल्प रहता है बाबा के दरबार पहुंचना और उत्तरवाहिनी गंगा का जल ज्योतिर्लिंग पर अर्पित करना. थकान शरीर में है, लेकिन विश्वास कदमों में है और मंजिल केवल बाबा का दरबार.
हर कदम पर डाकबमों की मदद में जुटे सेवा शिविर
डाकबमों की कठिन यात्रा को देखते हुए कांवरिया पथ पर जगह-जगह सेवा शिविर लगाए गए हैं. इन शिविरों में डाक कांवरियों के लिए विभिन्न सुविधाएं उपलब्ध करायी जा रही हैं.
कहीं पानी और शरबत से श्रद्धालुओं की सेवा हो रही है, तो कहीं चिकित्सा और विश्राम की व्यवस्था की गयी है. डाकबमों की तेज रफ्तार के बीच सेवा शिविरों में मौजूद कार्यकर्ता भी पूरी तत्परता से उनकी मदद करते दिखे. इन सेवा शिविरों के जरिए श्रद्धालुओं को रास्ते में जरूरी सुविधाएं उपलब्ध करायी जा रही हैं, ताकि
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