Chhath Puja 2025: छठ पूजा के पावन अवसर पर दान का विशेष महत्व बताया गया है. माना जाता है कि अगर व्रती नहाय-खाय के दिन श्रद्धा से वस्तुओं का दान करें, तो सूर्य देव और छठी मैया की असीम कृपा प्राप्त होती है.
नहाये खाय के दिन इन चीजों का करें दान
सुख-संपन्नता के लिए चावल और दूध का दान करें: अगर आप घर में सुख और शांति चाहते हैं, तो नहाय-खाय के दिन अरवा चावल का दान करें. साधारण चावल भी दान किया जा सकता है. साथ ही दूध, दही और घी का दान करने से घर में बरकत और बनी रहती है.
पद-प्रतिष्ठा के लिए पीले कपड़े और फल दें: जो लोग मान-सम्मान और पद में वृद्धि चाहते हैं, वे चना दाल, मूंग दाल, केले, पपीते और पीले वस्त्र का दान करें. ऐसा करने से देवगुरु बृहस्पति प्रसन्न होते हैं और व्यक्ति के जीवन में सम्मान बढ़ता है.
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सूर्य देव की कृपा के लिए गुड़ और लाल वस्त्र चढ़ाएं: करियर या बिज़नेस में उन्नति चाहते हैं तो सूर्य देव को गुड़ और लाल रंग के कपड़े अर्पित करें. इस दान से सूर्य देव की कृपा मिलती है और सफलता के नए रास्ते खुलते हैं.
आर्थिक लाभ के लिए करें हरी वस्तुओं का दान: छठ पूजा के दौरान गन्ना, हरे फल और हरी सब्जियाँ (कद्दू) का दान करना अत्यंत शुभ होता है. ऐसा करने से बुध ग्रह की कृपा प्राप्त होती है, जिससे कारोबार और आर्थिक स्थिति मजबूत होती है.
इस दिन कद्दू का दान क्यों होता है खास
नहाय-खाय के दिन कद्दू का दान करना बहुत शुभ माना जाता है. धार्मिक परंपराओं के अनुसार, कद्दू एक सात्विक और पवित्र फल है, जिसे भगवान सूर्य और छठी मैया को चढ़ाना शुभ फल देता है. वैज्ञानिक दृष्टि से भी कद्दू सेहत के लिए फायदेमंद होता है. इसमें पानी की मात्रा ज्यादा होती है, जो शरीर को ठंडक और ऊर्जा दोनों देती है. इसके साथ ही इसमें फाइबर और एंटीऑक्सीडेंट्स पाए जाते हैं, जो पाचन को ठीक रखते हैं और रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाते हैं. इसलिए कहा जाता है कि छठ व्रत की शुरुआत कद्दू के दान से करने पर स्वास्थ्य और सुख दोनों की प्राप्ति होती है.
नहाय-खाय के दिन दान क्यों किया जाता है?
नहाय-खाय छठ पूजा का पहला दिन है. इस दिन दान करने से सूर्य देव और छठी मैया की कृपा मिलती है और घर में सुख, समृद्धि और मान-सम्मान बढ़ता है.
क्या कद्दू किसी भी समय दान किया जा सकता है?
नहीं, कद्दू का दान सुबह स्नान के बाद और नहाय-खाय की पूजा पूरी करने के पश्चात करना सबसे शुभ माना जाता है.
क्या दान केवल व्रती ही कर सकते हैं?
नहीं, परिवार के अन्य सदस्य भी श्रद्धा और भक्ति से दान कर सकते हैं. इससे पूरे परिवार को पुण्य फल मिलता है.
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