Maa Skandmata Ki Aarti: चैत्र नवरात्रि के पांचवें दिन मां स्कंदमाता की पूजा की जाती है, जो भगवान कार्तिकेय की माता मानी जाती हैं. मां स्कंदमाता को मातृत्व, करुणा और ममता की देवी कहा जाता है. इस दिन उनकी आराधना करने से भक्तों को संतान सुख, समृद्धि और मानसिक शांति की प्राप्ति होती है. मां स्कंदमाता की कृपा से जीवन के कष्ट दूर होते हैं और घर-परिवार में खुशहाली आती है. पूजा के बाद आरती जरूर करनी चाहिए, क्योंकि आरती के बिना पूजा अधूरी रह जाती है.
मां स्कंदमाता की आरती | Maa Skandmata Ki Aarti
जय तेरी हो स्कंद माता.
पांचवां नाम तुम्हारा आता..
सबके मन की जानन हारी,
जग जननी सबकी महतारी..
तेरी ज्योत जलाता रहूं मैं,
हरदम तुझे ध्याता रहूं मैं..
कई नामों से तुझे पुकारा,
मुझे एक है तेरा सहारा..
कहीं पहाड़ों पर है डेरा,
कई शहरों में तेरा बसेरा..
हर मंदिर में तेरे नज़ारे,
गुण गाए तेरे भक्त प्यारे..
भक्ति अपनी मुझे दिला दो,
शक्ति मेरी बिगड़ी बना दो..
इंद्र आदि देवता मिल सारे,
करें पुकार तुम्हारे द्वारे..
दुष्ट दैत्य जब चढ़कर आए,
तू ही खड़्ग हाथ उठाए..
दासों को सदा बचाने आई,
भक्त की आस पुजाने आई..
मां स्कंदमाता को इन चीजों का लगाएं भोग
- मां स्कंदमाता को केले का भोग लगाना अत्यंत शुभ और फलदायी माना जाता है.
- इस दिन केले से बनी खीर या मिठाई का प्रसाद अर्पित करना अच्छा माना जाता है.
- पीले रंग के फल चढ़ाने से घर में सुख और समृद्धि का वास होता है.
- केले का प्रसाद बच्चों में बांटने से संतान सुख और समृद्धि बढ़ती है.
- भगवान कार्तिकेय के साथ मां स्कंदमाता की पूजा करने से परिवार में खुशहाली आती है.
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